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एएमयू में असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा हिंदू देवताओं पर अमर्यादित टिप्पणी से धर्मगुरुओं में उबाल

Thu, 07 Apr 2022 01:03 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 01:03 AM IST
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Indecent remarks on Hindu gods by assistant professor at AMU angered religious leaders
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस (तृतीय वर्ष) की कक्षा में पढ़ाई के दौरान हिंदू देवताओं पर अमर्यादित टिप्पणी करने पर भले ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार निलंबित हो गए हों और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया हो, लेकिन उनकी टिप्पणी ने शहर के प्रबुद्धजन, धर्मगुरू और पंडित विद्वानों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। धर्मगुरुओं ने कहा कि डॉ. जितेंद्र कुमार जर्मन विद्वान मैक्स मूलर की तरह काम कर रहे हैं। इसके साथ ही चेतावनी दी कि शिक्षक को शिक्षा तक ही सीमित रहना चाहिए। धार्मिक विषयों को उठाने से पहले धर्म शास्त्रों का गहराई से अध्ययन करने के बाद की कोई टिप्पणी देना चाहिए।
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शहर के धर्माचार्य और धर्मगुरुओं ने कहा कि आजकल चर्चा में बने रहने के लिए विवादास्पद बयान देने का फैशन बन गया है। हकीकत में हिंदू शास्त्रों के बारे में ऐसे लोग कुछ भी नहीं जानते हैं। पुलिस और शासन के रुख का इंतजार कर रहे हैं कि वह क्या कार्रवाई करते हैं। इसके बाद सभी धर्माचार्य और धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर इस विषय पर चर्चा करेंगे। असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका बताते हुए लोगों ने कहा कि हमारे धर्मग्रंथों में ऐसे लोगों ने कई क्षेपक जोड़ दिए, जबकि इसका कोई शास्त्रीय प्रमाण नहीं है। हिंदू संस्कृति में बलातकार तो छोड़ो बलात जैसा शब्द भी नहीं हैं। वहीं हिंदी धर्मग्रंथों की बात ही चली है तो आजकल जो सहमति संबंध साथी (लिव इन रिलेशनशिप) का चलन जो अधिक हो गया है। यह पुराणों में दर्ज है। क्योंकि हिंदू शास्त्रों में 12 तरीके से विवाह माने गए, जिनमें गंदर्भ विवाह सहमति संबंध साथी के संबंधों को ही दर्शाता है। डॉ. जितेंद्र उस भूमिका में उजागर हुए हैं, जिस भूमिका को जर्मन के विद्वान मैक्स मूलर ने निभाया था। ब्रिटिश शासनकाल में ब्रिटिश राजनीतिज्ञों, प्रशासकों और कूटनीतिज्ञों ने एक सदी तक मैक्स मूलर को लगातार हिंदुओं का अभिन्न मित्तर और वेदों के महान विद्वान के रूप में प्रस्तुत किया था, लेकिन मैक्स मूलर हिंदु शास्त्रों का हकीकत में महान शत्रु था। मैक्स मूलर ने अपनी लेखनी की चतुराई से वास्तविक स्वरूप और वेद भाष्य को योजनाबद्ध तरीके से विकृत किया। इसके अलावा आजकल विवादित टिप्पणी करने वाले गूगल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करते हैं। इसी आधार को मानस बनाते हुए बोलते हैं। वास्तव में उनका सोर्स सिर्फ गूगल ही होता है। न कि कोई धर्म शास्त्र।
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शहर के धर्माचार्य और लोगों ने यह दी प्रतिक्रिया
-एक शिक्षक को शिक्षा तक ही सीमित रहना चाहिए। धार्मिक विषयों को उठाने से पहले गहराई से धर्मशास्त्रों के अध्ययन की आवश्यकता होती है। हिंदू देवताओं पर अमर्यादित टिप्पणी करना निंदनीय है। शिक्षकों को ऐसे विचारों से बचना चाहिए।
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- योगी कौशलनाथ, महंत गिलहराज मंदिर
- जर्मन के विद्वान मैक्स मूलर ने भी इसी प्रकार हमारे वेदों का गलत भाष्य करके शास्त्रीय ज्ञान को विकृत किया। वास्तव में न तो वह भारतीय था और न ही भारतीय परंपरा को जानता था। ऐसे वहकैसे व्याख्या कर सकता है। डॉ. जितेंद्र कुमार सिर्फ एसोसिएट प्रोफेसर थे, जो अब निलंबित हो चुके हैं। क्या उन्होंने कोई धर्मग्रंथ पढ़ा है। जल्द ही सभी धर्माचार्यों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
- सुनील कौशल महाराज, धर्मगुरू
- वामपंथी मानसिकता से ग्रसित एएमयू के शिक्षक द्वारा हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर जो घिनौना कृत्य किया है। वो माफी योग्य नहीं है। एएमयू इंतजामिया तत्काल उक्त शिक्षक की सेवाएं समाप्त कर शिक्षक को पुलिस के हवाले करते हुए एक मिशाल पेश करे। अन्यथा समूचे राष्ट्रवादी युवा एएमयू में घुसकर हिंदू धर्म के प्रति जहर फैलाने वाले उक्त वामपंथी सोच रखने वाले शिक्षक को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द करने को बाध्य होंगे।
-अमित गोस्वामी, उपाध्यक्ष भाजयुमो महानगर अलीगढ़
- एएमयू के असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा जिस प्रकार से हिंदू देवी देवताओं के बारे में जो अभद्र चित्रण किया है। उसकी कड़ी भर्त्सना करते हुए प्रदेश सरकार से गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। अमुवि प्रशासन को भी ऐसे शिक्षक को बर्खास्त करना चाहिए।
- डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, क्षेत्रीय सह संयोजक, शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा
- एएमयू वह स्थान है। जहां देश विभाजन की नींव रखी गई। देश की सारी सरकारें पता नहीं क्यों इस राष्ट्रघाती विश्वविद्यालय को पालती हैं। जब हम अपने घर में सांपों को पालेंगे और उनको दूध पिलाएं तो सांप एक दिन तो डंसेगा ही। केंद्र सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। क्योंकि योगी सरकार हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। शिक्षक को निलंबित कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- गौरव शर्मा, संयोजक बजरंग दल
वीसी से कहकर शिक्षक को सस्पेंड करा दिया : सांसद
सांसद सतीश गौतम ने कहा कि एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में डॉ. जितेंद्र कुमार नामक शिक्षक ने देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक पाठ पढ़ाया था। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से बात कर शिक्षक को सस्पेंड करा दिया गया है। जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद शिक्षक के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक की मानसिकता की जांच कराने की जरूरत है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक पाठ पढ़ाए जाने पर बजरंग बल कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
बजरंग बल के संयोजक गौरव शर्मा ने कहा कि एएमयू के शिक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार ने हिंदू देवी-देवताओं पर असहनीय उदाहरण दिए हैं। एएमयू में यह हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की पहली घटना नहीं है। पता नहीं क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विश्वविद्यालय को देशभक्तों का केंद्र बता दिया। उन्होंने कहा कि एएमयू एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है, इसलिए केंद्र सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। ब्यूरो

डॉ पुष्पेन्द्र पचौरी। क्षेत्रीय सहसंयोजक शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा

डॉ पुष्पेन्द्र पचौरी। क्षेत्रीय सहसंयोजक शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा- फोटो : CITY OFFICE

योगी कौशलनाथ

योगी कौशलनाथ- फोटो : CITY OFFICE

सुनील कौशल महाराज

सुनील कौशल महाराज- फोटो : CITY OFFICE

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