ब्लड चढ़ाते ही मासूम ने तोड़ा दम..हंगामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़। मलखान सिंह जिला अस्पताल के वार्ड नंबर नौ में दुपहर से इलाज पा रही गभाना की चार साल की अफरा की देर रात मौत पर भड़के परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। परिजनों का आरोप था कि इंटर्न के सहारे ही इलाज मिल रहा था, कोई अनुभवी डॉक्टर देखने ही नहीं आया। देर रात परिजन बच्ची के शव को लेकर सीएमएस के आवास के आवास पर पहुंच गए थे और हंगामा जारी था।
गभाना कस्बे के रहने वाले मुत्तियाज की चार साल की बेटी अफरा के शरीर पर सूजन की शिकायत थी। कस्बे में सीएचसी पर भी दिखाया गया था। वहां से बड़े अस्पताल में इलाज की सलाह दी गई तो परिजन दुपहर करीब दो बजे यहां लेकर आए। इमरजेंसी से बच्ची को वार्ड नंबर नौ में भरती कर दिया गया। जहां इंटर्न की मदद से बच्ची को चार बजे से ब्लड चढ़ाना शुरू किया गया। खुद बच्ची के पिता ने ही उसके लिए ब्लड दिया। इसके बाद देर रात बच्ची की मौत हो गई।
इस दौरान न तो कोई डॉक्टर देखने आया और न मौत के बाद ही कोई सुधि ली गई। इस पर भड़के परिजनों ने वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया और वहां से शव लेकर सीएमएस आवास पर पहुंच गए। हालांकि मौजूद स्टाफ उन्हें समझाने का प्रयास कर रहा था। मगर वह अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर रहे थे।
अंदर से सीएमएस द्वारा दरवाजा ही नहीं खोला जा रहा था। देर रात समाचार लिखे जाने तक पीड़ित ने सीधे पुलिस को फोन मिला दिया था। परिजन बच्ची के शव को लेकर सीएमएस के दरवाजे पर बैठे थे।