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अंतरराष्ट्रीय मधुमेह दिवस : बचपन एवं जवानी में घुल रहा ‘मीठा जहर’

Sun, 14 Nov 2021 01:30 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 01:30 AM IST
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International Diabetes Day
डॉ विकास मेहरोत्रा। बाल रोग विशेषज्ञ - फोटो : CITY OFFICE
कौशल कुमार ओझा
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बचपन एवं जवानी में मीठा जहर घुलता जा रहा है। जेएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. मुजाहिद बेग के अनुसार, ओपीडी एवं वार्ड में आने वाले मरीजों में 20 से 25 प्रतिशत मधुमेह के रोगी होते हैं। मधुमेह के कारण लोगों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मेहरोत्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 0 से 14 वर्ष आयु वर्ग में एक लाख की आबादी पर 17 केस (टाइप 1) हैं। हर साल इसमें तीन से पांच प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एसके सिंघल कहते हैं कि उनके पास ओपीडी में काफी संख्या में मधुमेह के मरीज आते हैं। वह कहते हैं कि चिंता का कारण यह है कि 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग भी मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं। इसमें भी शहरी लोगों की संख्या अधिक है।
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ये होता है खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि मधुमेह से रक्तचाप बढ़ना, हृदय, गुर्दा, जिगर और नेत्र प्रभावित होनेे का खतरा रहता है।
मधुमेह के प्रकार
- टाइप-1, टाइप- 2, जेस्टेशनल डायबिटीज गर्भावस्था के दौरान होने वाली।
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मधुमेह के कारण
- इंसुलिन की कमी, परिवार में किसी व्यक्ति को मधुमेह होना, बढ़ती उम्र, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल, व्यायाम न करना, हार्मोन्स का असंतुलन, हाई ब्लड प्रेशर, खानपान की गलत आदत।
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ये हैं लक्षण (टाइप 1 व टाइप 2)
- अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अधिक भूख लगना, अचानक से शरीर का वजह कम हो जाना या बढ़ जाना, थकान, चिड़चिड़ापन, आंखों के आगे धुंधलापन, घाव भरने में बहुत अधिक समय लगना, स्किन इंफेक्शन, ओरल इंफेक्शन, वजाइनल इंफेक्शन।
ऐसे करें बचाव
- टाइप-1 का कोई स्थायी उपचार नहीं है। ऐसे लोगों को इंसुलिन लेना पड़ता है।
- तनाव न लें, मीठा एवं अधिक नमक न खाएं, रिफाइंड कार्बोहाईड्रेट युक्त भोजन से बचें। सक्रिय रहें, नियमित व्यायाम करें और शर्बत और सोडा वाले ड्रिंक्स पीने से परहेज करें। आइसक्रीम, कैंडीज खाने से परहेज करें। वजन पर नियंत्रण में रखें। धूम्रपान एवं अल्कोहल से परहेज करें। हाई फाइबर डायट लें। प्रोटीन का सेवन अधिक मात्रा में करें, विटामिन डी की कमी नहीं होने दें।
जेएन मेडिकल कॉलेज के ओपीडी एवं वार्ड में जितने मरीज आते हैं, उसमें 20 से 25 प्रतिशत मधुमेह के रोगी होते हैं। मधुमेह का सबसे बड़ा कारण निष्क्रिय जीवन पद्धति, अधिक मीठा व नमक का सेवन, तनावपूर्ण जीवन है। मधुमेह के कारण हार्ट अटैक के केस बढ़ गए हैं।
- प्रो. मुजाहिद बेग, पूर्व चेयरमैन मेडिसिन विभाग जेएन मेडिकल कॉलेज एवं डीएसडब्लू, एएमयू
मेरे डायबिटिज सपोर्ट ग्रुप में टाइप 1 के 80 बच्चे हैं। बच्चों में मधुमेह का बढ़ना खतरे का संकेत है। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद रहे। खेल के मैदानों पर भी ताले लगे रहे। इससे बच्चों में मोटापा अनियंत्रित हुआ है। टाइप टू के मामले बढ़े हैं।

- डॉ. विकास मेहरोत्रा, बाल रोग विशेषज्ञ
युवाओं में मधुमेह का बढ़ना खतरे की घंटी है। युवा देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खानपान, जीवनशैली में सुधार कर मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। लक्षण दिखने पर चिकित्सक से जरूर परामर्श लेना चाहिए।
- डॉ. एसके सिंघल, वरिष्ठ परामर्शदाता, दीनदयाल चिकित्सालय

प्रोफेसर मुजाहिद बेग। जेएन मेडिकल कॉलेज

प्रोफेसर मुजाहिद बेग। जेएन मेडिकल कॉलेज- फोटो : CITY OFFICE

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