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आपातकाल में समाजसेवी बने मददगार तो सोशल मीडिया बन रहा उनका हथियार
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एक ओर कोरोना संक्रमण काल में जहां रिश्तेदारों और परिजनों का साथ हाथों से छूट रहा है। ऐसे में समाजसेवियों ने भी लोगों की मदद के लिए सोशल मीडिया को अपना हथियार बना लिया है। इसके माध्यम से सैकड़ों समस्याओं का निपटारा घर बैठे ही कर रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला रविवार को सामने आया। सराय मानसिंह के 18 वर्षीय पार्थ शर्मा को ए पॉजीटिव खून की दो यूनिट की दरकार पड़ी। एक यूनिट देने वाले रक्तदाता ने मौके पर रक्तदान करने से हाथ खींच लिया तो संजय माहेश्वरी ने तुरंत मैसेज को ब्रॉडकास्ट किया। नतीजा यह हुआ कि 25 मिनट में रक्तदान के लिए चिराग डांगरा मौके पर पहुंच गए।
सराय मानसिंह निवासी पार्थ शर्मा का एक महीने से पीलिया का इलाज चल रहा है। शनिवार को जांच कराई तो पता चला कि दो यूनिट ए पॉजीटिव रक्त तत्काल चढ़ना है। तभी पार्थ के स्वास्थ्य की हालत सुधरेगी। एक यूनिट रक्त देने के लिए पिता शिवदत्त शर्मा तैयार हो गए। जबकि अन्य एक यूनिट के लिए दोस्त के पड़ोसी ने हामी भरी।
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रविवार सुबह 11 बजे संबंधित आदमी ने रक्तदान करने से हाथ पीछे खींच लिया। जबकि दो यूनिट फ्रेश रक्त लगातार पार्थ को चढ़ना था। पिता शिवदत्त शर्मा परेशान हुए तो संजय माहेश्वरी से संपर्क किया। संजय माहेश्वरी ने 11:33 पर अपने सोशल मीडिया पर ब्रॉडकास्ट मैसेज डाला।
इस पर तत्काल रक्तदानियों के फोन आने शुरू हो गए, लेकिन जरूरत थी ए पॉजीटिव रक्त की। 15 मिनट बाद पला रोड के गोपालपुरी निवासी 33 वर्षीय चिराग डांगरा ने संजय माहेश्वरी को रक्तदान करने की हामी भरी। 10 मिनट में चिराग अपने घर से शेखर सराफ मेमोरियल हास्पिटल पहुंच गए। यहां जांच कराकर रक्तदान कर दिया है। पार्थ को भी डॉक्टरों की टीम ने रक्त चढ़ाना शुरू कर दिया है। इस तरह सोशल मीडिया के माध्यम से 25 मिनट में रक्तदाता हास्पिटल पहुंच गया।
- संजय जी का मैसेज मिला था कि एक 18 वर्षीय मरीज को ए पॉजीटिव खून की आवश्यकता है। जरूरतमंद की मदद के लिए मेरे दिल ने कहा कि तुरंत अपना खून दे दो। फिर क्या संजय भैया से बात कर दस मिनट में अस्पताल पहुंच गया। जांच कराकर एक यूनिट रक्तदान कर दिया है।
- चिराग डांगरा, गोपालपुरी, पला रोड
- सोशल मीडिया एक ऐसा हथियार है, जिसके माध्यम से कई समस्याओं का निस्तारण किया जा सकता है। जल्द ही हम रक्तदाताओं के डाटा का बैंक बनाएंगे। प्रयास रहेगा कि 24 घंटे रक्तदान हो सके। वहीं दानवीर रक्तदाता बोर्ड बनाया है। जिसमें सभी रक्तदाताओं के फोटो लगाए जाएंगे।
- सुमित सराफ, निदेशक शेखर सराफ मेमोरियल हास्पिटल
अपराजिता का व्हाट्सएप समूह भी बना मदद पहुंचाने का मंच
अमर उजाला अपराजिता का व्हाट्सएप समूह भी कोरोना काल में लोगोें को मदद पहुंचाने का मंच बन रहा है।12 मई को डॉ. ममता वार्ष्णेय ने मिथराज हास्पिटल में एक मरीज के लिए सोशल मीडिया पर एबी पॉजीटिव प्लाज्मा की दो यूनिट मांगी थीं।
आरती मित्तल व डॉ. अमित के सहयोग से प्लाज्मा डोनर ने प्लाज्मा दान किया। नौ मई को पूजा सोमानी ने एक क्रिटिकल कंडीशन के मरीज के लिए रक्त और प्लाज्मा की व्यवस्था भी सोशल मीडिया से कराई। सात मई को डॉ. पूनम बत्रा ने भी एक मरीज के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर, बेड की व्यवस्था कराने के लिए सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित किया था।
सोशल मीडिया के सहारे ही मरीजों को बेड मिला था। दो मई को मारिया आलम उमर ने विष्णुपुरी की माला कुमारी के लिए मदद मांगी। जिसकी सहायता भी सोशल मीडिया से हुई। इतना ही नहीं, शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन और समाजसेवी कोरोना संक्रमित परिवारों को सोशल मीडिया के माध्यम से भोजन पहुंचा रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर अगर कोई अपनी समस्या जाहिर करता है तो समाजसेवी घर बैठे ही उसकी मदद करने में लग जाते हैं।
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ऐसा ही एक मामला रविवार को सामने आया। सराय मानसिंह के 18 वर्षीय पार्थ शर्मा को ए पॉजीटिव खून की दो यूनिट की दरकार पड़ी। एक यूनिट देने वाले रक्तदाता ने मौके पर रक्तदान करने से हाथ खींच लिया तो संजय माहेश्वरी ने तुरंत मैसेज को ब्रॉडकास्ट किया। नतीजा यह हुआ कि 25 मिनट में रक्तदान के लिए चिराग डांगरा मौके पर पहुंच गए।
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सराय मानसिंह निवासी पार्थ शर्मा का एक महीने से पीलिया का इलाज चल रहा है। शनिवार को जांच कराई तो पता चला कि दो यूनिट ए पॉजीटिव रक्त तत्काल चढ़ना है। तभी पार्थ के स्वास्थ्य की हालत सुधरेगी। एक यूनिट रक्त देने के लिए पिता शिवदत्त शर्मा तैयार हो गए। जबकि अन्य एक यूनिट के लिए दोस्त के पड़ोसी ने हामी भरी।
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रविवार सुबह 11 बजे संबंधित आदमी ने रक्तदान करने से हाथ पीछे खींच लिया। जबकि दो यूनिट फ्रेश रक्त लगातार पार्थ को चढ़ना था। पिता शिवदत्त शर्मा परेशान हुए तो संजय माहेश्वरी से संपर्क किया। संजय माहेश्वरी ने 11:33 पर अपने सोशल मीडिया पर ब्रॉडकास्ट मैसेज डाला।
इस पर तत्काल रक्तदानियों के फोन आने शुरू हो गए, लेकिन जरूरत थी ए पॉजीटिव रक्त की। 15 मिनट बाद पला रोड के गोपालपुरी निवासी 33 वर्षीय चिराग डांगरा ने संजय माहेश्वरी को रक्तदान करने की हामी भरी। 10 मिनट में चिराग अपने घर से शेखर सराफ मेमोरियल हास्पिटल पहुंच गए। यहां जांच कराकर रक्तदान कर दिया है। पार्थ को भी डॉक्टरों की टीम ने रक्त चढ़ाना शुरू कर दिया है। इस तरह सोशल मीडिया के माध्यम से 25 मिनट में रक्तदाता हास्पिटल पहुंच गया।
- संजय जी का मैसेज मिला था कि एक 18 वर्षीय मरीज को ए पॉजीटिव खून की आवश्यकता है। जरूरतमंद की मदद के लिए मेरे दिल ने कहा कि तुरंत अपना खून दे दो। फिर क्या संजय भैया से बात कर दस मिनट में अस्पताल पहुंच गया। जांच कराकर एक यूनिट रक्तदान कर दिया है।
- चिराग डांगरा, गोपालपुरी, पला रोड
- सोशल मीडिया एक ऐसा हथियार है, जिसके माध्यम से कई समस्याओं का निस्तारण किया जा सकता है। जल्द ही हम रक्तदाताओं के डाटा का बैंक बनाएंगे। प्रयास रहेगा कि 24 घंटे रक्तदान हो सके। वहीं दानवीर रक्तदाता बोर्ड बनाया है। जिसमें सभी रक्तदाताओं के फोटो लगाए जाएंगे।
- सुमित सराफ, निदेशक शेखर सराफ मेमोरियल हास्पिटल
अपराजिता का व्हाट्सएप समूह भी बना मदद पहुंचाने का मंच
अमर उजाला अपराजिता का व्हाट्सएप समूह भी कोरोना काल में लोगोें को मदद पहुंचाने का मंच बन रहा है।12 मई को डॉ. ममता वार्ष्णेय ने मिथराज हास्पिटल में एक मरीज के लिए सोशल मीडिया पर एबी पॉजीटिव प्लाज्मा की दो यूनिट मांगी थीं।
आरती मित्तल व डॉ. अमित के सहयोग से प्लाज्मा डोनर ने प्लाज्मा दान किया। नौ मई को पूजा सोमानी ने एक क्रिटिकल कंडीशन के मरीज के लिए रक्त और प्लाज्मा की व्यवस्था भी सोशल मीडिया से कराई। सात मई को डॉ. पूनम बत्रा ने भी एक मरीज के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर, बेड की व्यवस्था कराने के लिए सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित किया था।
सोशल मीडिया के सहारे ही मरीजों को बेड मिला था। दो मई को मारिया आलम उमर ने विष्णुपुरी की माला कुमारी के लिए मदद मांगी। जिसकी सहायता भी सोशल मीडिया से हुई। इतना ही नहीं, शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन और समाजसेवी कोरोना संक्रमित परिवारों को सोशल मीडिया के माध्यम से भोजन पहुंचा रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर अगर कोई अपनी समस्या जाहिर करता है तो समाजसेवी घर बैठे ही उसकी मदद करने में लग जाते हैं।