Aligarh News: अलीगढ़ में भी हैं रेलवे की संपत्तियों पर अवैध कब्जा, हटेगा लाइन किनारे हो रहा अतिक्रमण
अलीगढ़ में भी रेल की पटरियों के किनारे लोगों ने कब्जा कर अपने कच्चे-पक्के मकान बना लिए हैं। इससे हर पल हादसे की संभावना बनी रहती है, फिर भी रेलवे इन कब्जों को हटवाने की कार्रवाई नहीं कर रही है। इन कब्जों को लेकर मामला कोर्ट तक जा पहुंचा है इसके बाद भी कब्जों को हटवाया नहीं जा पा रहा है।
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विस्तार
हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने का मामला इन दिनों खासा तूल पकड़ रहा है। रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण का यह पहला मामला नहीं है। देश भर में रेलवे की बेशकीमती जमीनों पर लोग वर्षों से कब्जा जमाए हुए हैं। अतिक्रमण का दंश शहर की सड़कें तो झेल ही रही हैं, अब यह दायरा बढ़कर रेलवे की पटरियों तक पहुंच गया है। अलीगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी रेल की पटरियों के किनारे लोगों ने कब्जा कर अपने कच्चे-पक्के मकान बना लिए हैं। इससे हर पल हादसे की संभावना बनी रहती है, फिर भी रेलवे इन कब्जों को हटवाने की कार्रवाई नहीं कर रही है। इन कब्जों को लेकर मामला कोर्ट तक जा पहुंचा है इसके बाद भी कब्जों को हटवाया नहीं जा पा रहा है।
कब्जे में करोड़ों की संपत्ति
हावड़ा-दिल्ली ट्रैक पर अलीगढ़ रेलवे स्टेशन का क्षेत्र मडराक से लेकर सोमना स्टेशन तक है। जीआरपी थाने के लिहाज से जलेसर से लेकर दादरी पुलिस चौकी तक करीब 160 किमी का कार्यक्षेत्र है, जबकि आरपीएफ की हाथरस, अलीगढ़ व खुर्जा पोस्ट बनी हुई है, फिर भी अलीगढ़- दिल्ली ट्रैक पर छर्रा अड्डा पुल, बरछी बहादुर की मजार, आईटीआई पुल, बरौला पुल के अलावा बरेली ब्रांच लाइन के पास मंजूरगढ़ी रेलवे क्रासिंग के पास लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। स्थायी रिहायश के साथ झुग्गी, झोपड़ी एवं अस्थायी दुकानें भी खोल ली हैं।
कोर्ट में लंबित है मामला
बरछी बहादुर के पास अवैध रूप से कॉलोनी बनाकर रह रहे अतिक्रमणकारियों ने कब्जे के आधार पर कोर्ट से स्टे ले रखा है, जिसके चलते रेलवे इनके खिलाफ कुछ नहीं कर पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट भी अपने आदेश में कह चुका है कि रेलवे पटरियों के सहारे हो रहे अतिक्रमणों को हटवाकर कब्जों को हटवाया जाए। इसके बाद भी रेलवे की जमीनों से कब्जा नहीं हटवाया जा सका है।
अभियान के नाम पर खानापूर्ति
रेलवे की संपत्तियों की देखरेख करने वाले अफसर भी समय - समय पर खानापूर्ति को अभियान चलाते हैं, लेकिन स्थायी रूप से आज तक इन अतिक्रमणों को हटाया नहीं जा सका है। रेलवे स्टेशन के बाहर सिटी साइड एवं सेंटर प्वाइंट साइड में ठेल, ढ़केल, दुकान लगाकर दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है। स्टेशन पर किसी बड़े अफसर के आने की आहट भर से अतिक्रमणकारी गायब हो जाते हैं और फिर उनके जाते ही प्रकट हो जाते हैं।
संपत्तियां चिन्हित कर हटेगा अतिक्रमण
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि अलीगढ़ क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे हो अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पहले रेलवे अपनी संपत्तियों को चिह्नित कराएगा, फिर कब्जामुक्त कराया जाएगा। जोन में रेल पटरियों के किनारे से अतिक्रमण को पहले भी हटाया जाता रहा है। इस बार सुप्रीम कोर्ट ने अवैध कब्जाधारियों को बेदखल करने का निर्देश दिया है, जिसका अनुपालन कराने के साथ ही कब्जाधारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।