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सपा विधायक जमीरउल्लाह के खिलाफ याचिका दायर
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:52 AM IST
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‘बाबरी मंडी कांड के आरोपी मेरे पास हैं, अगर किसी में हिम्मत है तो उन्हें पकड़कर दिखाए।’ बाबरी मंडी की घटना के बाद 30 जुलाई को एसएसपी दफ्तर पर मीडिया को सपा विधयाक द्वारा जमीरउल्लाह द्वारा दिया गया यह बयान उनके खिलाफ परेशानी का सबब बन गया है।
अब आकर इस विवादित बयान के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में वाद दायर हुआ है, जिसमें सीधे-सीधे कहा गया है कि विधायक ने खुद को एक तालिबानी के रूप में प्रस्तुत करते हुए भारतीय कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए आरोपियों को संरक्षण देने वाला यह बयान दिया था।
अदालत ने परिवाद के रूप में यह वाद स्वीकारते हुए 19 नवंबर को साक्ष्य पेश करने के लिए तारीख नियत की है। बता दें कि इस बयान के बाद भाजपा ने जहां कड़ा ऐतराज जताया था और प्रशासन की ओर से भी उन्हें नोटिस जारी किया गया था।
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सासनी गेट के बाबरी मंडी इलाके में 21 जुलाई की रात एक महिला से छेड़छाड़ को लेकर हुई सांप्रदायिक घटना के बाद कोल विधायक ने यह बयान दिया था। इसे लेकर सासनीगेट के पंचनगरी निवासी भारत कुमार गोस्वामी ने सीआरपीसी की दफा 156/3 के तहत सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर इस बयान को लेकर मुकदमे का अनुरोध किया गया।
आरोप है कि विधायक ने यह बयान सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से दिया था। अपराधियों को संरक्षण प्रदान कर उन्होंने कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाया। उन्हें भारतीय कानून पर भरोसा नहीं है। याची के अधिवक्ता रघुवंश शर्मा व अविनाश शर्मा के अनुसार इस संबंध में चार अगस्त को एसएसपी से भी शिकायत की गई थी, मगर सुनवाई नहीं हुई। अब अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए 19 सितंबर को इसे परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया है और 19 नवंबर को साक्ष्य पेश करने व याची को बयान दर्ज कराने की तारीख तय की है।
वैसे यह बात मेरे संज्ञान में नहीं है कि मेरे खिलाफ कोई याचिका अदालत में दायर हुई है। अगर ऐसा है तो वह भी अदालत में अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगे और जो भी कानूनी औपचारिकताएं होंगी, उन्हें पूरा किया जाएगा।
- जमीरउल्लाह, सपा विधयाक
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अब आकर इस विवादित बयान के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में वाद दायर हुआ है, जिसमें सीधे-सीधे कहा गया है कि विधायक ने खुद को एक तालिबानी के रूप में प्रस्तुत करते हुए भारतीय कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए आरोपियों को संरक्षण देने वाला यह बयान दिया था।
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अदालत ने परिवाद के रूप में यह वाद स्वीकारते हुए 19 नवंबर को साक्ष्य पेश करने के लिए तारीख नियत की है। बता दें कि इस बयान के बाद भाजपा ने जहां कड़ा ऐतराज जताया था और प्रशासन की ओर से भी उन्हें नोटिस जारी किया गया था।
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सासनी गेट के बाबरी मंडी इलाके में 21 जुलाई की रात एक महिला से छेड़छाड़ को लेकर हुई सांप्रदायिक घटना के बाद कोल विधायक ने यह बयान दिया था। इसे लेकर सासनीगेट के पंचनगरी निवासी भारत कुमार गोस्वामी ने सीआरपीसी की दफा 156/3 के तहत सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर इस बयान को लेकर मुकदमे का अनुरोध किया गया।
आरोप है कि विधायक ने यह बयान सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से दिया था। अपराधियों को संरक्षण प्रदान कर उन्होंने कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाया। उन्हें भारतीय कानून पर भरोसा नहीं है। याची के अधिवक्ता रघुवंश शर्मा व अविनाश शर्मा के अनुसार इस संबंध में चार अगस्त को एसएसपी से भी शिकायत की गई थी, मगर सुनवाई नहीं हुई। अब अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए 19 सितंबर को इसे परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया है और 19 नवंबर को साक्ष्य पेश करने व याची को बयान दर्ज कराने की तारीख तय की है।
वैसे यह बात मेरे संज्ञान में नहीं है कि मेरे खिलाफ कोई याचिका अदालत में दायर हुई है। अगर ऐसा है तो वह भी अदालत में अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगे और जो भी कानूनी औपचारिकताएं होंगी, उन्हें पूरा किया जाएगा।
- जमीरउल्लाह, सपा विधयाक