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कोरोनाः विदेश और दूसरे प्रांतों से आए लोगों पर पैनी नजर
Fri, 27 Mar 2020 03:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 03:51 AM IST
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उपरकोट पर पसरा सन्नाटा।
- फोटो : CITY OFFICE
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लॉकडाउन के चौथे दिन जिले की सीमाओं से लेकर शहर के अंदरूनी हिस्सों तक सख्ती और बढ़ गई है। जिसकी वजह से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मशक्कत भी बढ़ी है। कई अधिकारी और पुलिस कर्मी लंबी ड्यूटी से अब पस्त पड़ने लगे हैं, इसलिए उनको भी चक्रवार ड्यूटी में तैनात किया जा रहा है।
जिले की 28 सीमाओं पर सख्ती दिखा रही पुलिस अब पैदल राहगीरों को खाने-पीने का सामान भी दे रही है, जिससे उनको कम से कम भूख प्यास से बचाया जा सके। इसमें स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और व्यापारियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। थर्मल स्क्रीनिंग सभी की हो रही है। बुखार नहीं होने पर ही उनको प्रवेश मिल रहा है। अन्यथा की सूरत में उनको आइसोलेशन में पहुंचाया जा रहा है।
स्वास्थ्य महकमा भी ऐसे लोगों को इलाज मुहैया करा रहा है। सूचना मिलते ही डाक्टर ऐसे लोगों की जांच पड़ताल कर रहे हैं। नगर निगम की टीमें शहर को अंदर सैनिटाइज करने में जुटी हैं। गली मोहल्लों में भी सफाई अभियान चल रहा है। समाजसेवी संस्थाएं लोगों को शेल्टर होम और सड़क पर खाना-पीना दे रही हैं। जिला प्रशासन तमाम व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उनको दुरुस्त करा रहा है।
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वहीं, शहर के थोक बाजार से फुटकर बाजार तक आटा की किल्लत प्रशासन को टेंशन देने लगी है। कारण, सप्लाई नहीं होना है। अब इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। शहर के सभी प्रमुख बाजारों में सुबह की खरीदारी के बाद सन्नाटा है। पुलिस बेवजह घूमने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। चौराहों पर बैरीकेडिंग कर ऐसे लोगों को रोका जा रहा है।
सुबह के चार घंटे में जरूरी सामान खरीदने के बाद लोगों को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। इस दौरान भी लोग को दूरी बना कर खड़ा होने दिया जा रहा है। कम से कम पांच फुट की दूरी बनाए रखें। मेडिकल स्टोर, अस्पताल, किराना, दूध, सब्जी, आटा, पान मसाला आदि के लिए लोग ज्यादा निकल रहे हैं। गलियों में ई-रिक्शा, ऑटो आदि से सब्जी और फल बेचे जा रहे हैं।
इधर, नवरात्रि का दूसरा दिन होने के बाद भी मंदिरों में प्रवेश निषेध हैं। अधिकांश लोग अपने पंडितों से ऑनलाइन पूजा करा रहे हैं। घरों में महिलाएं फलाहार सहित अन्य व्यंजन बनाने में व्यस्त हैं तो पुरुष बच्चों के साथ लूडो, कैरम, शतरंज, बैडमिंटन सहित अन्य खेल में हिस्सा ले रहे हैं। टीवी में कोरोना की न्यूज और कुछ मनोरंजक फिल्मों का भी आनंद उठा रहे हैं। हां, कामकाज से दूर लोगों का मन बेचैन जरूर है। कब लॉकडाउन खुले और कब वह अपने काम पर जाएं। अंगुलियों पर दिन गिने जा रहे हैं। अभी 17 दिन लंबा लॉकडाउन बाकी है।
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जिले की 28 सीमाओं पर सख्ती दिखा रही पुलिस अब पैदल राहगीरों को खाने-पीने का सामान भी दे रही है, जिससे उनको कम से कम भूख प्यास से बचाया जा सके। इसमें स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और व्यापारियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। थर्मल स्क्रीनिंग सभी की हो रही है। बुखार नहीं होने पर ही उनको प्रवेश मिल रहा है। अन्यथा की सूरत में उनको आइसोलेशन में पहुंचाया जा रहा है।
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स्वास्थ्य महकमा भी ऐसे लोगों को इलाज मुहैया करा रहा है। सूचना मिलते ही डाक्टर ऐसे लोगों की जांच पड़ताल कर रहे हैं। नगर निगम की टीमें शहर को अंदर सैनिटाइज करने में जुटी हैं। गली मोहल्लों में भी सफाई अभियान चल रहा है। समाजसेवी संस्थाएं लोगों को शेल्टर होम और सड़क पर खाना-पीना दे रही हैं। जिला प्रशासन तमाम व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उनको दुरुस्त करा रहा है।
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वहीं, शहर के थोक बाजार से फुटकर बाजार तक आटा की किल्लत प्रशासन को टेंशन देने लगी है। कारण, सप्लाई नहीं होना है। अब इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। शहर के सभी प्रमुख बाजारों में सुबह की खरीदारी के बाद सन्नाटा है। पुलिस बेवजह घूमने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। चौराहों पर बैरीकेडिंग कर ऐसे लोगों को रोका जा रहा है।
सुबह के चार घंटे में जरूरी सामान खरीदने के बाद लोगों को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। इस दौरान भी लोग को दूरी बना कर खड़ा होने दिया जा रहा है। कम से कम पांच फुट की दूरी बनाए रखें। मेडिकल स्टोर, अस्पताल, किराना, दूध, सब्जी, आटा, पान मसाला आदि के लिए लोग ज्यादा निकल रहे हैं। गलियों में ई-रिक्शा, ऑटो आदि से सब्जी और फल बेचे जा रहे हैं।
इधर, नवरात्रि का दूसरा दिन होने के बाद भी मंदिरों में प्रवेश निषेध हैं। अधिकांश लोग अपने पंडितों से ऑनलाइन पूजा करा रहे हैं। घरों में महिलाएं फलाहार सहित अन्य व्यंजन बनाने में व्यस्त हैं तो पुरुष बच्चों के साथ लूडो, कैरम, शतरंज, बैडमिंटन सहित अन्य खेल में हिस्सा ले रहे हैं। टीवी में कोरोना की न्यूज और कुछ मनोरंजक फिल्मों का भी आनंद उठा रहे हैं। हां, कामकाज से दूर लोगों का मन बेचैन जरूर है। कब लॉकडाउन खुले और कब वह अपने काम पर जाएं। अंगुलियों पर दिन गिने जा रहे हैं। अभी 17 दिन लंबा लॉकडाउन बाकी है।

नौरंगाबाद जीटी रोड़ पर पड़ा सन्नाटा।- फोटो : CITY OFFICE