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Aligarh News: प्रभारी मंत्री ने तलब की रिपोर्ट..कैसे लगी नगर निगम को साढ़े पांच अरब की चपत

Wed, 08 Feb 2023 08:16 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Feb 2023 08:16 PM IST
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How the Municipal Corporation hit by five and a half billion
नगर निगम के कार्यों की पिछले दो वर्ष के ऑडिट में साढ़े पांच अरब की चपत का मुद्दा मंगलवार को प्रभारी मंत्री के समक्ष उठा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने बसपा के मेयर काल में हुए कार्यों और उन पर उठे सवालों पर उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। इस पर प्रीाारी मंत्री ने पूरा ब्योरा तलब किया है और सवाल यह भी खड़ा हुआ है कि इन ऑडिट आपत्तियों के साथ साथ उन 3146 आपत्तियों पर भी जवाब दिया जाए, जिनका आज तक जवाब नहीं दिया गया।
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नगर निगम की वर्ष 2019-20 व 2020-21 की ऑडिट में ऑडिट विभाग की ओर से 102 पेज की रिपोर्ट दी गई है। कार्यों की समीक्षा करते हुए करीब साढ़े पांच करोड़ की चपत का अंदेशा ऑडिट में जताया गया है। इसमें कुल 35 बिंदुओं पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसे लेकर विधायक अनिल पाराशर, पूर्व विधायक संजीव राजा, एमएलसी डा. मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रभारी मंत्री से कहा कि निगम ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
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इसमें शहर की सफाई व्यवस्था के लिए एटूजेड कंपनी से हुए करार के एवज में बड़ी मात्रा में अनियमित भुगतान किया गया। जिसमें ई रिक्शा में डीजल व स्कूटरों के नंबरों के बिल सिल्ट उठाने में लगाकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। प्रभारी मंत्री ने इस मामले में पूरा ब्योरा तलब किया है। साथ में ऑडिट रिपोर्ट को देखकर यह भी कहा कि पूर्व की आपत्तियों पर आज तक जवाब क्यों नहीं दिया गया।
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गार्ड-गनमैन तैनाती पर खर्च किए लाखों रुपये
जनप्रतिनिधियों की ओर से ऑडिट रिपोर्ट मंत्री के समक्ष रखते उदाहरण पेश किया कि यहां गार्ड व गनमैन तैनाती के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए। सवाल उठाया कि रैन बसेरा सर्दियों में बनता है, मगर यहां वर्ष भर गार्ड रख लिए गए। सफाई मशीन व गौशाला पर भी सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए।

ऑडिट रिपोर्ट दिखाते हुए बताया कि निगम द्वारा मैं. फाइव स्टार सिक्योरिटी से सिक्योरिटी गार्ड व गनमैनों की सेवाएं लेकर अनियमित रूप से 28 लाख का व्यय अमान्य व औचित्यहीन रूप से किया। वहां पर न तो कोई आवश्यकता था और न ही निगम की कोई सम्पत्ति ऐसी थी। जिसकी सुरक्षा के लिए इनकी आवश्यकता थी। इनमें मेयर आवास पर 3 गनमैन, अंबेडकर पार्क पर दो गार्ड, नगरायुक्त आवास पर दो गार्ड व एक गनमैन, गौशाला पर दो गार्ड, गांधीपार्क रैन बसेरा पर दो गार्ड, सफाई मशीन पर दो गार्ड, सेल्टर होम पर चार गार्ड तैनात क्यों किए गए।

ये उठाए गए हैं सवाल
जब मेयर व नगरायुक्त को पुलिस सुरक्षा रहती है तो अलग से गार्ड व गनमैन की क्या जरूरत।
पार्क व गौशाला में गार्ड लगाने का क्या औचित्य। आखिर यहां क्या नुकसान होने का डर था।
सफाई मशीन की सुरक्षा के लिए गार्ड लगाने का क्या औचित्य था, जबकि कैंपस में सुरक्षा है।
सिर्फ सर्दियों में चलने वाले आश्रय स्थलाें पर वर्ष भर किस वजह से गार्ड तैनात किए गए हैं।
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