{"_id":"60243e8e8ebc3ee971692fb0","slug":"kasganj-incident-city-office-news-ali2559387156","type":"story","status":"publish","title_hn":"कासगंज घटनाः लगा था नहीं बचेगी जान...ईश्वर ने दिया जीवनदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कासगंज घटनाः लगा था नहीं बचेगी जान...ईश्वर ने दिया जीवनदान
विज्ञापन
कासगंज घटना के घायल दरोगा अशोक कुमार को देखने पहुंचे कमिश्नर गौरव दयाल।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज में गंगा नदी की कटरी के गांव नगला धीमर के खेतों में शराब माफिया के हमले के शिकार दरोगा अशोक कुमार की हालत स्थिर है, मगर नाजुक बनी हुई है। ऑक्सीजन सपोर्ट पर होने के कारण वे बहुत ज्यादा बात तो नहीं कर पा रहे, मगर सिर हिलाकर या हां-ना में टूटे-फूटे जवाब देकर अपने साथ घटित खौफनाक मंजर को बयां कर सिहर उठते हैं। वे बस इतना बताते हैं, जो हुआ, उसमें उन्हें नहीं लगता था कि जान बच पाएगी। ईश्वर ने ही दूसरा जीवन दिया है। हमलावर भी उन्हें मृत समझकर छोड़कर भाग गए थे।
जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी स्थित आईसीयू वार्ड में भर्ती किशनी के गांव देवा निवासी और कासगंज के सिढ़पुरा थाने में तैनात दरोगा अशोक कुमार के सिर, दोनों पैर औरे सीने पर गंभीर चोटें हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों व पुलिस अधिकारियों से हुई बातचीत में उन्होंने जो बताया है, उस पर गौर करें तो घटना वाकई खौफनाक थी।
ये हुआ घटनास्थल पर
दरोगा ने इशारों-इशारों में जो बताया उसके अनुसार वे 11 मुकदमों के आरोपी शराब माफिया के वारंट होने पर सिपाही देवेंद्र के साथ बाइक पर वहां गए थे। जब वे पहुंचे तो वहां शराब की भट्ठी चलती देखी। इस पर पुलिस को देख शुरुआत में वे लोग भाग गए। मगर कुछ ही देर में काफी संख्या में एकत्रित होकर आए और उन्हें घेरकर खेतों में ले जाकर बंधक बनाकर पीटना शुरू कर दिया। दोनों पर बल्लम-भाले सहित अन्य धारदार हथियारों से हमला बोला गया। दोनों के हथियार भी छीन लिए गए। पेड़ से बंधक बनाकर पीटा गया। 20 से 25 मिनट तक तो ऐसा लगा कि अब शायद जान नहीं बच पाएगी। वर्दी तक फाड़ दी। दरोगा के सीने में बगल की तरफ से कुछ नुकीला हथियार घुसा और सिर में चोट आई। हमलावरों के जाने के बाद काफी दूर तक दरोगा अशोक घिसट-घिसटकर गांव की ओर बढ़ रहे थे, मगर कुछ दूर चलकर चोट व दर्द के कारण वह बेसुध हो गए। इसके बाद उन्हें जब पुलिस ने पहुंचकर उठाया, तब अहसास हुआ कि जीवित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी स्थित आईसीयू वार्ड में भर्ती किशनी के गांव देवा निवासी और कासगंज के सिढ़पुरा थाने में तैनात दरोगा अशोक कुमार के सिर, दोनों पैर औरे सीने पर गंभीर चोटें हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों व पुलिस अधिकारियों से हुई बातचीत में उन्होंने जो बताया है, उस पर गौर करें तो घटना वाकई खौफनाक थी।
विज्ञापन
ये हुआ घटनास्थल पर
दरोगा ने इशारों-इशारों में जो बताया उसके अनुसार वे 11 मुकदमों के आरोपी शराब माफिया के वारंट होने पर सिपाही देवेंद्र के साथ बाइक पर वहां गए थे। जब वे पहुंचे तो वहां शराब की भट्ठी चलती देखी। इस पर पुलिस को देख शुरुआत में वे लोग भाग गए। मगर कुछ ही देर में काफी संख्या में एकत्रित होकर आए और उन्हें घेरकर खेतों में ले जाकर बंधक बनाकर पीटना शुरू कर दिया। दोनों पर बल्लम-भाले सहित अन्य धारदार हथियारों से हमला बोला गया। दोनों के हथियार भी छीन लिए गए। पेड़ से बंधक बनाकर पीटा गया। 20 से 25 मिनट तक तो ऐसा लगा कि अब शायद जान नहीं बच पाएगी। वर्दी तक फाड़ दी। दरोगा के सीने में बगल की तरफ से कुछ नुकीला हथियार घुसा और सिर में चोट आई। हमलावरों के जाने के बाद काफी दूर तक दरोगा अशोक घिसट-घिसटकर गांव की ओर बढ़ रहे थे, मगर कुछ दूर चलकर चोट व दर्द के कारण वह बेसुध हो गए। इसके बाद उन्हें जब पुलिस ने पहुंचकर उठाया, तब अहसास हुआ कि जीवित हैं।
विज्ञापन