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Aligarh News: पंचायत से पालिका में तो आ गए, पर कोई सुविधा नहीं मिली

Sun, 28 Dec 2025 02:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Sun, 28 Dec 2025 02:41 AM IST
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I came from the Panchayat to the Municipality, but did not get any facilities.
ग्राम पंचायत से निकलकर नगर पालिका परिषद में शामिल होने पर नगला भुस के ग्रामीण खुश थे। उम्मीद थी कि गांव संवार जाएगा। नाले-नालियों का निर्माण होगा। सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी। बिजली, पेयजल की व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी, पर हुआ कुछ नहीं। गांव के 300 परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
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ग्राम पंचायत मीतई को खत्म कर गांव नगला भुस, पापरी व मीतई को नगर पालिका परिषद की सीमा में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में रहते हुए भी गांव में साफ-सफाई की दिक्कत थी, पालिका में आने के बाद भी हालात नहीं बदले। ग्रामीणों ने बताया कि सालों से लोग गंदगी में जी रहे हैं। नाले-नालियों का निर्माण न होने के कारण हर समय पानी भरा रहता है, कीचड़ है। गंदे पानी और कीचड़ से होकर निकलना पड़ रहा है। जीवन नारकीय हो गया है। गंदगी व कीचड़ के कारण कीड़े नालियों के जरिये घरों में घुस रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत डाली गई, पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार शाम पांच बजे से ही अंधेरा हो जाता है। गांव में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। पेयजल की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। गांव में सरकारी हैंडपंप भी नहीं है। गांव के लोग पड़ोसियों की सबमर्सिबल पंप पर निर्भर हैं।
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अधूरा छोड़ दिया नाला निर्माण



ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पहले नगर पालिका की ओर से यहां नाला बनाया जा रहा था। ठेकेदार आधा-अधूरा नाला बनाकर छोड़ गया। नाला या तो गांव की पोखर तक जोड़ना चाहिए था या फिर हाईवे के नाले से। इस नाले में पानी तो जाता है, लेकिन सड़क पर बहता है। इससे गलियों व खाली प्लॉट में पानी भरा रहता है।








कई सालों से गांव की दुर्दशा हो रही है। यहां पर न कोई जन प्रतिनिधि आता है और न ही कोई अधिकारी। हम लोगों को नरक में जीना पड़ रहा है।



-शशिपाल, नगला भुस।

बच्चों को स्कूल जाते वक्त इसी कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। नगर पालिका का कोई कर्मचारी यहां कूड़ा या कीचड़ उठाने नहीं आता।

-तनुज, नगला भुस।


गांव का यही हाल रहा तो फिर क्या फायदा किसी को वोट देने का। पानी, बिजली व सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए गांव के लोग तरस रहे हैं।

ध्रुव सिंह, नगला भुस।


युवा पीढ़ी इस हालात में कैसे पलायन न करे। यही वजह है कि बड़े होते ही बच्चे बड़े शहरों की ओर रुख करते हैं। जब यहां विकास दिखाई देगा तो यहीं रहकर काम धंधा करेंगे।

तरुण, नगला भुस।




नए सीमांकन में शामिल हुए गांवों में भी सफाई कराई जा रही है। विकास कार्य भी हो रहे हैं। नगला भुस के लोगों की यदि कोई समस्या है तो उसे दूर कराया जाएगा।

रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका
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