Aligarh: बाजारों में जाम, वाहन खड़े करने का नहीं है इंतजाम, जाम से जूझ रहे ग्राहक और राहगीर
सिविल लाइंस के दोदपुर, अमीर निशा, लालडिग्गी, समद रोड, सराय हकीम, बारहद्वारी, रसलगंज, देहली गेट, मलिक चौक, मानिक चौक, मामू भांजा, बड़ा बाजार, महावीरगंज, छिपेटी, कनवरीगंज, सब्जी मंडी, ऊपरकोट, फूल चौराहा, हलवाई खाना, जयगंज, रेलवे रोड पर ई-रिक्शा जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं।
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अलीगढ़ शहर की किसी भी प्रमुख सड़क या बाजार में जाएं तो ग्राहकों व राहगीरों को जाम से जूझना पड़ता है। इसका कारण बाजारों में बढ़ रही वाहनों की संख्या है। त्योहारों में यह समस्या और बढ़ सकती है, इसके बावजूद अभी तक पुलिस-प्रशासन ने इसके लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं किए हैं। नगर निगम की ओर से पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं है। हाल ही में ई-रिक्शा का रूट तय किया गया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो पा रहा है।
एसपी सिटी के दफ्तर के पास ही लगा रहता है जाम
एसपी सिटी दफ्तर के पास रसलगंज चौराहे से शुरू करें तो वहां पुलिस चौकी भी है। इसके बाद भी यहां बेतरतीब ढंग से खड़े ऑटो, ई-रिक्शा चालक जाम लगा रहे हैं। यही हालात कबर कुत्ता, माल गोदाम, गांधीपार्क बस स्टैंड, कंपनी बाग, दुबे पड़ाव, सब्जी मंडी, एटा चुंगी, हाथरस अड्डा, खिरनीगेट, सासनीगेट, सारसौल चौराहा, क्वार्सी चौराहे का है।
शहर में जाम का कारण बन रहे ई-रिक्शा व ऑटो के खड़े होने के लिए स्थल निर्धारित किए गए हैं। चालक निर्धारित स्थल से ही सवारियां उतार या बैठा सकते हैं। ऐसा न करने पर संबंधित वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी।- अमित कुमार भट्ट, अपर जिलाधिकारी नगर
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तंग गलियों में बन रहे जाम का कारण
सबसे ज्यादा बुरा हाल ई-रिक्शा की वजह से है। जो तंग गलियों व संकरे बाजारों में जाम बढ़ा रहे हैं। सिविल लाइंस के दोदपुर, अमीर निशा, लालडिग्गी, समद रोड, सराय हकीम, बारहद्वारी, रसलगंज, देहली गेट, मलिक चौक, मानिक चौक, मामू भांजा, बड़ा बाजार, महावीरगंज, छिपेटी, कनवरीगंज, सब्जी मंडी, ऊपरकोट, फूल चौराहा, हलवाई खाना, जयगंज, रेलवे रोड पर ई-रिक्शा जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं।
जिले में हैं पांच केंद्र
जिले में पांच ऑटो संचालन केंद्र है। नियमानुसार संचालन केंद्र की 16 किमी की परिधि में सवारी लाने-ले जाने की अनुमति ऑटो संचालकों को दी जाती है। इस परिधि से बाहर जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। निजी बसों के मार्ग पर ऑटो चलाने की अनुमति नहीं है। बावजूद इसके ये हर तरफ दौड़ते हैं। वर्ष 2019 से सिर्फ सीएनजी ऑटो को परमिट मिल रहे हैं। पंजीकृत ऑटो व ई रिक्शा का आंकड़ा बेशक कम है, मगर गैर पंजीकृत वाहनों की संख्या कहीं अधिक है।