महाशिवरात्रि मौके पर जलाभिषेक करने वाले कांवड़ियों ने रविवार को गंगा स्नान कर गंगाघाट, राजघाट, रामघाट और नरौरा घाट से अपनी कांवड़ भरी। इसके बाद वह रामघाट रोड पर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़े। भोले की भक्ति में डूबे श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते गाते चल रहे थे। जहां कहीं कदम रुक जाते, वहीं बोल बम या बम बम भोले का जयकारा लगाकर अपनी चाल फिर तेज कर देते। भक्तों की ऊर्जा और भक्ति से महानगर और रामघाट रोड में आस्था का सैलाब हिलोरे मारता रहा। अनुमान के मुताबिक, शहर से करीब चार से पांच लाख श्रद्धालु गुजरे। ऐसे में रामघाट रोड पर मेले जैसा माहौल रहा।
रामघाट रोड के बाद कांवड़िए अनूपशहर रोड, मथुरा रोड, आगरा रोड और जीटी रोड की तरफ अपने-अपने स्थानीय मंदिरों के लिए निकले। शहर में हर तरफ समाजसेवियों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक पार्टियों, शिक्षण संस्थानों ने शिविर लगाकर भोले के भक्तों की सेवा की। शिविरों में दूध, पेठा, फल, मिठाई, दूध, चीला, पावभाजी, पूरी-सब्जी, पानी, चाय आदि की व्यवस्था थी। लोगों ने अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार कांवड़ियों की सेवा की। विभिन्न शिविरों में नहाने और आराम करने के साथ कांवड़ियों को व्यंजन परोसे गए। कुछ शिविरों में तो दोपहर से लेकर देर रात तक भीड़ उमड़ी। डीजे पर बज रहे भजनों पर कांवड़ियों के साथ श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य भी किया। इसके अलावा कई कांवड़िए टेंपो, लोडर या ट्रैक्ट्रर ट्रॉली में डीजे बजाते हुए चल रहे थे। इस दौरान डाक कांवड़ कम देखने को मिली। जबकि सामूहिक कांवड़ लेकर कई लोग जा रहे थे। रविवार सुबह से शुरू हुई कांवड़ियों की भीड़ देर रात तक चार गुना बढ़ गई। कांवड़ियों के लिए रामघाट रोड, जीटी रोड, आगरा रोड, मथुरा रोड पर सैकड़ों की संख्या में शिविर लगे हुए थे। इन शिविरों में जगह-जगह स्वास्थ्य के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। डॉक्टर-स्टाफ के साथ एंबुलेंस भी तत्पर थी। जरूरत पड़ने पर कांवड़ियों को दवाएं देकर उपचार किया गया।

मीनाक्षी पुल पर महाशिव रात्रि पर कांवड लेकर जाते कांवड़िया । - फोटो : CITY OFFICE