इन्फ्लुएंजा: तीन और संदिग्ध मिले, अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का फ्लू वार्ड होगा तैयार
जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अंजुम परवेज ने बताया कि पुरानी ओपीडी में 50 बेड का फ्लू वार्ड तैयार किया जा रहा है। यहां इन्फ्लुएंजा के मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इन्फ्लुएंजा के बढ़ते संक्रमण के बीच अलीगढ़ में तीन और संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है। अलीगढ़ जिले में पहले चार मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें 11 वर्षीय बालक से लेकर 60 वर्षीय बुजुर्ग तक शामिल हैं और उनका उपचार चल रहा है। अब संदिग्ध मरीजों की जांच और संक्रमितों के उपचार के लिए एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का अलग फ्लू वार्ड तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही शुरुआती जांच के लिए 10 किट मंगाई जा रही हैं। एक किट से करीब 100 मरीजों की जांच हो सकेगी।
इन्फ्लुएंजा संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कोरोना महामारी के दौरान बरती गई सावधानियों की तरह ही सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से मास्क लगाने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से सावधानी बरतने को कहा गया है। खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकने तथा हाथों की स्वच्छता रखने पर भी जोर दिया गया है। सरकारी निर्देशों में हाथ मिलाने और संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं के संपर्क से बचने की सलाह भी दी गई है।
50 बेड के वार्ड में होगी भर्ती
जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अंजुम परवेज ने बताया कि पुरानी ओपीडी में 50 बेड का फ्लू वार्ड तैयार किया जा रहा है। यहां इन्फ्लुएंजा के मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। मरीजों की शुरुआती जांच के लिए 10 किट मंगाई जा रही हैं। एक किट से करीब 100 मरीजों की जांच हो सकेगी। इस तरह एक हजार मरीजों की जांच की क्षमता तैयार की जा रही है। उपचार से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
फ्रंटलाइन वर्करों को लगेगा टीका
लखनऊ से मिले निर्देशों के तहत इन्फ्लुएंजा के मरीजों की जांच और उपचार में लगे फ्रंटलाइन वर्करों के टीकाकरण की तैयारी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज और जिला स्तरीय अस्पतालों में मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने की व्यवस्था की जाएगी। एडी हेल्थ डॉ. मोहन झा ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार संक्रमण की रोकथाम और उपचार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
बुजुर्गों और बच्चों पर ज्यादा नजर
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अधिक जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। ऐसे लोगों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर विशेष निगरानी और समय से उपचार के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार देने को कहा गया है। अपर निदेशक, स्वास्थ्य डॉ. मोहन झा ने बताया कि इन्फ्लुएंजा का संक्रमण अलग-अलग लोगों में अलग अवधि तक रह सकता है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतने और चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
फ्लू में कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
- सामान्य लक्षण: बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द और बदन दर्द।
- खतरे के संकेत: सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत तेज सांस चलना, नीलापन या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो देरी न करें।
- संक्रमित होने पर: दूसरों से दूरी रखें और अपनी इस्तेमाल की वस्तुएं साझा न करें।
- कौन ज्यादा जोखिम में: छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग।