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दर्द भूलते ही आंसू बनकर गिरी बिजली: कोई मंदिर में पूजा कर रहा था, कोई खेत में बचा रहा फसल, बिजली गिरने से मौत
Tue, 13 Oct 2026 04:20 PM IST
Sharukh Khan
केशव भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी , फरीदाबाद
केशव भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी , फरीदाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 13 Oct 2026 04:20 PM IST
सार
अलीगढ़ और हाथरस जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। बिजली गिरने की घटना के दौरान कोई मंदिर में पूजा कर रहा था तो कोई खेत में फसल बचा रहा था। हाथरस के मुरसान और अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र में सोमवार की सुबह यह घटनाएं हुईं।
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बिजली गिरने से दो की मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अचानक बदले मौसम में बारिश के बीच बिजली गिरने के कारण अलीगढ़ और हाथरस में दो किसानों की जान चली गई। सोमवार की सुबह हाथरस के मुरसान क्षेत्र के गांव जटोई में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर बिजली गिरी। मंदिर में पूजा कर रहे किसान महेश चंद्र दीक्षित (45) चपेट में आ गए।
दूसरी घटना अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र के गांव कौआखेड़ा में हुई। यहां बारिश से फसल बचाने के लिए खेत में पहुंचे किसान ओमवीर सिंह (50) की मौके पर मौत हो गई। गांव जटोई गांव में महेश चंद्र दीक्षित सुबह करीब आठ बजे रोज की तरह पूजा करने शिव मंदिर पहुंचे थे।
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दूसरी घटना अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र के गांव कौआखेड़ा में हुई। यहां बारिश से फसल बचाने के लिए खेत में पहुंचे किसान ओमवीर सिंह (50) की मौके पर मौत हो गई। गांव जटोई गांव में महेश चंद्र दीक्षित सुबह करीब आठ बजे रोज की तरह पूजा करने शिव मंदिर पहुंचे थे।
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अचानक तेज गर्जना के साथ मंदिर पर बिजली गिरी। महेश चंद्र बुरी तरह से झुलस कर वहीं गिर पड़े। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। आधे घंटे बाद वह मंदिर में अचेत मिले। मंदिर की घंटियां टूट गई थीं। फर्श की टाइल्स उखड़ गईं और दीवार में दरार आ गई थी।
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परिजन तुरंत महेश चंद्र को मथुरा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर मुरसान कोतवाली पहुंचे और घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट से अंग नष्ट होने की पुष्टि हुई है।
इगलास के कौआखेड़ा गांव में ओमवीर सिंह मौसम खराब देख खेत में कटी हुई धान की फसल को एकत्र करने पहुंचे थे। कुछ लोगों के साथ वह ट्रैक्टर ट्रॉली पर धान रखवा रहे थे। तभी बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक बिजली ओमवीर पर आ गिरी।
वहीं उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दौरान खेत में काम कर रही एक किशोरी का हाथ ट्रॉली से स्पर्श हो गया तो वह भी आंशिक रूप से झुलस गई। घटना के बाद ओमवीर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दैवी आपदा के तहत सरकारी मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
दर्द भूलते ही आंसू बनकर गिरी बिजली
- पांच साल पहले बड़े भाई को कोरोना, अब छोटे को बिजली ने लीला
- मंझले भाई को हुआ कैंसर, ऑपरेशन के बावजूद पूरी तरह सुधार नहीं
दो भाइयों की मौत और तीसरे के बीमारी से जूझने से राजेंद्र सिंह का परिवार व्याकुल है। घर की महिलाओं सहित बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दिलीप चौधरी ने बताया कि उनके पिता राजकुमार सिंह की कोरोना से पीड़ित होने के चलते 15 अप्रैल 2021 को मौत हो गई थी। उनकी मौत के दर्द से परिवार उभरा ही था कि चाचा रंजीत सिंह के दांतों में पीड़ा शुरू हो गई। उपचार शुरू कराया तो जांच कराने के बाद डॉक्टरों ने कैंसर घोषित कर दिया। इस पर पूरा परिवार दोबारा से परेशान हो उठा। ऑपरेशन कराया गया लेकिन पूरी तरह आराम नहीं मिल सका। अभी भी स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। शुगर भी हो गई है।
दिलीप चौधरी ने बताया कि उनके पिता राजकुमार सिंह की कोरोना से पीड़ित होने के चलते 15 अप्रैल 2021 को मौत हो गई थी। उनकी मौत के दर्द से परिवार उभरा ही था कि चाचा रंजीत सिंह के दांतों में पीड़ा शुरू हो गई। उपचार शुरू कराया तो जांच कराने के बाद डॉक्टरों ने कैंसर घोषित कर दिया। इस पर पूरा परिवार दोबारा से परेशान हो उठा। ऑपरेशन कराया गया लेकिन पूरी तरह आराम नहीं मिल सका। अभी भी स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। शुगर भी हो गई है।
अब सबसे छोटे चाचा ओमवीर सिंह उर्फ सरदार सिंह (50) सोमवार की सुबह धान का पुआल घर लाने के लिए खेत पर गए थे, तभी बारिश के साथ उन पर बिजली गिरी जिससे वह बुरी तरह झुलस गए। मौके पर मौजूद लोग कुछ सोच-समझ पाते तब तक उनकी मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी, दो विवाहित बेटियों प्रियंका और हेमलता एक पुत्र लवकुश उर्फ भोला सहित अन्य परिजन को रोता छोड़ गए हैं। दिलीप सिंह के अनुसार वह दो भाई हैं। छोटा भाई रिंकू चौधरी हैं। रंजीत सिंह के दो बेटे और एक बेटी है।
पुआल पकड़ा रही भारती के शरीर में हुआ कंपन
मृतक के सबसे बड़े भतीजे दिलीप चौधरी पुत्र राजकुमार ने बताया कि घर से करीब 400 मीटर की दूरी पर ही खेत है। चाचा ओमवीर ट्रैक्टर ट्रॉली में पुआल भरकर लाने गए थे। साथ में पांच मजदूर थे, जिनमें भारती (22), उसकी मां रामवती और तीन युवक थे। भारती नीचे खेत से पुआल के गट्ठर उठाकर ट्रॉली में उनके चाचा को पकड़ा रही थी और चाचा उसे ट्रॉली में रख रहे थे तभी बिजली गिरी। इस पर नीचे से पुआल के गट्ठर पकड़ा रही भारती को अपने शरीर में तेज कंपन महसूस हुआ और वह खेत में बैठ गई। तब तक पास मौजूद अन्य लोगों की नजर पड़ी तो बिजली गिरने से उनके चाचा झुलस गए थे और ट्रॉली के ऊपर ही पुआल पर गिर पड़े थे।
मृतक के सबसे बड़े भतीजे दिलीप चौधरी पुत्र राजकुमार ने बताया कि घर से करीब 400 मीटर की दूरी पर ही खेत है। चाचा ओमवीर ट्रैक्टर ट्रॉली में पुआल भरकर लाने गए थे। साथ में पांच मजदूर थे, जिनमें भारती (22), उसकी मां रामवती और तीन युवक थे। भारती नीचे खेत से पुआल के गट्ठर उठाकर ट्रॉली में उनके चाचा को पकड़ा रही थी और चाचा उसे ट्रॉली में रख रहे थे तभी बिजली गिरी। इस पर नीचे से पुआल के गट्ठर पकड़ा रही भारती को अपने शरीर में तेज कंपन महसूस हुआ और वह खेत में बैठ गई। तब तक पास मौजूद अन्य लोगों की नजर पड़ी तो बिजली गिरने से उनके चाचा झुलस गए थे और ट्रॉली के ऊपर ही पुआल पर गिर पड़े थे।