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अलीगढ़: शाहजमाल का धरना 33वें दिन जारी, आंधी-बारिश में तंबू धराशाई
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शाहजमाल ईदगाह के बाहर धरने पर बैठी महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
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शाहजमाल ईदगाह के सामने सीएए और एनआरसी के विरोध में 33 दिन से जारी धरना प्रदर्शन में शनिवार को माहौल नरम रहा। यहां महिलाओं की संख्या दिन में 100 से कम ही रही। शाम को भीड़ बढ़ी, लेकिन जीवनगढ़ में हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते एएमयू की छात्राएं यहां नहीं आईं। इससे शाहजमाल में बैठीं महिलाओं को बल नहीं मिला। इधर, रात नौ बजे आई आंधी-बारिश के चलते टेंट भी गिर पड़ा। इससे महिलाओं में भगदड़ मच गई। बारिश में सिर छुपाते हुए महिलाएं अपने-अपने घरों को चली गईं। इसके बाद इलाके के ही लोगों ने टेंट को दोबारा से खड़ा किया और देर रात को करीब 50 महिलाएं फिर से धरने पर आकर बैठ गईं।
शाहजमाल ईदगाह के सामने हो रहे धरना प्रदर्शन में शुक्रवार को तीखी भाषणबाजी के बाद एएमयू की छात्राओं ने यहां से शनिवार को कन्नी काटे रखी। इधर जीवनगढ़ धरने का भी असर यहां की भीड़ पर पड़ा। शनिवार को दिन में महिलाओं को यह छात्राएं हर रोज की तरह संबोधित करने भी नहीं पहुंचीं। इससे वहां सन्नाटा पसरा रहा। शाम पांच बजे के बाद यहां भीड़ का बढ़ना शुरू हो गया। मगर, भीड़ ने अन्य दिनों की अपेक्षा उग्र नारेबाजी नहीं की। रात नौ बजे के करीब आंधी आने के बाद बच्चे और महिलाएं घर की ओर जाने लगीं। करीब 200 महिलाएं ही मौके पर डटी थीं। मगर, बारिश आने के बाद टेंट गिरने से यह महिलाएं भी वहां से जाने लगी। जैसे ही इलाके के लोगों को टेंट गिरने की जानकारी हुई। वह बारिश बंद होने के बाद तत्काल वहां पहुंचे और टेंट को देर रात तक फिर से खड़ा कर दिया। हालांकि, गद्दे गीले होने के बाद महिलाओं ने यहां बैठना मुनासिब न समझा। कुछ महिलाओं के लिए सूखे गद्दों की व्यवस्था की गई। इसके बाद वहां 50 के करीब महिलाएं रात भर धरने पर बैठीं रहीं।
पटरी पर लौट रहा शहर...ऊपरकोट पर लौटी रौनक
सीएए और एनआरसी के विरोध में ऊपरकोट कोतवाली के सामने 23 फरवरी को हुए बवाल के पांच दिन बाद शनिवार को पुराने शहर का बाजार फिर से पटरी पर लौटता दिखाई दिया। तनाव को खत्म कर कोतवाली व जामा मस्जिद के बाहर ऊपरकोट पर लगने वाला फड़ बाजार शनिवार को नौवें दिन सज गया और कपड़ा विक्रेताओं ने अपनी-अपनी दुकानें लगाईं। खरीदारों की भीड़ भी खरीदारी को पहुंची। हालांकि आम दिनों के मुकाबले यह भीड़ कम थी, लेकिन इन दुकानों के लगने से बाजारों में रौनक दिखने लगी। इसे देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। इसके अलावा ऊपरकोट से सटे अन्य इलाकों व बाजारों में भी हालात सामान्य रहे। हां, जगह जगह पुलिस बल जरूर तैनात रहा।
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बारिश ने चुंगी के प्रदर्शनकारियों को छकाया
नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर व ऊपरकोट में बवाल में गोली चलाने वाले विनय वार्ष्णेय की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एएमयू के चुंगी पर सातवें दिन धरना जारी रहा, लेकिन शनिवार रात को हुई बारिश से प्रदर्शनकारी बचते नजर आए। एएमयू गेट के सामने चुंगी वाले गेट पर एएमयू के छात्र-छात्राएं व आसपास इलाके की महिलाएं धरने में पिछले कई दिनों से बैठ रही हैं। धूप के चलते धरने में शामिल लोगों को परेशानी हो रही थी। इसलिए इन लोगों ने ऊपर शामियाना लगाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मना कर दिया। इस दौरान छात्रों व पुलिस अधिकारियों में तीखी नोकझोंक भी हुई थी। शनिवार रात अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से प्रदर्शनकारी रोड के पार पड़े टिन शेड में छिप गए। ज्यादा बारिश होने से धरना स्थल पर पानी भर गया।
एसआईटी ने दोबारा बनाया बाबरी मंडी बवाल का क्राइम सीन
ऊपरकोट कोतवाली पर 23 फरवरी को हुए उपद्रव के बाद बाबरी मंडी में हुए पथराव और फायरिंग के क्राइम सीन शुक्रवार की शाम को तैयार करने के बाद टीम ने देर रात को फिर से इलाके का दौरा किया। पूरे इलाके के घरों को चेक किया गया। फायरिंग के निशान जिन घरों पर मिलें, उनकी तस्वीरें ली गईं। साथ ही फायरिंग और पथराव कितनी दूरी से हुई, इससे कैसे लोग घायल हुए होंगे, कितनी गंभीर चोटें आईं होंगी आदि सवालों के जवाब तलाशने को फिर से क्राइम सीन तैयार किया गया। इसके बाद शनिवार को एसएसपी मुुनिराज जी ने एसआईटी की बैठक ली। पूरी टीम को जल्द से जल्द काम को निपटाकर पूरी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं।
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शाहजमाल ईदगाह के सामने हो रहे धरना प्रदर्शन में शुक्रवार को तीखी भाषणबाजी के बाद एएमयू की छात्राओं ने यहां से शनिवार को कन्नी काटे रखी। इधर जीवनगढ़ धरने का भी असर यहां की भीड़ पर पड़ा। शनिवार को दिन में महिलाओं को यह छात्राएं हर रोज की तरह संबोधित करने भी नहीं पहुंचीं। इससे वहां सन्नाटा पसरा रहा। शाम पांच बजे के बाद यहां भीड़ का बढ़ना शुरू हो गया। मगर, भीड़ ने अन्य दिनों की अपेक्षा उग्र नारेबाजी नहीं की। रात नौ बजे के करीब आंधी आने के बाद बच्चे और महिलाएं घर की ओर जाने लगीं। करीब 200 महिलाएं ही मौके पर डटी थीं। मगर, बारिश आने के बाद टेंट गिरने से यह महिलाएं भी वहां से जाने लगी। जैसे ही इलाके के लोगों को टेंट गिरने की जानकारी हुई। वह बारिश बंद होने के बाद तत्काल वहां पहुंचे और टेंट को देर रात तक फिर से खड़ा कर दिया। हालांकि, गद्दे गीले होने के बाद महिलाओं ने यहां बैठना मुनासिब न समझा। कुछ महिलाओं के लिए सूखे गद्दों की व्यवस्था की गई। इसके बाद वहां 50 के करीब महिलाएं रात भर धरने पर बैठीं रहीं।
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पटरी पर लौट रहा शहर...ऊपरकोट पर लौटी रौनक
सीएए और एनआरसी के विरोध में ऊपरकोट कोतवाली के सामने 23 फरवरी को हुए बवाल के पांच दिन बाद शनिवार को पुराने शहर का बाजार फिर से पटरी पर लौटता दिखाई दिया। तनाव को खत्म कर कोतवाली व जामा मस्जिद के बाहर ऊपरकोट पर लगने वाला फड़ बाजार शनिवार को नौवें दिन सज गया और कपड़ा विक्रेताओं ने अपनी-अपनी दुकानें लगाईं। खरीदारों की भीड़ भी खरीदारी को पहुंची। हालांकि आम दिनों के मुकाबले यह भीड़ कम थी, लेकिन इन दुकानों के लगने से बाजारों में रौनक दिखने लगी। इसे देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। इसके अलावा ऊपरकोट से सटे अन्य इलाकों व बाजारों में भी हालात सामान्य रहे। हां, जगह जगह पुलिस बल जरूर तैनात रहा।
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नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर व ऊपरकोट में बवाल में गोली चलाने वाले विनय वार्ष्णेय की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एएमयू के चुंगी पर सातवें दिन धरना जारी रहा, लेकिन शनिवार रात को हुई बारिश से प्रदर्शनकारी बचते नजर आए। एएमयू गेट के सामने चुंगी वाले गेट पर एएमयू के छात्र-छात्राएं व आसपास इलाके की महिलाएं धरने में पिछले कई दिनों से बैठ रही हैं। धूप के चलते धरने में शामिल लोगों को परेशानी हो रही थी। इसलिए इन लोगों ने ऊपर शामियाना लगाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मना कर दिया। इस दौरान छात्रों व पुलिस अधिकारियों में तीखी नोकझोंक भी हुई थी। शनिवार रात अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से प्रदर्शनकारी रोड के पार पड़े टिन शेड में छिप गए। ज्यादा बारिश होने से धरना स्थल पर पानी भर गया।
एसआईटी ने दोबारा बनाया बाबरी मंडी बवाल का क्राइम सीन
ऊपरकोट कोतवाली पर 23 फरवरी को हुए उपद्रव के बाद बाबरी मंडी में हुए पथराव और फायरिंग के क्राइम सीन शुक्रवार की शाम को तैयार करने के बाद टीम ने देर रात को फिर से इलाके का दौरा किया। पूरे इलाके के घरों को चेक किया गया। फायरिंग के निशान जिन घरों पर मिलें, उनकी तस्वीरें ली गईं। साथ ही फायरिंग और पथराव कितनी दूरी से हुई, इससे कैसे लोग घायल हुए होंगे, कितनी गंभीर चोटें आईं होंगी आदि सवालों के जवाब तलाशने को फिर से क्राइम सीन तैयार किया गया। इसके बाद शनिवार को एसएसपी मुुनिराज जी ने एसआईटी की बैठक ली। पूरी टीम को जल्द से जल्द काम को निपटाकर पूरी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं।