फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Lock industry grow due to reduction in GST

GST: अलीगढ़ के उद्यमी और निर्यातकों में उत्साह, जीएसटी कम होने से लगेंगे ताला उद्योग को पंख

Thu, 04 Sep 2025 12:01 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 04 Sep 2025 12:01 PM IST
सार

हार्डवेयर के साथ इनबिल्ट आने वाले ताले अब 28 से 18 फीसदी के स्लैब में आने की उम्मीद है। इससे डोर फिटिंग वाले हार्डवेयर, हार्डवेयर के साथ ही आने वाले ताले, महंगे हार्डवेयर के उत्पाद सस्ते होंगे। जिससे इनकी मांग बढ़ेगी और बाजार में इसकी खपत बढ़ेगी।

विज्ञापन
Lock industry grow due to reduction in GST
ताला - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

जीएसटी काउंसिल ने कुछ उत्पादों पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दी है। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन अलीगढ़ और अलीगढ़ लॉक एसोसिएशन ने इसकी सराहना की है। इससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। अगर ताला की दरें 18 से पांच फीसदी कर दी जाती है, तो निश्चित रूप से इस इंडस्ट्री को पंख लग जाते।

विज्ञापन


एसोसिएशन के पदाधिकारी जल्द ही जीएसटी काउंसिल में याचिका दाखिल करेंगे और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भी भेंट करेंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष बंसल ने कहा कि तालों का उपयोग वस्तु की श्रेणी में रखा जाए और जीएसटी की दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी जाए। इससे हमारा उद्योग अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों, खासकर चीन के ब्रांडों के साथ अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।
विज्ञापन


एसोसिएशन के उपाध्यक्ष उमंग मोंगा ने बताया कि रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले तालों पर भी जीएसटी दरों में कटौती होनी चाहिए। 250-300 रुपये के ताले मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के लोगों की जरूरत है। ताले कुटीर और एमएसएमई उद्योग द्वारा बनाए जाते हैं। एसोसिएशन के चेयरमैन आलोक झा ने जीएसटी दर घटाने की मांग की है। इस कटौती से उद्योग अंतरराष्ट्रीय ब्रांड, खासकर चीन के ब्रांड के साथ अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरें कम करने की वजह

  • ताले उपभोक्ताओं के लिए दैनिक उपयोग का उत्पाद है
  • मुख्य रूप से कुटीर और एमएसएमई उद्योगों द्वारा निर्मित
  • जीएसटी में कमी से आम उपभोक्ताओं के लिए ताले अधिक किफायती हो जाएंगे
  • उद्योग को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी

28 फीसदी वाले हार्डवेयर आइटम में 10 प्रतिशत की राहत की उम्मीद

हार्डवेयर के साथ इनबिल्ट आने वाले ताले अब 28 से 18 फीसदी के स्लैब में आने की उम्मीद है। इससे डोर फिटिंग वाले हार्डवेयर, हार्डवेयर के साथ ही आने वाले ताले, महंगे हार्डवेयर के उत्पाद सस्ते होंगे। जिससे इनकी मांग बढ़ेगी और बाजार में इसकी खपत बढ़ेगी। अलीगढ़ में ऐसे उत्पाद बड़ी मात्रा में बनते हैं, जिनकी आपूर्ति देश-विदेश में होती है।

शहर की लगभग 100 इकाइयों में इनका निर्माण होता है। स्थानीय उद्यमी, निर्यातक केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना कर रहे हैं, जिसमें जीएसटी की दो स्लैब दरें तय करने की पहल की जा रही है। हार्डवेयर कारोबारी प्रदीप के गुप्त कहते हैं कि अलीगढ़ में बड़ी मात्रा में महंगे हार्डवेयर उत्पाद, हार्डवेयर में इनबिल्ट ताले और अन्य डोर फिटिंग के उत्पाद बनते हैं। इनमें से कई उत्पाद 28 फीसदी के स्लैब में आते हैं। अगर इनको 18 फीसदी के स्लैब में रखा जाता है तो यकीनन कारोबार बढ़ेगा। उत्पादन बढ़ने से लोगों को रोजगार भी ज्यादा मिलेगा। अगर ताले को भी 18 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी के स्लैब में कर दिया जाए तो मध्यम वर्ग के कारोबारियों को और राहत मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed