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डीएम के हाथों राशन कार्ड पाकर खुशी में छलकी जानकी की आंखें
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संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़।
राशन कार्ड पाने के लिए भटक रही एक वृद्धा के लिए मंगलवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह मददगार बन गए। उन्होंने मात्र 30 मिनट में ही वृद्धा को राशन कार्ड बनवाकर दिया तो खुशी से उसकी आंखें भर आयी और वह दुआएं देती हुई घर चली गईं। इसी तरह 30 साल से जमीन के मामले में न्याय पाने के लिए भटक रही एक दूसरी वृद्धा की समस्या का एक माह में ही निस्तारण कराने के लिए एडीएम प्रशासन को अधिकृत कर दिया।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह कलक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का अधीनस्थ अफसरों के साथ निरीक्षण कर रहे थे। इसी बीच उन्हें एडीएम प्रशासन के कोर्ट के बाहर एक महिला खड़ी मिली। डीएम ने उससे कलेक्ट्रेट आने का कारण पूछा, तो जानकी देवी ने बताया कि वह जवां ब्लॉक के ग्राम सिकरना की रहने वाली है।
राशन कार्ड धारक है, परंतु अब उनका नाम काट दिया गया है, जिससे उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। वह राशन कार्ड बनवाने के लिए यहां भटक रही है। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय को तलब किया। वह किसी कार्य से हरदुआगंज गए हुए थे। इस पर डीएम ने पूर्ति कार्यालय के लिपिक को बुलाकर 30 मिनट में वृद्धा जानकी देवी का राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। राशन कार्ड बनने पर खुद महिला को सौंपा तो खुशी से चेहरा खिल गया और उसके आंसू भी निकल आए। वह डीएम को दुआएं देती हुई घर चली गई।
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डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति को मिलना ही चाहिए। उधर, निरीक्षण के दौरान सावित्री नाम की दूसरी महिला खड़ी मिली। डीएम ने उसकी व्यथा सुनी तो उसने बताया कि न्याय के लिए 30 साल से भटक रही है। डीएम ने एडीएम प्रशासन के कोर्ट में पहुंचकर महिला की जमीन से जुड़ी समस्या की पत्रावली का खुद अवलोकन किया। इसमें 12 सितंबर की तारीख दी गई थी। डीएम ने एडीएम प्रशासन को प्रकरण में एक माह में निस्तारण करने के निर्देश दिए।
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राशन कार्ड पाने के लिए भटक रही एक वृद्धा के लिए मंगलवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह मददगार बन गए। उन्होंने मात्र 30 मिनट में ही वृद्धा को राशन कार्ड बनवाकर दिया तो खुशी से उसकी आंखें भर आयी और वह दुआएं देती हुई घर चली गईं। इसी तरह 30 साल से जमीन के मामले में न्याय पाने के लिए भटक रही एक दूसरी वृद्धा की समस्या का एक माह में ही निस्तारण कराने के लिए एडीएम प्रशासन को अधिकृत कर दिया।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह कलक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का अधीनस्थ अफसरों के साथ निरीक्षण कर रहे थे। इसी बीच उन्हें एडीएम प्रशासन के कोर्ट के बाहर एक महिला खड़ी मिली। डीएम ने उससे कलेक्ट्रेट आने का कारण पूछा, तो जानकी देवी ने बताया कि वह जवां ब्लॉक के ग्राम सिकरना की रहने वाली है।
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राशन कार्ड धारक है, परंतु अब उनका नाम काट दिया गया है, जिससे उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। वह राशन कार्ड बनवाने के लिए यहां भटक रही है। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय को तलब किया। वह किसी कार्य से हरदुआगंज गए हुए थे। इस पर डीएम ने पूर्ति कार्यालय के लिपिक को बुलाकर 30 मिनट में वृद्धा जानकी देवी का राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। राशन कार्ड बनने पर खुद महिला को सौंपा तो खुशी से चेहरा खिल गया और उसके आंसू भी निकल आए। वह डीएम को दुआएं देती हुई घर चली गई।
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डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति को मिलना ही चाहिए। उधर, निरीक्षण के दौरान सावित्री नाम की दूसरी महिला खड़ी मिली। डीएम ने उसकी व्यथा सुनी तो उसने बताया कि न्याय के लिए 30 साल से भटक रही है। डीएम ने एडीएम प्रशासन के कोर्ट में पहुंचकर महिला की जमीन से जुड़ी समस्या की पत्रावली का खुद अवलोकन किया। इसमें 12 सितंबर की तारीख दी गई थी। डीएम ने एडीएम प्रशासन को प्रकरण में एक माह में निस्तारण करने के निर्देश दिए।