{"_id":"d9c395fe8313243cf593eaa709087192","slug":"history-made-in-a-day-65-thousand-cases-handled-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" रचा इतिहासः एक दिन में निपटे 65 हजार मुकदमे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रचा इतिहासः एक दिन में निपटे 65 हजार मुकदमे
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Sun, 13 Dec 2015 01:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेले सरीखा माहौल था शनिवार को दीवानी न्यायालय में। मौका था राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित मेगा राष्ट्रीय लोक अदालत का।
इस आयोजन में स्थानीय स्तर पर फिर इतिहास रचा गया। आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कुल 65 हजार मुकदमे निस्तारित किए गए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की लोक अदालत से 27 हजार अधिक रहा।
पिछले वर्ष मात्र 38 हजार मुकदमे निस्तारित हुए थे। इस दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायाधीश सुधीर कुमार सक्सेना व जिला जज यूसी श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से एडीआर भवन में फीता काटकर अदालत का शुभारंभ किया।
इस दौरान हाईकोर्ट से आए न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना, जिला जज यूसी श्रीवास्तव, विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/एसीजेएम संजय चौधरी व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
विज्ञापन
इस दौरान जिला जज यूसी श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत या जनता की अदालत ऐसी व्यवस्था है जहां पक्षकार स्वयं अपना फैसला करते हैं। पीठासीन अधिकारी मात्र सुलह में सहायता करता है।
इस फैसले को कानूनी मान्यता होती है। इस दौरान दिन में वादकारियों, अधिवक्ताओं तक को भोजन व्यवस्था कराई गई। दीवानी में पांचों गेटों सहित 7 जगहों पर पूछताछ केंद्र बनाए गए और पुलिस की मोबाइल टीम भी भीड़ को देखते हुए तैनात रहीं।
एसीजेएम/सचिव संजय चौधरी के अनुसार देर रात तक विभिन्न न्यायालयों से मुकदमे निस्तारण के आंकड़े आना जारी हैं। हमें उम्मीद है कि हम कहीं न कहीं महत्वपूर्ण स्थान पाएंगे।
इस दौरान दोपहर में डीएम डॉ.बलकार सिंह, एसएसपी जे रविंदर गौड़, एसपी यातायात अरुण कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम आदि भी आए और दीवानी परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
विज्ञापन
इस आयोजन में स्थानीय स्तर पर फिर इतिहास रचा गया। आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कुल 65 हजार मुकदमे निस्तारित किए गए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की लोक अदालत से 27 हजार अधिक रहा।
पिछले वर्ष मात्र 38 हजार मुकदमे निस्तारित हुए थे। इस दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायाधीश सुधीर कुमार सक्सेना व जिला जज यूसी श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से एडीआर भवन में फीता काटकर अदालत का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
इस दौरान हाईकोर्ट से आए न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना, जिला जज यूसी श्रीवास्तव, विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/एसीजेएम संजय चौधरी व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
विज्ञापन
इस दौरान जिला जज यूसी श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत या जनता की अदालत ऐसी व्यवस्था है जहां पक्षकार स्वयं अपना फैसला करते हैं। पीठासीन अधिकारी मात्र सुलह में सहायता करता है।
इस फैसले को कानूनी मान्यता होती है। इस दौरान दिन में वादकारियों, अधिवक्ताओं तक को भोजन व्यवस्था कराई गई। दीवानी में पांचों गेटों सहित 7 जगहों पर पूछताछ केंद्र बनाए गए और पुलिस की मोबाइल टीम भी भीड़ को देखते हुए तैनात रहीं।
एसीजेएम/सचिव संजय चौधरी के अनुसार देर रात तक विभिन्न न्यायालयों से मुकदमे निस्तारण के आंकड़े आना जारी हैं। हमें उम्मीद है कि हम कहीं न कहीं महत्वपूर्ण स्थान पाएंगे।
इस दौरान दोपहर में डीएम डॉ.बलकार सिंह, एसएसपी जे रविंदर गौड़, एसपी यातायात अरुण कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम आदि भी आए और दीवानी परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।