फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Jailed Akhtar: Corruption will not be less than punishment

सिर्फ सजा से कम नहीं होंगे दुष्कर्म सिस्टम हो ठीक : जावेद अख्तर

Mon, 23 Apr 2018 01:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Mon, 23 Apr 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
Jailed Akhtar: Corruption will not be less than punishment
कवि गोपाल दास नीरज को बुके देकर मुलाकात करते गीतकार जावेद अख्तर। - फोटो : अमर उजाला
फिल्मों के जाने-माने गीतकार व पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने कहा कि दुष्कर्म पर फांसी की सजा के प्रावधान से जुर्म कम नहीं होगा। इसके लिए सत्ता में बैठे लोगों को पूरा सिस्टम ठीक करना होगा। सबसे पहले समय पर पीड़िता का एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। वे रविवार को मशहूर गीतकार पद्मभूषण गोपालदास नीरज के जनकपुरी स्थित आवास पर पत्रकारों से मुखातिब थे।  
विज्ञापन

नीरज से मुलाकात के दौरान जावेद अख्तर काफी भावुक नजर आए।

करीब एक घंटे के दौरान उनकी नीरज के स्वास्थ्य और गीतों के मूल स्वरूप बचाने पर चर्चा हुई। पुराने गीतों से छेड़छाड़ एवं रीमिक्स से नाराज जावेद अख्तर ने मीडिया से कहा कि रीमिक्स के नाम पर पुराने गीतों को बिगाड़ा जा रहा है। उनके गीत ‘घर से निकलते ही, कुछ दूर चलते ही...’ से छेड़छाड़ की गई। नीरज के गीत ‘ऐ भाई जरा देखकर चलो...’ के साथ भी ऐसा ही हुआ। कुछ कंपनियां अपने फायदे के लिए गीतों को रीमिक्स कर उनका अर्थ ही बदल दे रही हैं। 
विज्ञापन


बताया कि इसी संदर्भ में राय लेने के लिए नीरज के पास आए हैं ताकि पुराने गीतों को बिगड़ने से रोका जा सके। 
उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन में दो ही लोगों के पैर छुए हैं। माता-पिता या फिर नीरज के। नीरज और उनके गीत देश की धरोहर हैं।

अंजता-एलोरा की तरह पुराने गीतों को भी संरक्षण की जरूरत है। कहा कि आज देश को दो पार्टियों के बीच बांटा जा रहा है। कोई किसी के खिलाफ शिकायत कर दे तो उसे दूसरे का सहयोगी मान लिया जाता है। उन्होंने कहा कि मेरा किसी राजनीतिक दल से कोई वास्ता नहीं है। इस मौके पर राम सिंह यादव, आशीष आदि मौजूद थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नीरज की कविताओं पर फिदा थीं लड़कियां 
कौशल कुमार ओझा 

हिंदी सिनेमा के दो बड़े गीतकारों का मिलन तो यादगार होगा ही। वह भी उस परिस्थिति में जब दोनों एक-दूसरे के प्रशंसक हों और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए विख्यात अलीगढ़ शहर से आत्मीय नाता हो। कुछ ऐसा ही नजारा गीतों के राजकुमार के नाम से मशहूर पद्मभूषण गोपाल दास नीरज एवं प्रख्यात गीतकार एवं शायर जावेद अख्तर की मुलाकात के दौरान देखने को मिला। 

रविवार को जावेद अख्तर मुंबई से जनकपुरी स्थित नीरज के घर पर पहुंचे तो अपनी पुरानी यादें एवं किस्से-कहानियां को सांझा किए बिना नहीं रह पाए। वैसे तो वे पुराने गीतों के रीमिक्स एवं उससे छेड़छाड़ कर उसकी आत्मा के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरुद्ध शुरू की मुहिम पर विचार-विमर्श करने आए थे। जावेद अख्तर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मिंटो सर्किल स्कूल के छात्र रहे हैं। स्कूली दिनों के किस्से सुनाते हुए पत्रकारों से उन्होंने कहा कि लड़कियां नीरज की कविताओं पर फिदा थीं। मैं स्वयं भी नीरज की कविताओं को बहुत पसंद करता था। उसी समय सोच लिया था कि मुझे भी कवि ही बनना है। इस मौके पर नीरज भी अपने आप को नहीं रोक पाए और एक दोहा सुनाया। नीरज बोले कि अब 96 को हो गया हूं। जाने की उम्र हो गई है तो जावेद अख्तर तपाक से बोले कि अभी 6 साल और हैं। दोनों हस्तियों के साथ मौजूद आशीष कुमार का कहना है कि जावेद अख्तर नीरज की बहुत इज्जत करते हैं। जावेद अख्तर कहते हैं कि नीरज के लिखे तमाम गाने हिट हुए हैं। मन नहीं लगा तो मुंबई से चले आए। रीमिक्स एवं गीतों से छेड़छाड़ से न सिर्फ वे और नीरज के अलावा मशहूर गायिका लता मंगेशकर भी चिंतित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed