मेज पर पड़ा कागज और खड़ा व्यक्ति नहीं पसंद: 19 माह का रहा अमिट छाप कार्यकाल, ऐसे किया दिलों पर राज
सुबह जैसे ही इन्द्र विक्रम सिंह के अलीगढ़ से गाजियाबाद तबादले की पता लगी, उनके आवास पर मिलने वालों का तांता लग गया। डीएम इन्द्र विक्रम सिंह सभी से मिले और उनकी बधाइयां स्वीकारीं। लोग यह कहते देखे गए कि ऐसे डीएम उनकी याद में शायद अब तक नहीं आया।
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अलीगढ़ डीएम इन्द्र विक्रम सिंह का गाजियाबाद के लिए स्थानांतरण हो गया। उन्होंने 19 माह के कार्यकाल में अपनी कार्यशैली से जो छाप छोड़ी, शायद ही मिट सके। इन्द्र विक्रम सिंह ने शासकीय दायित्वों की पूर्ति जनहित में पूरी ईमानदारी से की। ऐसा इसलिए भी क्योंकि उन्हें मेज पर पड़ा कागज और खड़ा व्यक्ति कभी पसंद नहीं रहा।
सुबह जैसे ही इन्द्र विक्रम सिंह के गाजियाबाद तबादले की पता लगी, उनके आवास पर मिलने वालों का तांता लग गया। डीएम इन्द्र विक्रम सिंह सभी से मिले और उनकी बधाइयां स्वीकारीं। लोग यह कहते देखे गए कि इतना सरल, सौम्य, कर्तव्यनिष्ठ, कुशल प्रशासक उनकी याद में शायद अब तक नहीं आया।
30 जनवरी को डीएम इन्द्र विक्रम सिंह ने कुछ देर कार्यालय कक्ष में बैठ, जनता दर्शन किया। बारी-बारी से सभी पटल कार्मिकों के कक्षों में जाकर आभार प्रकट किया। कलैक्ट्रेट पटल कार्मिकों एवं उपस्थित जनसमुदाय के आग्रह पर उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान उन्होंने पटल कार्मिक का टिफिन खोलकर दाल-रोटी भी खाई। एडीएम अमित कुमार भट्ट, मीनू राणा, एसपी ट्रैपिफ मुकेश उत्तम, नगर मजिस्ट्रेट रमाशंकर, एसडीएम, एसीएम, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला बचत अधिकारी, सहायक निदेशक सूचना, डीएसओ, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी आदि मौजूद रहे।
बतौर डीएम इंद्र विक्रम सिंह की यह रही कार्यशैली
कलेक्ट्रेट सचिवालय को मंदिर मानने वाले इन्द्र विक्रम सिंह प्रातः 10 बजे से पहले अपने कार्यालय पहुंच जाते। लोगों से ऐसे मिलते कि व्यक्ति को एहसास होता कि वह डीएम से नहीं बल्कि किसी अपने सगे सबंधी से अपनी समस्या को साझा कर रहा है। समस्या को टालना उन्होंने सीखा नहीं। डीएम इंद्र विक्रम सिंह को मेज पर पड़ा कागज और खड़ा व्यक्ति कतई पसंद नहीं रहा।
अलीगढ़ डीएम रहते हुए किये ये अभिनव कार्य
- धनीपुर एयरपोर्ट
- अटल आवासीय विद्यालय
- प्रदेश का पहला निजी औद्योगिक पार्क
- कल्याण सिंह हैबीटेट सेंटर
- अचल ताल सौन्दर्यीकरण
- निर्माणाधीन आरएमपीएसयू
- मल्टी लेबिल कार पार्किंग को गति प्रदान की
- करोड़ों रूपये मूल्य की परिसम्पत्ति केकेकेके देवी ट्रस्ट को भू-माफियों के अवैध कब्जे से सुरक्षित कर मॉडल आंगनबाड़ी एवं शहरी स्वास्थ्य केन्द्र संचालन
- बिना शासकीय बजट के पत्रकार बन्धुओं एवं कलैक्ट्रेट कार्मिकों के श्रमदान से कलैक्ट्रेट का जीर्णोद्धार कर पार्क निर्माण
- सूर्य रथ की स्थापना
- उद्यम पंजीयन अभियान में प्रथम स्थान