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कल्याण सिंह के गढ़ में, ‘कमल’ को कड़ी टक्कर
Fri, 19 Apr 2019 12:06 AM IST
राजेश सैनी
भूपेंद्र चौधरी, अतरौली (अलीगढ़)
भूपेंद्र चौधरी, अतरौली (अलीगढ़)
Published by: राजेश सैनी
Updated Fri, 19 Apr 2019 12:06 AM IST
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सपा-बसपा समर्थक (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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लोकसभा चुनाव में भाजपा को कल्याण सिंह के गढ़ में ही कड़ी टक्कर मिली है। इस बार बसपा-सपा-रालोद गठबंधन का दलित-मुस्लिम-यादव व जाट गठजोड़ जोर भरता दिख रहा है। वर्ष 2014 में मोदी लहर में एकतरफा पड़े भाजपा के वोटों के विपरीत इस बार आलम यह है कि हर बूथ पर गठबंधन ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी है।
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कांग्रेस भी कहीं मुकाबले को त्रिकोणीय करती नहीं दिखी। सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम से नाराजगी के चलते इस बार भाजपा के परंपरागत लोधी वोटों में भी बिखराव दिख रहा है।
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वोटिंग से पहले गठबंधन के वोटों में बिखराव के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन चुनाव आते-आते मुकाबला गठबंधन और भाजपा के बीच हुआ। आलम यह कि वर्ष 1962 के बाद 1980 व 2012 के विधानसभा चुनावों को छोड़ दिया जाए तो हर बार अतरौली सीट पर कल्याण सिंह व उनके परिवार का परचम लहराया है। वर्ष 2017 के चुनाव में उनके नाती संदीप सिंह 1.15 लाख से अधिक वोट पाकर विधायक बने थे।
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