{"_id":"57faa1284f1c1b665228e6ae","slug":"kashmiri-student-advocacy-candidates-ignored-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीरी छात्र की वकालत करने वाले प्रत्याशियों को छात्रों ने नकारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीरी छात्र की वकालत करने वाले प्रत्याशियों को छात्रों ने नकारा
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 10 Oct 2016 01:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एएमयू छात्र संघ चुनाव के फाइनल स्पीच में उड़ी में शहीद 17 जवानों पर अपमान जनक टिप्पणी करने वाले मुद्स्सिर यूसुफ की वकालत करने वाले सचिव पद के प्रत्याशी महफूज आलम एवं मो. शिकोह को छात्रों ने नकार दिया।
महफूज आलम 880 मत पर सिमट गए। वहीं मो. शिकोह को मात्र 1047 मत मिले। दोनो छात्रों की राजनीति काम नहीं आई। उल्लेखनीय है कि कश्मीरी छात्र मुद्स्सिर यूसुफ ने फेसबुक पर उड़ी में शहीद 17 जवानों पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कश्मीरी छात्र यूसुफ को बुलाकर पूछा तो उसने गलती स्वीकार कर ली। शहीदों पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले छात्र को कुलपति ने तत्काल यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया। एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने भी छात्र के बयान की निंदा की थी।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर आहुति संस्था के अध्यक्ष द्वारा अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी के माध्यम से थाना सिविल लाइन में तहरीर भी दी गई थी। वकालत से नाराज कई संगठनों ने एएमयू प्रशासन का पुतला भी फूंका था।
विज्ञापन
महफूज आलम 880 मत पर सिमट गए। वहीं मो. शिकोह को मात्र 1047 मत मिले। दोनो छात्रों की राजनीति काम नहीं आई। उल्लेखनीय है कि कश्मीरी छात्र मुद्स्सिर यूसुफ ने फेसबुक पर उड़ी में शहीद 17 जवानों पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
विज्ञापन
कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कश्मीरी छात्र यूसुफ को बुलाकर पूछा तो उसने गलती स्वीकार कर ली। शहीदों पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले छात्र को कुलपति ने तत्काल यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया। एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने भी छात्र के बयान की निंदा की थी।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर आहुति संस्था के अध्यक्ष द्वारा अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी के माध्यम से थाना सिविल लाइन में तहरीर भी दी गई थी। वकालत से नाराज कई संगठनों ने एएमयू प्रशासन का पुतला भी फूंका था।