{"_id":"6ab43d7cc9de9cfc640344d8","slug":"mahant-of-bhojtal-ashram-passes-away-due-to-cardiac-arrest-aligarh-news-c-426-1-sali1004-2377-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: भोजताल आश्रम के महंत का हृदयगति रुकने से निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: भोजताल आश्रम के महंत का हृदयगति रुकने से निधन
Thu, 24 Sep 2026 02:28 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Thu, 24 Sep 2026 02:28 AM IST
विज्ञापन
महंत दुर्गाजी गिरि महाराज पागल बाबा।
- फोटो : samvad
भोजपुर गांव के प्राचीन भोजताल आश्रम के महंत व श्री पंचदशनाम अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव महंत दुर्गा गिरि महाराज उर्फ पागल बाबा (65) का बुधवार की सुबह वाराणसी में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। यह खबर पहुंचते ही चंडौस क्षेत्र में उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई है। अनुयायी उनका पार्थिव शरीर लाने के लिए वाराणसी गए हैं।
भोजताल आश्रम की व्यवस्था देखने वाले संत रामलखन गिरि ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे महंत का अंतिम संस्कार संत परंपरा के अनुसार भोजताल आश्रम में किया जाएगा। महंत दुर्गा गिरि महाराज चार दिन पहले आश्रम से वाराणसी के दूधनाथ महादेव मंदिर गए थे। बुधवार की सुबह करीब तीन बजे उनके सीने में दर्द उठा तो साथी संत उन्हें लेकर हाॅस्पिटल पहुंचे। इलाज के दौरान सुबह करीब 8 बजे उनका निधन हो गया।
महंत के प्रयासों से पर्यटन स्थल घोषित हुआ भोजताल आश्रम
महंत दुर्गा गिरि महाराज बाल योगी थे और वे तीन दशक पहले 35 वर्ष की आयु में भोजताल आश्रम आए थे। भोजताल आश्रम को उन्होंने चंडौस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल बनाया। उनके प्रयास से आश्रम में हर साल करीब 10 धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। आश्रम पर कई प्रांतों के लोग प्रति वर्ष आते हैं। महंत के प्रयासों के चलते ही भारत सरकार ने वर्ष 2008 में आश्रम को पर्यटन स्थल घोषित किया था। सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर आश्रम का सुंदरीकरण कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भोजताल आश्रम की व्यवस्था देखने वाले संत रामलखन गिरि ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे महंत का अंतिम संस्कार संत परंपरा के अनुसार भोजताल आश्रम में किया जाएगा। महंत दुर्गा गिरि महाराज चार दिन पहले आश्रम से वाराणसी के दूधनाथ महादेव मंदिर गए थे। बुधवार की सुबह करीब तीन बजे उनके सीने में दर्द उठा तो साथी संत उन्हें लेकर हाॅस्पिटल पहुंचे। इलाज के दौरान सुबह करीब 8 बजे उनका निधन हो गया।
विज्ञापन
महंत के प्रयासों से पर्यटन स्थल घोषित हुआ भोजताल आश्रम
महंत दुर्गा गिरि महाराज बाल योगी थे और वे तीन दशक पहले 35 वर्ष की आयु में भोजताल आश्रम आए थे। भोजताल आश्रम को उन्होंने चंडौस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल बनाया। उनके प्रयास से आश्रम में हर साल करीब 10 धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। आश्रम पर कई प्रांतों के लोग प्रति वर्ष आते हैं। महंत के प्रयासों के चलते ही भारत सरकार ने वर्ष 2008 में आश्रम को पर्यटन स्थल घोषित किया था। सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर आश्रम का सुंदरीकरण कराया है।
विज्ञापन