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Lakhpati Didi: मंडल में 50 हजार और बनेंगी लखपति दीदी, अलीगढ़-हाथरस में महिलाएं बन रहीं उद्यमी

Sat, 14 Feb 2026 12:13 PM IST
चमन शर्मा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, अलीगढ़
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 14 Feb 2026 12:13 PM IST
सार

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अब तक पूरे मंडल में 52,773 से अधिक महिलाएं 17 हजार स्वयं सहायता समूह का हिस्सा बनी हैं जिनमें से कई उद्यमी बन चुकी हैं।

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Lakhpati Didi in Aligarh division
लखपति दीदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री द्वारा लखपति दीदी का लक्ष्य छह करोड़ करने के बाद अलीगढ़ मंडल में करीब 50 हजार और महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सालाना एक लाख रुपये से अधिक आय अर्जित कर सकेंगी। इस योजना के तहत अब तक मंडल के चारों जिलों अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। 

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13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नए कार्यालय से इसकी घोषणा की तो अधिकारियों ने इसे प्रदेश खासतौर पर मंडल के सभी जिलों के लिए एक बड़ा फैसला बताया, क्योंकि यहां अब तक लखपति दीदी योजना में काफी प्रभाव देखने को मिला। इनका मानना है कि इस फैसले के बाद चारों जिलों में 50 हजार और महिलाओं को रोजगार का मौका मिलेगा। अलीगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार बताते हैं कि लखपति दीदी को लेकर अब तक काफी बेहतर कार्य हुए हैं। जल्द ही लखनऊ से भी इस संबंध में निर्देश मिलने की उम्मीद है जिसके बाद करीब 50 हजार और महिलाएं लखपति दीदी बन सकेंगी।
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अलीगढ़-हाथरस में कई महिलाएं उद्यमी भी बनीं
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अब तक पूरे मंडल में 52,773 से अधिक महिलाएं 17 हजार स्वयं सहायता समूह का हिस्सा बनी हैं जिनमें से कई उद्यमी बन चुकी हैं। ये स्वयं सहायता समूह चुनरी (मूर्तियों के लिए कपड़ा) और अगरबत्ती के साथ कई अन्य तरह की वस्तुओं का निर्माण कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन समूहों में लगभग 37% सदस्यों ने शामिल होने के बाद नई आर्थिक गतिविधियां शुरू की हैं या फिर मौजूदा गतिविधियों का विस्तार किया है। इनमें से 59% कृषि से संबंधित व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इन समूहों में आमतौर पर 10-20 स्थानीय महिलाएं होती हैं जो पंचसूत्र यानी नियमित बैठकें, बचत, आंतरिक उधार, पुर्न भुगतान और लेखा-जोखा का पालन करती हैं।

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