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जिला अस्पताल में वाहन स्टैंड पर अवैध वसूली से भ्ाड़के भ्ााजपाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:18 AM IST
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जिला अस्पताल में सिटी मजिस्ट्रेट को वाहन ठेके की अवैध वसूली की जानकारी देते डा. राजीव अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला
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मलखान सिंह जिला अस्पताल के साइकिल स्टैंड पर बुधवार को वसूली का विरोध करने पर भाजपा नेता और महापौर पद के प्रत्याशी रहे डॉ. राजीव अग्रवाल के साथ पहुंचे एक कार्यकर्ता के साथ स्टैंड कर्मी ने अभद्रता कर दी। इसके बाद मामला तूल पकड़ा तो मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार पहुंचे और स्टैंड वाले से एग्रीमेंट मांगा, लेकिन वह कोई एग्रीमेंट उनको नहीं दिखा सका। इस विवाद के दौरान ही अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं।
डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि मलखान सिंह जिला अस्पताल में एक मरीज का आपरेशन हुआ था। उनके परिवार के सदस्य के साथ मोटरसाइकिल पर बुधवार को डॉ. राजीव मरीज को देखने अस्पताल पहुंचे। गेट पर ही साइकिल स्टैंड वाले ने रोका और 10 रुपये मांगे। पैसे दे दिए गए, लेकिन जो पर्ची दी गई थी उस पर कुछ लिखा हुआ नहीं था।
इस संबंध में पूछताछ की तो स्टैंड कर्मी उखड़ गया और कार्यकर्ता के साथ अभद्रता कर डाली। कार्यकर्ता ने जब परिचय दिया तो उसके बाद भी स्टैंड कर्मियों का रवैया नहीं बदला। स्थिति बिगड़ती देख डॉ. राजीव ने एडीएम सिटी, सीएमओ और सीएमएस को सूचित किया।
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मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने स्टैंड कर्मी से एग्रीमेंट की कापी मांगी तो वह नहीं दिखा सका। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. वर्मा ने कहा कि स्टैंड कर्मी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्टैंड संचालक को वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। अगर वह एग्रीमेंट की कापी नहीं दिखा सका तो कार्रवाई होगी।
कुछ लोगों ने माननीय विधायक को गुमराह किया है। जिस आपरेशन के न होने पर मामला उठा है, उसमें मरीज के दिल में छेद था। एनस्थीशिएस्ट ने एनस्थीशिया देने से मना कर दिया। इसके बाद मैं भला आपरेशन कैसे कर सकता था। रही बात पैसे मांगने की तो मरीजों को सारा खर्चा एक साथ बताया जाता है। इससे कुछ लोगों को लगता है कि अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे हैं। जहां तक नोटिस का सवाल है तो उसका विधिवत जवाब दे दिया जाएगा।
- डॉ. वाई के भारद्वाज, सर्जन, मलखान सिंह जिला अस्पताल
स्टाक में दवा भरपूर, मरीज भटकने को मजबूर
बुधवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार और भाजपा नेता डॉ. राजीव अग्रवाल के सामने एंटी रैबीज इंजेक्शन को लेकर बड़ा घालमेल सामने आया। अस्पताल में काफी मरीज एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए भटक रहे थे। संबंधित कर्मचारी उन्हें दवा न होने की बात कह कर वापस कर रहे थे। दूसरी ओर जब स्टाक चेक किया गया तो स्टाक में 94 वायल मौजूद मिले। बुधवार को एक विवाद होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार, भाजपा नेता डॉ. राजीव कुमार, कार्यवाहक सीएमएस डॉ. वर्मा जिला अस्पताल में मौजूद थे। इस दौरान सीएमएस कार्यालय में आकर कई लोगों ने शिकायत की कि एंटी रैबीज दवा नहीं होने पर इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे हैं। कई शिकायतों के बाद तय हुआ कि स्टाक चेक कराया जाए। इसके बाद जब चेकिंग हुई तो स्टाक में 94 वायल एंटी रैबीज इंजेक्शन मिले। डॉ. राजीव ने बताया कि इस पर जब पूछा गया तो वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि यह वीआईपी कोटा के लिए है। इस पर डॉ. राजीव ने पूछा कि बताएं कितने इंजेक्शन विधायकों, सांसदों और अन्य लोगों की सिफारिश पर लगे हैं तो वे कर्मचारी बगलें झांकने लगे। इस स्थिति पर अधिकारियों ने भी नाराजगी जताई। डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा है कि पूरा मामला अब प्रशासन की नजर में है। देखना है कि इस प्रकरण में क्या कार्रवाई होती है।
मामला मेरी जानकारी में आया है। अभी मैं लखनऊ में हूं। अलीगढ़ पहुंचकर जांच करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। - डा. रामकिशन सीएमएस
मलखान सिंह अस्पताल में डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस
मलखान सिंह जिला अस्पताल में मंगलवार को विधायक संजीव राजा के औचक निरीक्षण में खामियां ही खामियां मिलने और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताने के बाद अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने आरोपी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में डॉक्टरों से पूछा गया है कि अपने ऊपर लगे आरोपों के विषय में वह क्या स्पष्टीकरण देंगे। मंगलवार को विधायक संजीव राजा मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। बाद में पत्रकारों से बात करते समय उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जमकर नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर पैसे लेने के आरोप लगते हैं। मरीजों को इधर से उधर भटकाया जाता है। इलाज के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। उन्होंने दो डॉक्टरों का स्पष्ट नाम लेकर कहा कि वह शासन को पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे। विधायक के जाने के बाद अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही अस्पताल के अन्य स्टाफ को भी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दे डाली।
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डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि मलखान सिंह जिला अस्पताल में एक मरीज का आपरेशन हुआ था। उनके परिवार के सदस्य के साथ मोटरसाइकिल पर बुधवार को डॉ. राजीव मरीज को देखने अस्पताल पहुंचे। गेट पर ही साइकिल स्टैंड वाले ने रोका और 10 रुपये मांगे। पैसे दे दिए गए, लेकिन जो पर्ची दी गई थी उस पर कुछ लिखा हुआ नहीं था।
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इस संबंध में पूछताछ की तो स्टैंड कर्मी उखड़ गया और कार्यकर्ता के साथ अभद्रता कर डाली। कार्यकर्ता ने जब परिचय दिया तो उसके बाद भी स्टैंड कर्मियों का रवैया नहीं बदला। स्थिति बिगड़ती देख डॉ. राजीव ने एडीएम सिटी, सीएमओ और सीएमएस को सूचित किया।
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मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने स्टैंड कर्मी से एग्रीमेंट की कापी मांगी तो वह नहीं दिखा सका। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. वर्मा ने कहा कि स्टैंड कर्मी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्टैंड संचालक को वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। अगर वह एग्रीमेंट की कापी नहीं दिखा सका तो कार्रवाई होगी।
कुछ लोगों ने माननीय विधायक को गुमराह किया है। जिस आपरेशन के न होने पर मामला उठा है, उसमें मरीज के दिल में छेद था। एनस्थीशिएस्ट ने एनस्थीशिया देने से मना कर दिया। इसके बाद मैं भला आपरेशन कैसे कर सकता था। रही बात पैसे मांगने की तो मरीजों को सारा खर्चा एक साथ बताया जाता है। इससे कुछ लोगों को लगता है कि अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे हैं। जहां तक नोटिस का सवाल है तो उसका विधिवत जवाब दे दिया जाएगा।
- डॉ. वाई के भारद्वाज, सर्जन, मलखान सिंह जिला अस्पताल
स्टाक में दवा भरपूर, मरीज भटकने को मजबूर
बुधवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार और भाजपा नेता डॉ. राजीव अग्रवाल के सामने एंटी रैबीज इंजेक्शन को लेकर बड़ा घालमेल सामने आया। अस्पताल में काफी मरीज एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए भटक रहे थे। संबंधित कर्मचारी उन्हें दवा न होने की बात कह कर वापस कर रहे थे। दूसरी ओर जब स्टाक चेक किया गया तो स्टाक में 94 वायल मौजूद मिले। बुधवार को एक विवाद होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार, भाजपा नेता डॉ. राजीव कुमार, कार्यवाहक सीएमएस डॉ. वर्मा जिला अस्पताल में मौजूद थे। इस दौरान सीएमएस कार्यालय में आकर कई लोगों ने शिकायत की कि एंटी रैबीज दवा नहीं होने पर इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे हैं। कई शिकायतों के बाद तय हुआ कि स्टाक चेक कराया जाए। इसके बाद जब चेकिंग हुई तो स्टाक में 94 वायल एंटी रैबीज इंजेक्शन मिले। डॉ. राजीव ने बताया कि इस पर जब पूछा गया तो वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि यह वीआईपी कोटा के लिए है। इस पर डॉ. राजीव ने पूछा कि बताएं कितने इंजेक्शन विधायकों, सांसदों और अन्य लोगों की सिफारिश पर लगे हैं तो वे कर्मचारी बगलें झांकने लगे। इस स्थिति पर अधिकारियों ने भी नाराजगी जताई। डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा है कि पूरा मामला अब प्रशासन की नजर में है। देखना है कि इस प्रकरण में क्या कार्रवाई होती है।
मामला मेरी जानकारी में आया है। अभी मैं लखनऊ में हूं। अलीगढ़ पहुंचकर जांच करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। - डा. रामकिशन सीएमएस
मलखान सिंह अस्पताल में डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस
मलखान सिंह जिला अस्पताल में मंगलवार को विधायक संजीव राजा के औचक निरीक्षण में खामियां ही खामियां मिलने और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताने के बाद अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने आरोपी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में डॉक्टरों से पूछा गया है कि अपने ऊपर लगे आरोपों के विषय में वह क्या स्पष्टीकरण देंगे। मंगलवार को विधायक संजीव राजा मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। बाद में पत्रकारों से बात करते समय उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जमकर नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर पैसे लेने के आरोप लगते हैं। मरीजों को इधर से उधर भटकाया जाता है। इलाज के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। उन्होंने दो डॉक्टरों का स्पष्ट नाम लेकर कहा कि वह शासन को पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे। विधायक के जाने के बाद अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही अस्पताल के अन्य स्टाफ को भी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दे डाली।