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अलीगढ़: दोस्तों ने फिरौती के लिए की थी दसवीं के छात्र आकाश की हत्या, लापरवाह इंस्पेक्टर व दो एसआई निलंबित
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आकाश का फाइल फोटो।
- फोटो : ATHROLI
कस्बा अतरौली के मोहल्ला नगाइचपाड़ा से छह फरवरी से लापता दसवीं के छात्र आकाश की उसके दोस्तों ने दस लाख की फिरौती के लिए अगवा कर हत्या कर दी थी। एसएसपी के निर्देश पर सर्विलांस/एसओजी टीम ने घटना का खुलासा करते हुए उसके पांच दोस्तों को गिरफ्तार कर आकाश का सड़ा गला शव शनिवार सुबह बुलंदशहर में रामघाट स्थित हजारा नहर के पास से बरामद कर लिया। खबर मिलते ही परिजनों ने थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली में नारेबाजी व हंगामा किया। एहतियात के तौर पर एसपीआरए अतुल शर्मा, सीओ प्रशांत सिंह, सीओ बरला के साथ सर्किल के चारों थानों की फोर्स व पीएसी तैनात रही। इधर, मामले में प्रथमदृष्टया इंस्पेक्टर राजीव सिरोही, कस्बा चौकी इंचार्ज एसआई सतीश कुमार और नरौना चौकी इंचार्ज एसआई राहुल को लापरवाह मानते हुए निलंबित कर दिया और एसपी देहात को मामले में विभागीय जांच सौंपी गई है।
एसएसपी मुनिराज जी ने शनिवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि इगलास के गांव तोछीगढ़ निवासी राजवीर सिंह की अतरौली के गांव फजलपुर में ससुराल है। वर्तमान में वह अतरौली के मोहल्ला नगाइचपाड़ा में रहते हैं। उनका बेटा आकाश (16) अतरौली के डीकेएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 10 वीं का छात्र था। छह फरवरी को आकाश के खिलाफ उसकी साथी छात्रा संग छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज हुआ। उसी दिन शाम को वह स्टेडियम में खेलने के लिए गया था।
इसी बीच छात्रा के परिजन उसकी मां से शिकायत करने गए। इस पर मां सुमन देवी ने फोन पर उसे डांटते हुए जब घर आने को कहा तो वह डर में घर नहीं पहुंचा। देर रात आकाश के फोन से उसकी मां के नंबर पर फोन आया और कहा कि तुम्हारे बेटे का अपहरण हो गया है, दस लाख रुपये दो। इससे वह डर गईं और पुलिस से शिकायत की। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने समझा कि छेड़छाड़ के मुकदमे से बचने के लिए परिजनों की यह साजिश है।
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अगले दिन सुबह आकाश के नंबर पर सुमन देवी ने फिर से फोन किया तो अपहर्ताओं ने दस लाख रुपये नहीं देने पर आकाश को जान से मारने की धमकी दी। परिजन फिर से कोतवाली पहुंचे मगर पुलिस ने दंपति को जेल भेजने की धमकी देते हुए थाने से भगा दिया। परिजन इधर उधर बेटे की तलाश में खुद ही भागदौड़ कर रहे थे। 19 फरवरी को तत्कालीन एसएसपी के आदेश पर आकाश की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज हुई। इसके बाद भी आकाश की बरामदी नहीं हो सकी। फिर परिजन नए एसएसपी से मिले और उन्होंने सर्विलांस व एसओजी टीम को मामले के खुलासे में लगाया।
पुलिस मोबाइल नंबरों के जरिए आरोपियों तक पहुंच गई। इसमें तुलसी उर्फ प्रबल पुत्र चंद्रकांत शर्मा, रजनीश पुत्र जयनारायण, राकेश पुत्र राजू निवासीगण नगाइचपाड़ा, श्यामबाबू यादव पुत्र रमेश मुखरैयान अतरौली, सचिन पाठक पुत्र चंद्रपाल पाठक निवासी खलीफान अतरौली को गिरफ्तार कर लिया। इस मौके पर एसपी क्राइम डॉ.अरविंद मौजूद रहे।
एनसीसी से आर्मी की कर रहा था तैयारी
आकाश ने डीकेएस स्कूल अतरौली में कक्षा 10 में एनसीसी भी ले रखी थी ताकि वह फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर सके। आकाश के पिता रोते हुए बोले कि बेटा आर्मी की तैयारी कर रहा था। इसीलिए वह रोज स्टेडियम में जाता था। छह फरवरी को वह स्कूल ड्रेस का लोअर, आर्मी लिखी टीशर्ट आदि पहनकर घर से गया था। उसकी जेब में महज 20 रुपये थे। 10 वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी उसने अच्छे तरीके से की थी, लेकिन अपहरण होने के चलते वह परीक्षा नहीं दे सका।
मनमर्जी तरीके से लिखवाई पुलिस ने तहरीर
राजवीर सिंह व सुमन देवी ने बताया कि जब वह सात फरवरी को थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 19 फरवरी को जब एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने के पुलिस को आदेश दिए तो पुलिस कर्मियों ने उनसे मनमर्जी तहरीर लिखवाई। जिसमें से 10 लाख रुपये फिरौती मांगने की बात को कटवा दिया। आरोप है कि पहले ही दिन से पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी।
छेड़छाड़ में नामजद साथी जेल में
पुलिस के मुताबिक आकाश अपने साथी अतुल की मदद से एक युवती को लेकर छह फरवरी को शेखा झील घूमने गया था। वहां से अलीगढ़ की ओर जा रहे थे। तभी क्वार्सी के निकट युवती का भाई दिख गया। युवती को वापस अतरौली जाने की कहकर दोनों क्वार्सी चौराहे पर छोड़कर अलीगढ़ चले गए। युवती घर पहुंची तो परिजनों ने आकाश व अतुल के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज करा दी। 23 फरवरी को पुलिस ने अतुल को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि आकाश गायब था।
पेट्रोल डालकर जला दूंगा आरोपियों को
राजवीर सिंह व सुमन देवी ने थाने में जमकर हंगामा किया। पुलिस कर्मियों को खूब खरीखोटी सुनाई। आरोपियों की शक्ल दिखाने की मांग को लेकर दोनों कोतवाली में ही बैठ गए। बोले आरोपियों की शक्ल देखने के बाद ही कहीं जाएंगे। दंपती इतने गुस्से में थे कि राजवीर सिंह उठकर अपनी बाइक में पैट्रोल निकालने चल दिए बोले आज बेटों के हत्यारों को जिंदा जलाकर ही दम लूूंगा। रिश्तेदारों ने जैसे तैसे उन्हें संभाला और समझाकर कोतवाली से ले गए।
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एसएसपी मुनिराज जी ने शनिवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि इगलास के गांव तोछीगढ़ निवासी राजवीर सिंह की अतरौली के गांव फजलपुर में ससुराल है। वर्तमान में वह अतरौली के मोहल्ला नगाइचपाड़ा में रहते हैं। उनका बेटा आकाश (16) अतरौली के डीकेएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 10 वीं का छात्र था। छह फरवरी को आकाश के खिलाफ उसकी साथी छात्रा संग छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज हुआ। उसी दिन शाम को वह स्टेडियम में खेलने के लिए गया था।
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इसी बीच छात्रा के परिजन उसकी मां से शिकायत करने गए। इस पर मां सुमन देवी ने फोन पर उसे डांटते हुए जब घर आने को कहा तो वह डर में घर नहीं पहुंचा। देर रात आकाश के फोन से उसकी मां के नंबर पर फोन आया और कहा कि तुम्हारे बेटे का अपहरण हो गया है, दस लाख रुपये दो। इससे वह डर गईं और पुलिस से शिकायत की। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने समझा कि छेड़छाड़ के मुकदमे से बचने के लिए परिजनों की यह साजिश है।
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अगले दिन सुबह आकाश के नंबर पर सुमन देवी ने फिर से फोन किया तो अपहर्ताओं ने दस लाख रुपये नहीं देने पर आकाश को जान से मारने की धमकी दी। परिजन फिर से कोतवाली पहुंचे मगर पुलिस ने दंपति को जेल भेजने की धमकी देते हुए थाने से भगा दिया। परिजन इधर उधर बेटे की तलाश में खुद ही भागदौड़ कर रहे थे। 19 फरवरी को तत्कालीन एसएसपी के आदेश पर आकाश की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज हुई। इसके बाद भी आकाश की बरामदी नहीं हो सकी। फिर परिजन नए एसएसपी से मिले और उन्होंने सर्विलांस व एसओजी टीम को मामले के खुलासे में लगाया।
पुलिस मोबाइल नंबरों के जरिए आरोपियों तक पहुंच गई। इसमें तुलसी उर्फ प्रबल पुत्र चंद्रकांत शर्मा, रजनीश पुत्र जयनारायण, राकेश पुत्र राजू निवासीगण नगाइचपाड़ा, श्यामबाबू यादव पुत्र रमेश मुखरैयान अतरौली, सचिन पाठक पुत्र चंद्रपाल पाठक निवासी खलीफान अतरौली को गिरफ्तार कर लिया। इस मौके पर एसपी क्राइम डॉ.अरविंद मौजूद रहे।
एनसीसी से आर्मी की कर रहा था तैयारी
आकाश ने डीकेएस स्कूल अतरौली में कक्षा 10 में एनसीसी भी ले रखी थी ताकि वह फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर सके। आकाश के पिता रोते हुए बोले कि बेटा आर्मी की तैयारी कर रहा था। इसीलिए वह रोज स्टेडियम में जाता था। छह फरवरी को वह स्कूल ड्रेस का लोअर, आर्मी लिखी टीशर्ट आदि पहनकर घर से गया था। उसकी जेब में महज 20 रुपये थे। 10 वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी उसने अच्छे तरीके से की थी, लेकिन अपहरण होने के चलते वह परीक्षा नहीं दे सका।
मनमर्जी तरीके से लिखवाई पुलिस ने तहरीर
राजवीर सिंह व सुमन देवी ने बताया कि जब वह सात फरवरी को थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 19 फरवरी को जब एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने के पुलिस को आदेश दिए तो पुलिस कर्मियों ने उनसे मनमर्जी तहरीर लिखवाई। जिसमें से 10 लाख रुपये फिरौती मांगने की बात को कटवा दिया। आरोप है कि पहले ही दिन से पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी।
छेड़छाड़ में नामजद साथी जेल में
पुलिस के मुताबिक आकाश अपने साथी अतुल की मदद से एक युवती को लेकर छह फरवरी को शेखा झील घूमने गया था। वहां से अलीगढ़ की ओर जा रहे थे। तभी क्वार्सी के निकट युवती का भाई दिख गया। युवती को वापस अतरौली जाने की कहकर दोनों क्वार्सी चौराहे पर छोड़कर अलीगढ़ चले गए। युवती घर पहुंची तो परिजनों ने आकाश व अतुल के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज करा दी। 23 फरवरी को पुलिस ने अतुल को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि आकाश गायब था।
पेट्रोल डालकर जला दूंगा आरोपियों को
राजवीर सिंह व सुमन देवी ने थाने में जमकर हंगामा किया। पुलिस कर्मियों को खूब खरीखोटी सुनाई। आरोपियों की शक्ल दिखाने की मांग को लेकर दोनों कोतवाली में ही बैठ गए। बोले आरोपियों की शक्ल देखने के बाद ही कहीं जाएंगे। दंपती इतने गुस्से में थे कि राजवीर सिंह उठकर अपनी बाइक में पैट्रोल निकालने चल दिए बोले आज बेटों के हत्यारों को जिंदा जलाकर ही दम लूूंगा। रिश्तेदारों ने जैसे तैसे उन्हें संभाला और समझाकर कोतवाली से ले गए।