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सीएए विरोध: उपद्रव में घायल इब्राहीम की एक आंख पूरी तरह खराब
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गत रविवार को पुराने शहर में हुए उपद्रव के दौरान घायल हुए इब्राहीम को इसकी कीमत अपनी एक आंख की रोशनी देकर चुकानी पड़ी है। इब्राहीम की एक आंख की रोशनी अब हमेशा के लिए पूरी तरह जा चुकी है। उनकी आंख में छर्रे लगे थे। जिसके बाद उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में लाया गया था। इब्राहीम का अभी भी जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
इब्राहीम इस समय जेएन मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के वार्ड नंबर 11 में भर्ती हैं। इब्राहीम कहते हैं कि उनकी बिरयानी की दुकान ऊपर कोट पर है। जहां पर हमला हुआ मैं वहां से बरसों से सामान लेता हूं। उसकी दुकानदारी हमी लोगों से ही है। मुझे सबके नाम मालूम हैं। पहले से दुश्मनी जैसी कोई बात नहीं है। घटना वाले दिन अचानक छर्रे चलने लगे। छर्रे उनकी आंख में लगे। इब्राहीम को पहले ट्रॉमा सेंटर में रखा गया था। बाद में उन्हें वार्ड संख्या 11 में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले उपद्रव में गोली लगने से घायल हुए, तारिक के शरीर का कमर का हिस्सा पूरी तरह पैराइलज हो चुका है। अब जीवन भर तारिक दिव्यांग रहेंगे। जेएन मेडिकल कॉलेज के कैजुआलिटी मेडिकल आफिसर डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि इब्राहीम की एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। वह गंभीर अवस्था में लाए गए थे। आंख में छर्रे लगे थे। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
मीडिया से दूर किया इब्राहीम को
उपद्रव में घायल तारिक कै पैरालाइज होने का मामला प्रकाश में आने के बाद आंख की रोशनी गंवाने वाले इब्राहीम को मीडिया की पहुंच से दूर कर दिया गया है। इसी क्रम में उसे ट्रॉमा सेंटर से वार्ड संख्या 11 में शिफ्ट कर दिया है। यही नहीं उस तक पहुंचने के लिए मेेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों की अनुमति जरूरी कर दी है।
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इब्राहीम इस समय जेएन मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के वार्ड नंबर 11 में भर्ती हैं। इब्राहीम कहते हैं कि उनकी बिरयानी की दुकान ऊपर कोट पर है। जहां पर हमला हुआ मैं वहां से बरसों से सामान लेता हूं। उसकी दुकानदारी हमी लोगों से ही है। मुझे सबके नाम मालूम हैं। पहले से दुश्मनी जैसी कोई बात नहीं है। घटना वाले दिन अचानक छर्रे चलने लगे। छर्रे उनकी आंख में लगे। इब्राहीम को पहले ट्रॉमा सेंटर में रखा गया था। बाद में उन्हें वार्ड संख्या 11 में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले उपद्रव में गोली लगने से घायल हुए, तारिक के शरीर का कमर का हिस्सा पूरी तरह पैराइलज हो चुका है। अब जीवन भर तारिक दिव्यांग रहेंगे। जेएन मेडिकल कॉलेज के कैजुआलिटी मेडिकल आफिसर डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि इब्राहीम की एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। वह गंभीर अवस्था में लाए गए थे। आंख में छर्रे लगे थे। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
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मीडिया से दूर किया इब्राहीम को
उपद्रव में घायल तारिक कै पैरालाइज होने का मामला प्रकाश में आने के बाद आंख की रोशनी गंवाने वाले इब्राहीम को मीडिया की पहुंच से दूर कर दिया गया है। इसी क्रम में उसे ट्रॉमा सेंटर से वार्ड संख्या 11 में शिफ्ट कर दिया है। यही नहीं उस तक पहुंचने के लिए मेेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों की अनुमति जरूरी कर दी है।
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