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एक दिन में 150 किलोमीटर का सफर कर सकता है तेंदुआ
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आशीष श्रीवास्तव
बरौली व पोकर गढ़ी के मध्य खेतों में करंट से मृत तेंदुआ आखिर कहां से आया, यह सवाल ग्रामीणों को ही नहीं वन अफसरों के मन में भी कौंध रहा है। हालांकि बुलंदशहर व हापुड़ आदि जिलों में पिछले कुछ समय में मिले तेंदुओं के चलते अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह मेरठ रेंज से आया होगा, लेकिन इस मामले में कोई ठोस सबूत या जवाब किसी के पास नहीं है। इसके लिए आसपास के जिलों से संपर्क किया जा रहा है।
कैडर वन की श्रेणी का जीव तेंदुआ अपनी रफ्तार के लिए जाना जाता है। वह एक दिन में 150 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है। उसके भटकने की रेंज अधिकतम 500 किलोमीटर मानी जाती है। यही तथ्य वन अफसरों को सोचने पर मजबूर किए हुए है। इस मामले में कंजर्वेटर अदिति शर्मा ने बताया कि मेरठ में तेंदुओं के संरक्षण पर काम हुआ है। इस वजह से पिछले कुछ समय में वहां तेंदुओं की संख्या काफी बढ़ गई है। ये तेंदुए कई बार भटकते हुए बुलंदशहर, हापुड़ समेत अन्य जिलों में भी पहुंचे हैं। ऐसे में हो सकता है कि बरौली में मिला तेंदुआ भी मेरठ रेंज से ही भटकता हुआ यहां आ गया हो। इसकी जांच की जा रही है। अलीगढ़ की सीमा से लगे जिलों की वन टीमों को भी सतर्क कर दिया गया है। हिदायत दी गई है कि वे अपने क्षेत्र में नजर रखें औऱ तेंदुए समेत अन्य खतरनाक जानवरों की सूचना मिलने पर तत्काल उन्हें सूचना दें।
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बरौली व पोकर गढ़ी के मध्य खेतों में करंट से मृत तेंदुआ आखिर कहां से आया, यह सवाल ग्रामीणों को ही नहीं वन अफसरों के मन में भी कौंध रहा है। हालांकि बुलंदशहर व हापुड़ आदि जिलों में पिछले कुछ समय में मिले तेंदुओं के चलते अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह मेरठ रेंज से आया होगा, लेकिन इस मामले में कोई ठोस सबूत या जवाब किसी के पास नहीं है। इसके लिए आसपास के जिलों से संपर्क किया जा रहा है।
कैडर वन की श्रेणी का जीव तेंदुआ अपनी रफ्तार के लिए जाना जाता है। वह एक दिन में 150 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है। उसके भटकने की रेंज अधिकतम 500 किलोमीटर मानी जाती है। यही तथ्य वन अफसरों को सोचने पर मजबूर किए हुए है। इस मामले में कंजर्वेटर अदिति शर्मा ने बताया कि मेरठ में तेंदुओं के संरक्षण पर काम हुआ है। इस वजह से पिछले कुछ समय में वहां तेंदुओं की संख्या काफी बढ़ गई है। ये तेंदुए कई बार भटकते हुए बुलंदशहर, हापुड़ समेत अन्य जिलों में भी पहुंचे हैं। ऐसे में हो सकता है कि बरौली में मिला तेंदुआ भी मेरठ रेंज से ही भटकता हुआ यहां आ गया हो। इसकी जांच की जा रही है। अलीगढ़ की सीमा से लगे जिलों की वन टीमों को भी सतर्क कर दिया गया है। हिदायत दी गई है कि वे अपने क्षेत्र में नजर रखें औऱ तेंदुए समेत अन्य खतरनाक जानवरों की सूचना मिलने पर तत्काल उन्हें सूचना दें।
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