फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Jila Panchayat Election in uttar pradesh

जिला पंचायत में शह और मात की बिसात बिछनी शुरू, भाजपा, सपा और बसपा के साथ कांग्रेस में भी हलचल

Sat, 13 Feb 2021 12:26 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 13 Feb 2021 12:26 AM IST
विज्ञापन
Jila Panchayat Election in uttar pradesh
prayagraj news : पंचायत चुनाव - फोटो : prayagraj
अलीगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष पद शासन स्तर से अनारक्षित घोषित हो गया है। ये सीट सामान्य वर्ग में रखी गई है। सामान्य वर्ग में रहने से इस सीट का चुनाव रोचक और मुकाबला कड़ा होने की संभावनाएं बन गई हैं। सत्तारूढ़ भाजपा, सपा और बसपा के साथ कांग्रेस में भी हलचल है। यही नहीं, इन दलों के अंदर सक्रिय नेताओं के बीच भी इस कुर्सी को लेकर रस्साकसी का दौर है।
विज्ञापन


इधर, जिला पंचायत अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग में रहने से पूर्व कबीना मंत्री ठा. जयवीर सिंह, उनके भतीजे एवं निवर्तमान अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू सहित पूरे खेमे ने राहत की सांस ली है। बीते पंद्रह वर्ष से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पूर्व कबीना मंत्री ठा. जयवीर सिंह की राजनीति सटीक बैठी है। लगातार तीन चुनावों में उनके पसंदीदा लोग जिले की सबसे महत्वपूर्ण कुर्सी तक पहुंच पाए हैं। जिसमें पूर्व अध्यक्ष रामसखी कठेरिया, चौ. सुधीर सिंह और उपेंद्र सिंह नीटू शामिल हैं।
विज्ञापन


बहरहाल, अब सभी को जिला पंचायत के वार्डों का आरक्षण घोषित होने का इंतजार है, ताकि पूरी बिसात बिछाई जा सके। बहुमत जुटाने का गुणा गणित लगाया जा सके। वार्डों का आरक्षण जारी होने में अभी लगभग 29 दिन का वक्त है, क्योंकि वार्ड आरक्षण 14 मार्च तक जारी हो पाएगा। जिला प्रशासन वार्ड आरक्षण जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। 20 फरवरी से इसकी शासकीय प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला पंचायत के चुनाव को लेकर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। एक एक सीट पर कई कई दावेदार हैं। बरौली, इगलास, कोल और खैर में पार्टी की स्थिति मजबूत है। अन्य पार्टी के लोग भी बसपा में दावेदारी कर रहे हैं। बसपा का परंपरागत वोट बढ़ रहा है। पूर्व कबीना मंत्री ठा. जयवीर सिंह के जाने का असर नहीं है। लोकसभा में हम दूसरे नंबर पर रहे थे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी तीन चार मजबूत दावेदार हैं। ये सीट सामान्य वर्ग में जाने के कारण इसके दावेदार अभी और बढ़ेंगे।
- रतनदीप सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सीट सामान्य कोटे में आने का असर होगा। दावेदार ज्यादा होंगे। पार्टी जिला पंचायत सदस्यों की संख्या के बहुमत पर ध्यान दे रही है। अध्यक्ष तो बाद में चुना जाएगा, पहले वार्ड सदस्य जिताना है। वार्ड आरक्षण स्पष्ट होने के बाद इसके आवेदन लिए जाएंगे। वार्ड के आरक्षण आने के बाद तय होगा कि किसको कहां लड़ाया जाए। इसके साथ ही अध्यक्ष पद की रणनीति बनाई जाएगी।
- गिरीश यादव, जिलाध्यक्ष सपा

जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट सामान्य वर्ग में आने से मुकाबला रोचक और कड़ा होगा। वार्ड आरक्षण आने के बाद तस्वीर स्पष्ट होगी। अभी तक 15 आवेदन आए हैं। सभी आरक्षण स्पष्ट होते ही पार्टी की बैठक में आगे की रणनीति तय होगी। सभी की रायशुमारी के बाद ही फैसला होगा। प्रदेश नेतृत्व से भी राय मांगी जाएगी।
-चौ. सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग में रहने का सभी लोगों ने स्वागत किया है। इस महत्वपूर्ण पद के चुनाव को लेकर भाजपा का जो भी निर्णय होगा, उसके ही अनुसार आगे की रणनीति तय होगी।

- उपेंद्र सिंह नीटू, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष।

अबकी बार 24 सीट पर हो जाएगा बहुमत
इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव रोचक होने वाला है, क्योंकि बहुमत का आंकड़ा कम हो गया है। वर्ष 2015 के चुनाव में जहां 52 सीटों का सदन था, वहीं इस बार 47 सीटें ही हैं। नगरीय सीमा विस्तार होने से पांच सीटें कम हो गई हैं। इसलिए जहां 2015 में बहुमत 27 सीट पर होता था, वही इस बार ये 24 सीट पर ही प्राप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed