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अलीगढ़ः मसाला पीसने व बिजली पैदा करने वाली व्यायाम साइकिल बनाई
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व्यायाम साइकिल।
- फोटो : CITY OFFICE
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एएमयू यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक में एक ऐसी व्यायाम साइकिल बनाई गई है, जिससे मसाला पीसने के साथ बिजली भी पैदा की जा सकती है। इस मॉडिफाई व्यायाम साइकिल को पेटेंट कार्यालय से पेटेंट प्रमाणपत्र मिलने की उम्मीद है। पिछले दिनों पॉलिटेक्निक के इंजी. शमशाद अली को ऑटोमेटिक कैरिज स्टॉपर की खोज के लिए पेटेंट प्रमाणपत्र मिल चुका है।
ऐसे काम करेगी मॉडिफाई व्यायाम साइकिल
पॉलिटेक्निक के असिस्टेंट प्रोफेसर इंजी. शमशाद अली ने बताया कि उन्होंने एक ऐसी मॉडिफाई व्यायाम साइकिल डिजाइन की है, जिससे व्यायाम करते समय रसोई घर के लिए हल्दी, मिर्च, धनिया, चटनी आदि पीस सकते हैं। साथ ही 12 वोल्ट की बैटरी भी चार्ज कर सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग समय पर दोनों काम करेंगे। इस मॉडिफाई व्यायाम साइकिल को बनाने में करीब 25 से 30 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। इंजी. अली ने कहा कि पेटेंट के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं। पेटेंट कार्यालय भारत सरकार को इससे संबंधी फाइल भेज चुके हैं। अब वह पेटेंट प्रमाणपत्र का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मॉडिफाई व्यायाम साइकिल को बनाने में छात्र मोहम्मद फहीम व मोहम्मद अजीम अंसारी ने भी निर्णायक भूमिका अदा की है।
इस मॉडिफाई व्यायाम साइकिल से व्यायाम करते समय रसोई घर का मसाला पीस सकते हैं। 12 वोल्ट की बैटरी भी चार्ज करके बल्ब जला सकते हैं।
-इंजी. शमशाद अली, असिस्टेंट प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक
इंजी. शमशाद अली और उनके छात्रों ने यह नया प्रयोग किया है। उन्हें बधाई देते हैं। पेटेंट प्रमाणपत्र मिलने से इस यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की ख्याति और बढ़ेगी।
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-प्रो. अरशद उमर, प्राचार्य, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, एएमयू
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ऐसे काम करेगी मॉडिफाई व्यायाम साइकिल
पॉलिटेक्निक के असिस्टेंट प्रोफेसर इंजी. शमशाद अली ने बताया कि उन्होंने एक ऐसी मॉडिफाई व्यायाम साइकिल डिजाइन की है, जिससे व्यायाम करते समय रसोई घर के लिए हल्दी, मिर्च, धनिया, चटनी आदि पीस सकते हैं। साथ ही 12 वोल्ट की बैटरी भी चार्ज कर सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग समय पर दोनों काम करेंगे। इस मॉडिफाई व्यायाम साइकिल को बनाने में करीब 25 से 30 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। इंजी. अली ने कहा कि पेटेंट के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं। पेटेंट कार्यालय भारत सरकार को इससे संबंधी फाइल भेज चुके हैं। अब वह पेटेंट प्रमाणपत्र का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मॉडिफाई व्यायाम साइकिल को बनाने में छात्र मोहम्मद फहीम व मोहम्मद अजीम अंसारी ने भी निर्णायक भूमिका अदा की है।
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इस मॉडिफाई व्यायाम साइकिल से व्यायाम करते समय रसोई घर का मसाला पीस सकते हैं। 12 वोल्ट की बैटरी भी चार्ज करके बल्ब जला सकते हैं।
-इंजी. शमशाद अली, असिस्टेंट प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक
इंजी. शमशाद अली और उनके छात्रों ने यह नया प्रयोग किया है। उन्हें बधाई देते हैं। पेटेंट प्रमाणपत्र मिलने से इस यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की ख्याति और बढ़ेगी।
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-प्रो. अरशद उमर, प्राचार्य, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, एएमयू