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अमानवीयता : परिजनों के बगैर शव का करा दिया अंतिम संस्कार

Mon, 03 May 2021 01:55 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 03 May 2021 01:55 AM IST
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Inhumanity: Cremation done without dead family
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच जिला अस्पताल में मानवता शर्मसार करने वाली घटना घटित की है। शुक्रवार आधी रात को अतरौली की नई तहसील कॉलोनी निवासी रामनिवास त्यागी की तबियत खराब होने पर उनको सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया था।
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स्ट्रेचर से जैसे ही उन्हें उतारा गया, उनकी मौत हो गई। लेकिन कोरोना की जांच नहीं हुई। चिकित्सकों और स्टाफ ने परिजनों को जानकारी दिए बगैर कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। मुरादाबाद निवासी उनके नाती विशाल त्यागी ने ट्वीट कर और अलीगढ़ महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत को जानकारी देकर शिकायत की है।
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मुरादाबाद के भाजपा महानगर उपाध्यक्ष विशाल त्यागी ने बताया कि उनके नाना रामनिवास त्यागी मूल रूप से मुरादाबाद जनपद के तहसील बिलारी के गांव आजमनगर चोपड़ा के रहने वाले थे। वह पिछले कई साल से अतरौली नई तहसील कॉलोनी में रह रहे थे। उनकी देखभाल यहां एक महिला करती थी।
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उन्होंने बताया कि रात डेढ़ बजे केयर टेकर महिला का फोन आया कि उनकी तबियत खराब है। सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इस पर एंबुलेंस मंगाई गई। एंबुलेंस चालक ने फोन पर बताया कि इनका आक्सीजन लेवल 60 के आसपास आ रहा है। इन्हें लेकर जिला अस्पताल जा रहा हूं। साथ में केयर टेकर भी गई थीं।
जिला अस्पताल में रात लगभग तीन बजे जैसे ही रामनिवास को स्ट्रेचर से उतारा, वैसे ही उनकी मौत हो गई। गेट पर ही मौत हुई तो अस्पताल के स्टाफ ने उनकी एंट्री नहीं की और शव को पीपीई किट में डालकर नुमाइश के श्मशान स्थल पहुंचा दिया।

आरोप है कि उनकी कोरोना जांच भी नहीं की गई और शव को जलवा दिया। देखभाल करने वाली महिला को धमकाया गया। परिजनों को फोन नहीं किया गया।
विशाल त्यागी ने कहा कि अस्पताल चिकित्सक व स्टाफ ने संवेदनाओं को ताक पर रख दिया है। रामनिवास त्यागी के पुत्र और विशाल त्यागी के मामा मुरादाबाद के आजमनगर चोपड़ा गांव में रहते हैं। पिता का अंतिम संस्कार न कर पाने और अस्पताल स्टाफ के रवैये से वह मायूस हैं।
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