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जोरेज का साथी पिस्टल चलाते हुए कैमरे में कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2016 01:09 AM IST
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एएमयू
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 23 अप्रैल की रात हुए उपद्रव की घटना में गिरफ्तार किए गए छात्र नेता मो. जोरेज का खास साथी सीसीटीवी कैमरे में पिस्टल से फायरिंग करता हुआ कैद हो गया है।
पुलिस ने इसे अहम सबूत के तौर पर पेश करने की तैयारी कर ली है। सीसीटीवी फुटेज मे कैद चेहरों को पहचाने और उनकी शिनाख्त करने का काम चलता रहा। बहुत लोग पहचान लिए गए हैं। इसके अलावा उपद्रव की घटना में नामजद आरोपियों की गिरफ्तार के लिए शुक्रवार को गैर जमानती वारंट जारी नहीं हो सके।
उपद्रव में करीब 6-7 लोगों को नामजद किया गया है। जबकि इतने ही लोगो को उपद्रव के दौरान हुई हत्या में नामजद किया गया है। इस दौरान एक पहलू यह भी सामने आया है कि पुलिस जांच के लिए जो नाम एएमयू से मांग रही हैं, विश्वविद्यालय प्रशसान उन नामों के संबंध में विवरण देने में हीला हवाली कर रहा है। इस तरह संकेत की भाषा को अगर पढ़ा जाए तो उसका मतलब यह निकलता है कि एएमयू इंतजामिया पुलिस का जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जिसके चलते पुलिस को नतीजे पर पहुंचने में समय लग रहा है। गौरतलब है कि 23 अप्रैल की रात को
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उपद्रव कर रहे एएमयू छात्रों ने प्रॉक्टर ऑफिस को फूंकने के बाद वीसी लॉज और गेस्ट हाउस के बाहर आग लगा दी थी। इसके बाद पुलिस और छात्रों को बीच आमने-सामने की फायरिंग हुई थी और कैंपस में प्रॉक्टर की जीप समेत कई वाहन जला दिए गए थे। इस उपद्रव की शुरुआत मुमताज हॉल के एक छात्र के साथ मारपीट कर उसके कमरे में कुछ छात्रों के आग लगा देने से हुई थी।
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पुलिस ने इसे अहम सबूत के तौर पर पेश करने की तैयारी कर ली है। सीसीटीवी फुटेज मे कैद चेहरों को पहचाने और उनकी शिनाख्त करने का काम चलता रहा। बहुत लोग पहचान लिए गए हैं। इसके अलावा उपद्रव की घटना में नामजद आरोपियों की गिरफ्तार के लिए शुक्रवार को गैर जमानती वारंट जारी नहीं हो सके।
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उपद्रव में करीब 6-7 लोगों को नामजद किया गया है। जबकि इतने ही लोगो को उपद्रव के दौरान हुई हत्या में नामजद किया गया है। इस दौरान एक पहलू यह भी सामने आया है कि पुलिस जांच के लिए जो नाम एएमयू से मांग रही हैं, विश्वविद्यालय प्रशसान उन नामों के संबंध में विवरण देने में हीला हवाली कर रहा है। इस तरह संकेत की भाषा को अगर पढ़ा जाए तो उसका मतलब यह निकलता है कि एएमयू इंतजामिया पुलिस का जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जिसके चलते पुलिस को नतीजे पर पहुंचने में समय लग रहा है। गौरतलब है कि 23 अप्रैल की रात को
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उपद्रव कर रहे एएमयू छात्रों ने प्रॉक्टर ऑफिस को फूंकने के बाद वीसी लॉज और गेस्ट हाउस के बाहर आग लगा दी थी। इसके बाद पुलिस और छात्रों को बीच आमने-सामने की फायरिंग हुई थी और कैंपस में प्रॉक्टर की जीप समेत कई वाहन जला दिए गए थे। इस उपद्रव की शुरुआत मुमताज हॉल के एक छात्र के साथ मारपीट कर उसके कमरे में कुछ छात्रों के आग लगा देने से हुई थी।