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दाउद खां के पास बनेगा इंडस्ट्रियल जोन
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आशीष निगम, अलीगढ़।
शहरवासियों को जल्द ही एक नए इंडस्ट्रियल हब का तोहफा मिलेगा। दाउद खां के पास रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का लोडिंग अनलोडिंग हब बन कर तैयार है। जल्द ही इसी के पास एक नया इंडस्ट्रियल जोन बनेगा। महायोजना 2031 में इसका प्रस्ताव शामिल है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने इसके लिए तहसील कोल प्रशासन से जमीन की उपलब्धता की जानकारी मांगी है। इसके लिए एसडीएम कोल को पत्र लिखा गया है।
दाउद खां रेलवे स्टेशन के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का लोडिंग अनलोडिंग हब बन कर पूरा हो गया है। अलीगढ़ के साथ ही फीरोजाबाद में मक्खनपुर, खुर्जा में न्यू खुर्जा, कानपुर के पास भाऊपुर में ऐसे तीन हब और बने हैं। गाजियाबाद से कानपुर के बीच कुल ऐसे चार बड़े हब हैं, जहां मालगाड़ियों से माल उतारने और चढ़ाने का काम होगा। ये सभी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के नए स्टेशन हैं।
डीएफसीएल के स्थानीय प्रोजेक्ट मैनेजर जेके सिंह ने बताया कि अब मुख्यालय स्तर से इनको संचालित करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इसके बाद निजी ऑपरेटर इसको अपने अनुसार व्यवस्था बना कर संचालित करेंगे। ये टेंडर दस वर्ष की अवधि के लिए निकाला जाएगा। रेलवे अपने मानव संसाधन का कम से कम प्रयोग कर निजी ऑपरेटर से ये काम कराएगा।
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रेलवे के ऐसे ही कॉरिडोर में राजस्थान के किशनगढ़ बांगर में निजी कंपनी ने लोडिंग अनलोडिंग हब पर काम शुरू कर दिया है। दाउद खां से आगरा-अलीगढ़ हाईवे तक लगभग ढाई किमी लंबी और सात मीटर चौड़ी सड़क को सीमेंटेड बनाया जाएगा। जिससे वाहनों का हाईवे से स्टेशन तक का सफर सुगम हो जाएगा। इसका खर्च डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत ही उठाएगा।
यहां आसपास जमीन बहुत है। माल उतारने के शेड, गोदाम, वाहनों की पार्किंग, वाहनों के आवागमन का नेटवर्क भी बेहतर है। आगरा हाईवे पर आने के बाद वाहन गाजियाबाद, कानपुर, मथुरा, मुरादाबाद, हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, इटावा, बरेली कहीं भी आ जा सकेंगे। रिंग रोड बनने के बाद वाहनों को और अधिक सुविधा हो जाएगी। इसलिए यहां काम करने वालों को आने वाले समय में कोई परेशानी नहीं होगी।
एडीए के एक्सईएन डीएस भदौरिया ने बताया कि इस हब के बनने के बाद महायोजना 2031 में यहां इडस्ट्रियल जोन बसाने की योजना है। यहां से मालगाड़ियों के माध्यम से माल सुगमता के साथ देश के किसी भी कोने में भेजा अथवा मंगवाया जा सकेगा। मालगाड़ियों की गति भी पहले से बेहतर होगी।
इसलिए यहां पर इंडस्ट्रियल जोन बनाया जाएगा। महायोजना 2031 में भी काम हो रहा है। जल्द ही इसका प्रस्ताव सामने आएगा। प्रस्ताव आने के बाद जनता से सुझाव मांगा जाएगा। फिलहाल एसडीएम कोल को पत्र लिख कर जमीन की उपलब्धता की जानकारी मांगी गई है।
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शहरवासियों को जल्द ही एक नए इंडस्ट्रियल हब का तोहफा मिलेगा। दाउद खां के पास रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का लोडिंग अनलोडिंग हब बन कर तैयार है। जल्द ही इसी के पास एक नया इंडस्ट्रियल जोन बनेगा। महायोजना 2031 में इसका प्रस्ताव शामिल है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने इसके लिए तहसील कोल प्रशासन से जमीन की उपलब्धता की जानकारी मांगी है। इसके लिए एसडीएम कोल को पत्र लिखा गया है।
दाउद खां रेलवे स्टेशन के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का लोडिंग अनलोडिंग हब बन कर पूरा हो गया है। अलीगढ़ के साथ ही फीरोजाबाद में मक्खनपुर, खुर्जा में न्यू खुर्जा, कानपुर के पास भाऊपुर में ऐसे तीन हब और बने हैं। गाजियाबाद से कानपुर के बीच कुल ऐसे चार बड़े हब हैं, जहां मालगाड़ियों से माल उतारने और चढ़ाने का काम होगा। ये सभी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के नए स्टेशन हैं।
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डीएफसीएल के स्थानीय प्रोजेक्ट मैनेजर जेके सिंह ने बताया कि अब मुख्यालय स्तर से इनको संचालित करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इसके बाद निजी ऑपरेटर इसको अपने अनुसार व्यवस्था बना कर संचालित करेंगे। ये टेंडर दस वर्ष की अवधि के लिए निकाला जाएगा। रेलवे अपने मानव संसाधन का कम से कम प्रयोग कर निजी ऑपरेटर से ये काम कराएगा।
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रेलवे के ऐसे ही कॉरिडोर में राजस्थान के किशनगढ़ बांगर में निजी कंपनी ने लोडिंग अनलोडिंग हब पर काम शुरू कर दिया है। दाउद खां से आगरा-अलीगढ़ हाईवे तक लगभग ढाई किमी लंबी और सात मीटर चौड़ी सड़क को सीमेंटेड बनाया जाएगा। जिससे वाहनों का हाईवे से स्टेशन तक का सफर सुगम हो जाएगा। इसका खर्च डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत ही उठाएगा।
यहां आसपास जमीन बहुत है। माल उतारने के शेड, गोदाम, वाहनों की पार्किंग, वाहनों के आवागमन का नेटवर्क भी बेहतर है। आगरा हाईवे पर आने के बाद वाहन गाजियाबाद, कानपुर, मथुरा, मुरादाबाद, हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, इटावा, बरेली कहीं भी आ जा सकेंगे। रिंग रोड बनने के बाद वाहनों को और अधिक सुविधा हो जाएगी। इसलिए यहां काम करने वालों को आने वाले समय में कोई परेशानी नहीं होगी।
एडीए के एक्सईएन डीएस भदौरिया ने बताया कि इस हब के बनने के बाद महायोजना 2031 में यहां इडस्ट्रियल जोन बसाने की योजना है। यहां से मालगाड़ियों के माध्यम से माल सुगमता के साथ देश के किसी भी कोने में भेजा अथवा मंगवाया जा सकेगा। मालगाड़ियों की गति भी पहले से बेहतर होगी।
इसलिए यहां पर इंडस्ट्रियल जोन बनाया जाएगा। महायोजना 2031 में भी काम हो रहा है। जल्द ही इसका प्रस्ताव सामने आएगा। प्रस्ताव आने के बाद जनता से सुझाव मांगा जाएगा। फिलहाल एसडीएम कोल को पत्र लिख कर जमीन की उपलब्धता की जानकारी मांगी गई है।