{"_id":"60131f578ebc3e3337598f02","slug":"large-cow-conservation-centers-to-be-built-in-villages-majupur-subkara-and-palar-city-office-news-ali254876456","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव मजूपुर सुबकरा व पालर में बनेंगे वृहद गो संरक्षण केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव मजूपुर सुबकरा व पालर में बनेंगे वृहद गो संरक्षण केंद्र
विज्ञापन
आशीष श्रीवास्तव
निराश्रित गोवंश को आसरा देने के लिए जिले में दो नए वृहद गो संरक्षण केंद्र और बनने जा रहे हैं। एक केंद्र इगलास तहसील के विकास खंड गोंडा के गांव मजूपुर सुबकरा में बनेगा तो दूसरा केंद्र तहसील खैर के टप्पल ब्लॉक के पालर गांव में बनाए जाने की योजना है। 1.20 करोड़ की लागत से बनने जा रहे मजूपुर सुबकरा केंद्र के लिए प्रथम किस्त के रूप में 60 लाख रुपया शासन से मिल चुका है। निर्माण कार्य अगले माह से शुरू होने की संभावना है।
गांव मजूपुर सुबकरा व पालर में दो से ढाई हेक्टेयर में बनने जा रहे इन वृहद गो संरक्षण केंद्रों में 500-500 गोवंश एक साथ रखे जा सकेंगे। शासन से मिली राशि से पशु शेड समेत अन्य काम होंगे। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि निराश्रित गोवंश की समस्या खत्म करने के लिए जिले के सभी 12 ब्लॉकों में वृहद गो संरक्षण केंद्र बनाने की योजना का ब्लू प्रिंट तैयार कराया गया है। मजूपुर सुबकरा व पालर गांव के केंद्र को शासन से मंजूरी मिल गई है। मजूपुर केंद्र के निर्माण का पैसा आ गया है। अन्य ब्लॉकों के प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। जबकि गभाना के गांव कोमला कन्दोली व नबीपुर में केंद्र पहले ही बन चुके हैं।
मजूपुर सुबकरा व पालर गांव के गो संरक्षण केंद्र को शासन से मंजूरी मिल गई है। इनके अलावा कोल तहसील के लोधा गांव के पास नया केंद्र बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
विज्ञापन
डॉ बीपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
निराश्रित गोवंश को आसरा देने के लिए जिले में दो नए वृहद गो संरक्षण केंद्र और बनने जा रहे हैं। एक केंद्र इगलास तहसील के विकास खंड गोंडा के गांव मजूपुर सुबकरा में बनेगा तो दूसरा केंद्र तहसील खैर के टप्पल ब्लॉक के पालर गांव में बनाए जाने की योजना है। 1.20 करोड़ की लागत से बनने जा रहे मजूपुर सुबकरा केंद्र के लिए प्रथम किस्त के रूप में 60 लाख रुपया शासन से मिल चुका है। निर्माण कार्य अगले माह से शुरू होने की संभावना है।
गांव मजूपुर सुबकरा व पालर में दो से ढाई हेक्टेयर में बनने जा रहे इन वृहद गो संरक्षण केंद्रों में 500-500 गोवंश एक साथ रखे जा सकेंगे। शासन से मिली राशि से पशु शेड समेत अन्य काम होंगे। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि निराश्रित गोवंश की समस्या खत्म करने के लिए जिले के सभी 12 ब्लॉकों में वृहद गो संरक्षण केंद्र बनाने की योजना का ब्लू प्रिंट तैयार कराया गया है। मजूपुर सुबकरा व पालर गांव के केंद्र को शासन से मंजूरी मिल गई है। मजूपुर केंद्र के निर्माण का पैसा आ गया है। अन्य ब्लॉकों के प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। जबकि गभाना के गांव कोमला कन्दोली व नबीपुर में केंद्र पहले ही बन चुके हैं।
विज्ञापन
मजूपुर सुबकरा व पालर गांव के गो संरक्षण केंद्र को शासन से मंजूरी मिल गई है। इनके अलावा कोल तहसील के लोधा गांव के पास नया केंद्र बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
विज्ञापन
डॉ बीपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी