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..तो बच्चे निकल पड़े चीन से लोहा लेने
Sat, 20 Jun 2020 12:08 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 20 Jun 2020 12:08 AM IST
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चीन की सीमा पर जाने के लिए निकले बच्चों को रोकती पुलिस।
- फोटो : neeraj
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जब देश के दुश्मनों सेे बदला लेने की आ जाए तो हिंदुस्तान की सेना ही नहीं छोटे-छोटे बच्चे भी शहीदों की शहादत का बदला लेने से चूकते नहीं। अलीगढ़ की गभाना तहसील के गांव अमरदपुर के कुछ बच्चे शुक्रवार को भारत चीन की सीमा की ओर कूच करने लगे। ये बच्चे रोड पर दौड़ते हुए पुलिसकर्मियों को नजर आए।
उन्हें रोकने पर बच्चों ने जो जवाब दिया उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। क्योंकि बच्चों का जवाब था कि हम चीन बॉर्डर पर अपने शहीद जवानों की मौत का बदला लेने जा रहे हैं। इलाके के दस बच्चों ने चीन से भारतीय जवानों की शहादत का बदला लेने की ठानी है। इसके लिए यह सभी इकट्ठा होकर चीन से लड़ने के लिए निकल पड़े। लेकिन दोरऊ मोड़ पर पुलिस ने इन सभी को रोक लिया और उन्हें समझाबुझा कर घर वापस भेज दिया।
बच्चों की टोली में शामिल करन ने बताया कि उसे युद्ध के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है, वह केवल अपने सैनिकों की मौत का बदला लेना चाहता है। करन सहित दूसरे बच्चों के ऐसे विचार सुन कर पुलिस वालों ने उनको समझाबुझा कर घर भेज दिया। गौरतलब है कि लद्दाख सीमा पर 15 जून की रात चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय सेनिकों पर हमला बोल दिया था। जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए।
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उन्हें रोकने पर बच्चों ने जो जवाब दिया उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। क्योंकि बच्चों का जवाब था कि हम चीन बॉर्डर पर अपने शहीद जवानों की मौत का बदला लेने जा रहे हैं। इलाके के दस बच्चों ने चीन से भारतीय जवानों की शहादत का बदला लेने की ठानी है। इसके लिए यह सभी इकट्ठा होकर चीन से लड़ने के लिए निकल पड़े। लेकिन दोरऊ मोड़ पर पुलिस ने इन सभी को रोक लिया और उन्हें समझाबुझा कर घर वापस भेज दिया।
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बच्चों की टोली में शामिल करन ने बताया कि उसे युद्ध के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है, वह केवल अपने सैनिकों की मौत का बदला लेना चाहता है। करन सहित दूसरे बच्चों के ऐसे विचार सुन कर पुलिस वालों ने उनको समझाबुझा कर घर भेज दिया। गौरतलब है कि लद्दाख सीमा पर 15 जून की रात चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय सेनिकों पर हमला बोल दिया था। जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए।
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