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Aligarh News: दो साल पहले जिन गहनों पर लोन दिया, उन्हीं को अब बताया नकली, आरबीआई के लोकपाल से शिकायत
Sat, 11 Oct 2025 04:11 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 11 Oct 2025 04:11 PM IST
सार
बैंक ने अनूप को बताया कि गहनों में मौजूद चूड़ियां नकली हैं। अनूप की ओर से दलील दी गई कि अगर ये गहने नकली थे, तो दो साल पहले इन्हीं को गिरवी रखकर लोन कैसे दे दिया गया। गहने दो साल से बैंक की निगरानी और कस्टडी में थे, ऐसे में यह बदलाव कैसे हुआ।
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गहने
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
एक निजी बैंक के गोल्ड लोन सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। दो साल पहले सोने के जिन गहनों को असली मानकर बैंक ने चार लाख रुपये का लोन दिया था, अब उन्हीं में से कुछ गहनों को नकली बताकर नया लोन देने से मना कर दिया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत भारतीय रिजर्व बैंक के लोकपाल से की है, जिसका संज्ञान लिया गया है।
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पीड़ित अनूप चौधरी ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने अपने परिवार के सोने के आभूषण एक निजी बैंक में गिरवी रखकर चार लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। उस समय बैंक ने गहनों की शुद्धता जांच कराई थी और उनको सही मानकर लोन की रकम दी थी। सोने की कीमतों में उछाल आने के बाद अनूप ने बैंक से आगे और लोन देने की मांग की। इस पर बैंक ने उन्हें सलाह दी कि पहले वे पुराना लोन चुका दें, उसके बाद उन्हीं गहनों पर नया लोन मिल जाएगा। अनूप ने पुराना पूरा पैसा चुका दिया और नए सिरे से लोन के लिए आवेदन किया।
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नए लोन की प्रक्रिया शुरू होने पर बैंक ने गहनों की एक बार फिर से शुद्धता जांच कराई। इस बार बैंक ने अनूप को बताया कि गहनों में मौजूद चूड़ियां नकली हैं। अनूप की ओर से दलील दी गई कि अगर ये गहने नकली थे, तो दो साल पहले इन्हीं को गिरवी रखकर लोन कैसे दे दिया गया। गहने दो साल से बैंक की निगरानी और कस्टडी में थे, ऐसे में यह बदलाव कैसे हुआ। बैंक की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर अनूप चौधरी ने आरबीआई के लोकपाल से शिकायत की है। आरबीआई की ओर से शिकायत स्वीकृति का नोट भी मिल गया है।
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