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नौकरी संग शादी तय अब ‘बेरोजगारी’ का भय
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:43 AM IST
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नाौकरी
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बेटे ने यूपी पुलिस की परीक्षा पास कर ली तो मां-बाप के पास शादी के लिए रिश्ते आने लगे। चूंकि बेटा सरकारी नौकर होने जा रहा था। इसलिए मुंह-मांगी कीमत में रिश्ते तय कर लिए गए।
मगर आज तक ट्रेनिंग शुरू न होने के कारण बेटा आज भी बेरोजगारों की तरह घूम रहा है। लोग ताने दे रहे हैं। रिश्ता पक्का करने वाला परिवार भी बार-बार एक ही सवाल पूछ रहा है कि आखिर क्या हुआ? ऐसे में बेरोजगारी के भय से परेशान अभ्यर्थी इधर से उधर भटक रहे हैं। चूंकि सब कुछ शासन और पुलिस महानिदेशालय स्तर से तय होना है। इसलिए स्थानीय स्तर पर किसी के पास कोई संतोषजनक जानकारी भी नहीं है।
यूपी पुलिस में वर्ष 2013 में हुई सीधी भरती में 38 हजार करीब अभ्यर्थी चयनित किए गए। जिनमें से परीक्षाएं होने के बाद 16747 अभ्यर्थी शेष रह गए, जिनके मेडिकल, सत्यापन के बाद भी उन्हें ट्रेनिंग नहीं शुरू कराई गई। इस संख्या में से अपने जिले के भी 450 के करीब अभ्यर्थी ऐसे ही हैं। इन्हें लेकर 6 जनवरी को भी गृह विभाग के मीडिया सेल ने बयान जारी किया था कि जल्द ही इनकी ट्रेनिंग शुरू करा दी जाएगी।
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इसके लिए 28 मार्च तक का समय भी दिया गया था।
मगर अभी तक इनको लेकर कोई आदेश नहीं आया है। सिपाही बनने की उम्मीद में खुद इन अभ्यर्थियों व परिजनों ने तमाम सपने संजो लिए। अनगिनत तो ऐसे भी हैं कि जिन्होंने कर्ज लेकर सिपाही बनने संबंधी औपचारिकताएं पूरी कीं। अनगिनत ऐसे भी हैं, जिन्होंने बेटों की मुंह मांगी कीमत में शादी तय कर ली। मगर आज भी वे बेरोजगार ही हैं। इसे लेकर उनका व परिजनों का जीवन बेहद तनाव में चल रहा है।
4 अप्रैल को लखनऊ में होगा धरना
अलीगढ़। पुलिस की ट्रेनिंग शुरू न होने से खफा इन अभ्यर्थियों ने 4 अप्रैल को लखनऊ में धरना देने का ऐलान किया है। इस संबंध में बुधवार को यहां एसएसपी दफ्तर पर किसी नई सूचना की जानकारी करने आए कई दर्जन अभ्यर्थियों में शामिल नितिन सिंह व अनुज सिंह ने बताया कि प्रदेश स्तर पर परेशान अभ्यर्थियों ने निर्णय लिया है कि लखनऊ में आवाज बुलंद की जाए।
इसके लिए 4 अप्रैल को धरना देना तय किया है। इसके लिए वहां अनुमति भी ले ली गई है। यहां से अधिक से अधिक संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इसलिए लखनऊ से ही उन्हें मदद की उम्मीद है। बता दें कि इनको जिला आवंटित होने के साथ प्रशिक्षण शुरू कराया जाना है।
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मगर आज तक ट्रेनिंग शुरू न होने के कारण बेटा आज भी बेरोजगारों की तरह घूम रहा है। लोग ताने दे रहे हैं। रिश्ता पक्का करने वाला परिवार भी बार-बार एक ही सवाल पूछ रहा है कि आखिर क्या हुआ? ऐसे में बेरोजगारी के भय से परेशान अभ्यर्थी इधर से उधर भटक रहे हैं। चूंकि सब कुछ शासन और पुलिस महानिदेशालय स्तर से तय होना है। इसलिए स्थानीय स्तर पर किसी के पास कोई संतोषजनक जानकारी भी नहीं है।
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यूपी पुलिस में वर्ष 2013 में हुई सीधी भरती में 38 हजार करीब अभ्यर्थी चयनित किए गए। जिनमें से परीक्षाएं होने के बाद 16747 अभ्यर्थी शेष रह गए, जिनके मेडिकल, सत्यापन के बाद भी उन्हें ट्रेनिंग नहीं शुरू कराई गई। इस संख्या में से अपने जिले के भी 450 के करीब अभ्यर्थी ऐसे ही हैं। इन्हें लेकर 6 जनवरी को भी गृह विभाग के मीडिया सेल ने बयान जारी किया था कि जल्द ही इनकी ट्रेनिंग शुरू करा दी जाएगी।
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इसके लिए 28 मार्च तक का समय भी दिया गया था।
मगर अभी तक इनको लेकर कोई आदेश नहीं आया है। सिपाही बनने की उम्मीद में खुद इन अभ्यर्थियों व परिजनों ने तमाम सपने संजो लिए। अनगिनत तो ऐसे भी हैं कि जिन्होंने कर्ज लेकर सिपाही बनने संबंधी औपचारिकताएं पूरी कीं। अनगिनत ऐसे भी हैं, जिन्होंने बेटों की मुंह मांगी कीमत में शादी तय कर ली। मगर आज भी वे बेरोजगार ही हैं। इसे लेकर उनका व परिजनों का जीवन बेहद तनाव में चल रहा है।
4 अप्रैल को लखनऊ में होगा धरना
अलीगढ़। पुलिस की ट्रेनिंग शुरू न होने से खफा इन अभ्यर्थियों ने 4 अप्रैल को लखनऊ में धरना देने का ऐलान किया है। इस संबंध में बुधवार को यहां एसएसपी दफ्तर पर किसी नई सूचना की जानकारी करने आए कई दर्जन अभ्यर्थियों में शामिल नितिन सिंह व अनुज सिंह ने बताया कि प्रदेश स्तर पर परेशान अभ्यर्थियों ने निर्णय लिया है कि लखनऊ में आवाज बुलंद की जाए।
इसके लिए 4 अप्रैल को धरना देना तय किया है। इसके लिए वहां अनुमति भी ले ली गई है। यहां से अधिक से अधिक संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इसलिए लखनऊ से ही उन्हें मदद की उम्मीद है। बता दें कि इनको जिला आवंटित होने के साथ प्रशिक्षण शुरू कराया जाना है।