Exclusive: आठ जिलों में नौ स्टडी सेंटर चलाने वाला इग्नू का रीजनल ऑफिस खुद चल रहा एक कमरे में, बंद की कगार पर
अलीगढ़ स्थित इग्नू का रीजनल ऑफिस बंद होने की कगार पर है। आठ जिलों में नौ स्टडी सेंटर चलाने वाला रीजनल ऑफिस आज खुद एक स्टडी सेंटर के किराए पर एक कमरे में संचालित हो रहा है। कभी यह रीजनल ऑफिस एक बिल्डिंग में 15 से 20 कर्मचारियों से गुलजार रहता था।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी का अलीगढ़ स्थित रीजनल ऑफिस बंद होने की कगार पर है, यह कहना गलत नहीं होगा। आठ जिलों में नौ स्टडी सेंटर चलाने वाला रीजनल ऑफिस आज खुद एक स्टडी सेंटर के किराए पर एक कमरे में संचालित हो रहा है। कभी यह रीजनल ऑफिस एक बिल्डिंग में 15 से 20 कर्मचारियों से गुलजार रहता था, आज एक कमरे में क्षेत्रीय निदेशक समेत चार कर्मचारी बैठते हैं।
अलीगढ़ रीजनल ऑफिस के अंतर्गत चल रहे आठ जिलों के नौ स्टडी सेंटर
इग्नू के अलीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आठ जिले अलीगढ़, हाथरस, एटा, इटावा, मैनपुरी, कासगंज, बदायूं और फिरोजाबाद आते हैं, जहां के नौ अध्ययन केंद्रों पर 1400 से अधिक स्टूडेंट्स
विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हैं। पहले इस रीजनल ऑफिस से 14 जिले के स्टडी सेंटर संचालित होते थे, जिनमें से छह जिलों को अलीगढ़ से काटकर नोएडा रीजनल ऑफिस से जोड़ दिया गया।
16 साल पहले शुरू हुआ था अलीगढ़ में रीजनल ऑफिस
अलीगढ़ में इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक रहे डॉ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि 16 साल पहले वर्ष 2006 में इग्नू ने सर सयैद नगर में सब रीजनल सेंटर शुरू किया था। वर्ष 2008 में सब रीजनल सेंटर को रीजनल सेंटर बना दिया गया। क्षेत्रीय कार्यालय मैरिस रोड की एक बिल्डिंग में आ गया, जहां 15 से 20 कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालित हो रहा था। इस दौरान आरडी आफिस ने एडमिशन के कई आयाम रचे।
बिल्डिंग से एक कमरे में शिफ्ट हुआ रीजनल ऑफिस
वर्तमान क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डॉ एम सफदरे आजम ने बताया कि वर्ष 2021 के अंत में क्षेत्रीय कार्यालय को मैरिस रोड से रामघाट रोड स्थित टीकाराम डिग्री कॉलेज परिसर में शिफ्ट करने के आदेश आए। 1 दिसंबर 2021 को क्षेत्रीय कार्यालय इग्नू के स्टडी सेंटर टीकाराम डिग्री कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया।
एक कमरे में बैठते हैं रीजनल डायरेक्टर समेत चार कर्मचारी
कभी रीजनल ऑफिस के अंतर्गत चलने वाले स्टडी सेंटर टीकाराम डिग्री कॉलेज में अब रीजनल ऑफिस चल रहा है। यहां एक कमरे में क्षेत्रीय कार्यालय संचालित हो रहा है। इस एक कमरे में ही क्षेत्रीय निदेशक, एक स्थायी सहायक और दो दैनिक सहायक बैठकर काम करते हैं। इस एक कमरे में ही कार्यालय सबंधित रिकोर्ड रखा जाता है। कमरे भी ऐसी गिरासू हालत में हैं कि छत का प्लास्टर उखड़ रहा है। कभी क्षेत्रीय कार्यालय एक बिल्डिंग के कई कमरों में संचालित होता था। क्षेत्रीय निदेशक, सहायक क्षेत्रीय निदेशक, एआर, सहायकों, रिसेप्सन, किताबों के लिए अलग-अलग कमरे थे। अब तो एक कमरे में ही गुजारा करना पड़ रहा है।
इन्क्ववायरी ऑफिस बन कर रह गया है रीजनल ऑफिस
एक कमरे में चल रहा इग्नू का रीजनल आफिस आज इन्क्ववायरी ऑफिस बन कर रह गया है। स्टूडेंट्स यहां आकर एक कमरे में आफिस देख कर दंग रह जाते हैं। कम कर्मचारी के कारण क्षेत्रीय निदेशक को भी कई ऑफिशियल काम स्वयं ही करने पड़ते हैं।
कम खर्च के चक्कर में कम हो रही इग्नू की छवि
इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय की इस हालात की पीछे खर्च में घटौती करना बताया जा रहा है। जहां मैरिस रोड पर यह कार्यालय 80 हजार के लगभग की बिल्डिंग में था, वहीं आज दो हजार के लगभग किराए पर एक कमरे में चल रहा है। खर्चा तो कम हो गया परंतु जो स्टूडेंट्स इग्नू से जुड़ी जानकारी करने यहां आते हैं, तो एक कमरे में चल रहे रीजनल ऑफिस को चलता देख, उनके दिमाग में इग्नू की छवि कुछ और ही बनती होगी। एक कमरे में इग्नू के रीजनल ऑफिस के चलने के कारण जानने के लिए रीजनल सर्विस डिवीजन, दिल्ली के निदेशक डॉ यूसी पांडे से संपर्क किया गया, परन्तु बात नहीं हो पाई।