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लोकेशन बताएगी धीरा ठाकुर हत्याकांड में नामजदगी का सच

अमर उजाला ब्यूूराे Updated Tue, 23 May 2017 01:45 AM IST
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महानगर के मैरिस रोड चौराहा पर पूर्व सपा विधायक ठा.राकेश सिंह के करीबी प्रॉपर्टी डीलर धीरज उर्फ धीरेंद्र उर्फ धीरा ठाकुर हत्याकांड में बेशक नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। मगर पुलिस कई ऐसे अनछूए पहलू भी हैं, जिन पर जांच कर रही है। साथ ही सभी नामजदों की लोकेशन ट्रैस करने के साथ-साथ उनकी दिन भर व घटना के बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। बाकायदा इस काम में दो टीमें लगाई गई हैं, एक टीम गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है, जबकि एक टीम सर्विलांस लोकेशन पर काम कर रही है। इधर, सोमवार को एक नामजद की मां व अन्य परिजनों ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर नामजदगी को झूठा करार दिया है।


शनिवार देर रात हुई धीरा ठाकुर की हत्या में नामजद किए गए अरुण निवासी रमेश विहार क्वार्सी की मां व अन्य परिजन दोपहर में एसएसपी दफ्तर पहुंचे। जहां एसपी देहात से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान बताया गया कि अरुण की चंद रोज पहले ही शादी हुई है। इन दिनों उसका बाहर घूमना फिरना भी बंद है। घटना के समय वह अपने घर में मौजूद था। इस बात की तस्दीक कर ली जाए। तभी इस नामजदगी का सच मानते हुए कार्रवाई की जाए। इस पर एसपी देहात ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।



इधर, इस संबंध में पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि यह बात सही है कि धीरा के कई विवाद चर्चाओं में हैं। इन सभी विवादों को जांच में शामिल रखा गया है। चूंकि परिवार की ओर से नामजदगी कराई गई है। इसलिए उनकी गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं। रहा सवाल नामजदगी सही या गलत होने का तो इसके लिए सर्विलांस लोकेशन तो बड़ा सहारा है ही, वहीं हुलिया व चेहरे के आधार पर मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दो आरोपियों को पहचाना गया है। धीरा के अन्य विवादों की जांच, नामजदों की लोकेशन के आधार पर गिरफ्तारी होगी और गिरफ्तारी पर पूछताछ के बाद सही बात सामने आएगी।


यह प्रॉपर्टी विवाद आ रहा सामने
परिवार की ओर से तहरीर में प्रॉपर्टी विवाद की जो बात कही गई है, उस मामले में पुलिस की अब तक की जांच में काफी कुछ सामने आया है। पुलिस सूत्रों व जानकारों से पता चला है कि जिस प्रॉपर्टी के विवाद को हल कराने का ठेका धीरा को मिला था, वह उसे करा पाने में सफल नहीं हुआ था। इसके चलते पार्टी ने यह ठेका धीरा से हटाकर दूसरे किसी व्यक्ति को दे दिया था। इसके बाद धीरा को यह मैसेज भेजा गया था कि अब तुम उस विवाद से पीछे हट जाओ। चूंकि विवाद हल होने पर काफी मोटा कमीशन मिलना था, इसलिए धीरा पीछे हटने इंकार कर रहा था। अब नामजदों का उस विवाद से क्या लेना देना है और वह दूसरा व्यक्ति कौन है, जिसको विवाद हल कराने का ठेका मिला था, यह अभी पुलिस जांच कर रही है।

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