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अलीगढ़ : भागलपुर ट्रेन डकैती के मुख्य आरोपी को सात साल की कैद

Sat, 07 May 2022 01:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2022 01:45 AM IST
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Main accused of Bhagalpur train robbery jailed for seven years
दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर गाजियाबाद से टूंडला के मध्य दिल्ली-भागलपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) ट्रेन डकैती कांड में अदालत का फैसला आ गया है। घटना के मुख्य आरोपी को अदालत ने जुर्म स्वीकारने पर सात साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे-13 नंद प्रताप ओझा की अदालत ने सुनाया है। अभी इस कांड में पांच अन्य आरोपियों की पत्रावली लंबित है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी सुधाकर कुलश्रेष्ठ के अनुसार, घटना 24/25 दिसंबर 2013 की रात की है। वादी कानपुर के अंकित मिश्रा व अन्य 8/10 यात्रियों की ओर से जीआरपी इटावा थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें आरोप है कि सभी यात्री दिल्ली-भागलपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) ट्रेन -12350 में सवार होकर कानपुर जा रहे थे। सभी यात्री इंजन के बाद तीसरी जनरल बोगी में सवार थे। रात करीब 11.45 बजे ट्रेन दिल्ली से रवाना हुई और जैसे ही गाजियाबाद स्टेशन निकलने लगा, तभी यात्रियों के बीच बैठे आठ-दस बदमाशों चाकू, चापड़, तमंचे आदि हथियार निकालकर डराना धमकाना शुरू कर दिया और सभी को सिर नीचे झुकाकर चुपचाप बैठा दिया, जिसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की और चाकू आदि से जख्मी कर दिया।
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इस दौरान यात्रियों से लूटपाट की और टूंडला स्टेशन के आउटर पर ट्रेन धीमी होने पर सभी बदमाश उतरकर भाग गए। इसके बाद यात्रियों ने जीआरपी कंट्रोल को सूचना दी और इटावा में ट्रेन के रुकने पर तहरीर दी गई, जिसमें अंकित, मो. कादिर, विनोद, मो. जावेद, मो. मुकीम के जख्मी होने का उल्लेख था। यात्रियों से दो लैपटॉप, एक टैबलेट, आधा दर्जन से अधिक मोबाइल, नकदी व अन्य कीमती सामान लूटने की बात कही गई थी।
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जीआरपी इटावा ने मुकदमा दर्ज कर मामला अलीगढ़ जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया। जनवरी 2014 से इसकी विवेचना हुई। इस दौरान मुख्य आरोपी शिवा उर्फ शिवम निवासी बाबा परमहंस नगर दिबियापुर औरैया के अलावा उसके साथी शाहिद, दीपक, संजय, सत्यम व कमल के नाम उजागर हुए। पुलिस में गिरफ्तारी व चार्जशीट आदि की प्रक्रिया हुई। न्यायालय में 27 अक्तूबर 2018 को शिवम उर्फ शिवा की पत्रावली अलग हो गई, जबकि अन्य की पत्रावली अलग हो गई। ट्रायल के दौरान शिवम द्वारा जुर्म स्वीकार किया गया, जिसके आधार पर उसे सात वर्ष सजा व तीन हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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