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अलीगढ़ः कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को चिन्हित करें
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उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. साक्षी बैजल ने कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के चिन्हांकन के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन अनाथ बच्चों को भरण पोषण के लिए चार हजार रुपये प्रति माह देगी। कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर सर्वाधिक असर पड़ने की संभावना को देखते हुए अलीगढ़ में जेएन मेडिकल कॉलेज से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पीडियाट्रिक आईसीयू बनाए जाएंगे।
कमिश्नर सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. साक्षी बैजल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में बहुत से ऐसे बच्चे रहे होंगे, जिनके माता-पिता या दोनों में से एक असमय काल के गाल में समा गए, ऐसे अनाथ बच्चों को चिन्हित किया जाए। उनकी देखरेख एवं परवरिश का जिम्मा सरकार उठा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। बरसात का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में आवश्यक है कि संचारी रोगों से सुरक्षित रहने के लिए समुचित तैयारी एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत बाल स्वराज पोर्टल पर कोविड से अनाथ हुए बच्चों की सूची दर्ज कराते हुए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजना से प्रभावित बच्चों को जल्द से जल्द लाभान्वित किया जाए। उन्होंने बीएसए को निर्देशित किया कि कोरोना संकटकाल में कोई भी निजी विद्यालय न तो विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोकेगा और न ही परीक्षाफल को रोकेगा। उन्होंने प्रभावित बच्चों की फीस माफी के साथ ही शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराया जाए।
एसीएमओ डा. दुर्गेश ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अतरौली, खैर, इगलास एवं चंडौस में पीकू वार्ड बनाए गए हैं। प्रत्येक में 10 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए कन्संट्रेटर लगाए गए हैं। अब तक जिले में 190 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) वार्ड तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भी 50 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में 47 बेड का वार्ड है। इसमें 10 बेड के एसएनसीयू के अलावा आईसीयू एवं आक्सीजन बेड भी उपलब्ध हैं।
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दीनदयाल अस्पताल में पीकू वार्ड का किया निरीक्षण
अलीगढ़। प्रदेश के राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डा. साक्षी बैजल ने दीनदयाल अस्पताल में तैयार किये जा रहे पीकू वार्ड का निरीक्षण किया। तैयारियों से वह संतुष्ट दिखे। सीएमएस शिव कुमार उपाध्याय ने बताया कि चिकित्सालय में पीकू के 14 वार्ड, एसएनसीयू के 10 वार्ड, एचडीयू के 23 वार्ड की स्थापना की जा रही है। एक सप्ताह में सभी वार्ड तैयार कर दिए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने डीडीयू में स्थापित आक्सीजन उत्पादन संयंत्र का भी निरीक्षण किया। प्लांट से 50 मरीजों को निर्बाध आक्सीजन की आपूर्ति संभव हो सकेगी। उन्होंने बताया कि डीआरडीओ द्वारा 1000 एलपीएम क्षमता वाले प्लांट की भी स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
सावियो नवजीवन बालभवन भी देखा
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डा साक्षी बैजल सावियो नवजीवन बालभवन पहुंचे। उन्होंने संस्था के निदेशक फादर जोस अकरा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत एवं प्रयासों से अनाथ बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। बच्चों से शिक्षा, रहन-सहन एवं खानपान के बारे में जानकारी ली। फादर जोस अकरा ने बताया कि बालभवन में 38 संवासी निवास कर रहे हैं, जिन्हें प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। 26 बच्चे संत फिदेलिस स्कूल में पढ़ रहे हैं।
अब तक 153 बच्चों का पंजीकरण कराया
अलीगढ़। जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जनपद में अब तक 153 बच्चों का पंजीकरण कराया गया है। कमेटी द्वारा स्वीकृत 59 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसमें 32 बालक एवं 27 बालिकाएं हैं। पांच बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता-पिता की कोरोना काल में मृत्यु हो गई है एवं 54 बच्चे माता-पिता में से किसी एक को खो चुके हैं। कन्या सुमंगला योजना में 7394 बालिकाओं को विभिन्न 06 श्रेणियों में लाभान्वित किया जा रहा है।
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कमिश्नर सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. साक्षी बैजल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में बहुत से ऐसे बच्चे रहे होंगे, जिनके माता-पिता या दोनों में से एक असमय काल के गाल में समा गए, ऐसे अनाथ बच्चों को चिन्हित किया जाए। उनकी देखरेख एवं परवरिश का जिम्मा सरकार उठा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। बरसात का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में आवश्यक है कि संचारी रोगों से सुरक्षित रहने के लिए समुचित तैयारी एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत बाल स्वराज पोर्टल पर कोविड से अनाथ हुए बच्चों की सूची दर्ज कराते हुए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजना से प्रभावित बच्चों को जल्द से जल्द लाभान्वित किया जाए। उन्होंने बीएसए को निर्देशित किया कि कोरोना संकटकाल में कोई भी निजी विद्यालय न तो विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोकेगा और न ही परीक्षाफल को रोकेगा। उन्होंने प्रभावित बच्चों की फीस माफी के साथ ही शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराया जाए।
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एसीएमओ डा. दुर्गेश ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अतरौली, खैर, इगलास एवं चंडौस में पीकू वार्ड बनाए गए हैं। प्रत्येक में 10 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए कन्संट्रेटर लगाए गए हैं। अब तक जिले में 190 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) वार्ड तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भी 50 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में 47 बेड का वार्ड है। इसमें 10 बेड के एसएनसीयू के अलावा आईसीयू एवं आक्सीजन बेड भी उपलब्ध हैं।
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दीनदयाल अस्पताल में पीकू वार्ड का किया निरीक्षण
अलीगढ़। प्रदेश के राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डा. साक्षी बैजल ने दीनदयाल अस्पताल में तैयार किये जा रहे पीकू वार्ड का निरीक्षण किया। तैयारियों से वह संतुष्ट दिखे। सीएमएस शिव कुमार उपाध्याय ने बताया कि चिकित्सालय में पीकू के 14 वार्ड, एसएनसीयू के 10 वार्ड, एचडीयू के 23 वार्ड की स्थापना की जा रही है। एक सप्ताह में सभी वार्ड तैयार कर दिए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने डीडीयू में स्थापित आक्सीजन उत्पादन संयंत्र का भी निरीक्षण किया। प्लांट से 50 मरीजों को निर्बाध आक्सीजन की आपूर्ति संभव हो सकेगी। उन्होंने बताया कि डीआरडीओ द्वारा 1000 एलपीएम क्षमता वाले प्लांट की भी स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
सावियो नवजीवन बालभवन भी देखा
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डा साक्षी बैजल सावियो नवजीवन बालभवन पहुंचे। उन्होंने संस्था के निदेशक फादर जोस अकरा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत एवं प्रयासों से अनाथ बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। बच्चों से शिक्षा, रहन-सहन एवं खानपान के बारे में जानकारी ली। फादर जोस अकरा ने बताया कि बालभवन में 38 संवासी निवास कर रहे हैं, जिन्हें प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। 26 बच्चे संत फिदेलिस स्कूल में पढ़ रहे हैं।
अब तक 153 बच्चों का पंजीकरण कराया
अलीगढ़। जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जनपद में अब तक 153 बच्चों का पंजीकरण कराया गया है। कमेटी द्वारा स्वीकृत 59 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसमें 32 बालक एवं 27 बालिकाएं हैं। पांच बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता-पिता की कोरोना काल में मृत्यु हो गई है एवं 54 बच्चे माता-पिता में से किसी एक को खो चुके हैं। कन्या सुमंगला योजना में 7394 बालिकाओं को विभिन्न 06 श्रेणियों में लाभान्वित किया जा रहा है।