फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Leaving hope from the public representatives, the farmers made a bridge over the Neem river

जनप्रतिनिधि से आस छोड़, किसानों ने चंदा कर नीम नदी पर बनवा दिया पुल

Mon, 18 Jul 2022 01:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2022 01:42 AM IST
विज्ञापन
Leaving hope from the public representatives, the farmers made a bridge over the Neem river
गांव चकाथल में नीम नदी पर किसानों द्वारा बनवाया गया पुल। - फोटो : ATHROLI
नेताओं के दरबार में किसी काम के लिए जाना और उस काम को मंजूर कराकर लाना किसी पहाड़ खोदने के बराबर मेहनत से कम नहीं... यह मानना है अतरौली के गांव चकाथल के वाशिंदों का। जब गांव के लोग नीम नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर जनप्रतिनिधि के पास जाकर थक गए तो खुद चंदा एकत्रित कर खेेतों पर जाने के लिए नदी पर पुल का निर्माण कर दिया। पुल के निर्माण और मिट्टी भराव में करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च हुए हैं।
विज्ञापन

गांव चकाथल में खेतों के बीच से नीम नदी गुजर रही है। नीम नदी के दोनों ओर चकाथल के लोगों के खेत हैं। शिवकुमार के खेत से जयनारायण व संतोष फौजी के खेत से होते हुए चकरोड जा रहा है, जो बुलंदशहर जिले की सीमा के गांव विजय नगरिया में जाकर मिलता है। इसी चकरोड से अधिकतर किसानों को अपने खेतों में होकर जाना होता है। लेकिन पुल नहीं होने से नीम नदी के पानी में होकर किसानों को गुजरना होता है। कुछ समय पहले ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से इस जगह पर पुल निर्माण की मांग रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

हर किसान ने दिए पांच सौ रुपये, कुछ ने किया श्रमदान
पुल के निर्माण के लिए हर किसान ने कम से कम पांच सौ रुपये दिए। संपन्न किसानों ने 2100, 5100 व 11000 हजार रुपये तक का चंदा दिया। निजी ट्रैक्टर वाले किसानों ने श्रमदान कर पुल के आसपास मिट्टी का भराव कराया। 22 फुट लंबे और 12 फुट चौड़े पुल का नीम नदी पर निर्माण कराया गया। पुल का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दलदल में धंसकर मर चुके हैं तीन बैल
नीम नदी के पानी से होकर ही किसानों को बुग्गी आदि निकालनी होती थी। पानी में दलदल भी बन गया है। दलदल में फंसकर गत वर्ष मोनी, जयप्रकाश व देवकी के तीन बैल मर चुके हैं। इससे किसानों को बुलंदशहर जिले की सीमा के गांव विजय नगरिया होकर करीब छह किमी घूमकर अनाज आदि लेकर आना पड़ता था।
काजिमाबाद-बैलोन मार्ग को पक्का कराने की मांग
रायपुर रेलवे स्टेशन-काजिमाबाद से बुलंदशहर के गांव बेलोन को जा रहा मार्ग कच्चा है। इस मार्ग पर नीम नदी के पास पुल का निर्माण हो चुका है, लेकिन रास्ता कच्चा है। ग्रामीणों की मांग है कि यदि यह मार्ग पक्का बन जाए तो काजिमाबाद क्षेत्र के तमाम गांवों के लोगों को बैलोन व नरौना आने जाने के लिए बेहद सुविधा होगी। संवाद
क्षेत्र के नामी राजमिस्त्री कर रहे कार्य
नीम नदी पर पुल के निर्माण कार्य में सरकारी पुलों का निर्माण करने वाले कई राजमिस्त्री लगे हैं। निर्माण कार्य में वही मजबूती व मानक रखा जा रहा है जो सरकारी पुलों के निर्माण कार्य में रहता है।
- गांव के लोगों ने चंदा करके अपने खेतों को जाने के लिए पुल का निर्माण कराया है। किसानों ने श्रमदान भी किया है। इससे गांव के लोगों को बेहद राहत मिलेगी।

- प्रमोद पंडा
- नीम नदी के उस पार से अनाज आदि लेकर किसानों को पांच से छह किमी घूमकर बुलंदशहर के गांव विजय नगरिया होकर आना पड़ा था। पुल बनने से किसान खुश हैं।
- रामभूल सिंह
- ग्रामीणों ने पुल खुद के चंदे से बनवाया है। लेकिन जनप्रतिनिधि यदि काजिमाबाद से बैलोन को जा रहे मार्ग को ही पक्का करवा दें तो क्षेत्र के लोगों को बेहद राहत मिलेगी।
- कृपाशंकर शर्मा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed