{"_id":"62e1975180fe717d7641f903","slug":"hepatitis-day-many-forms-of-hepatitis-disease-can-be-avoided-with-caution-aligarh-news-ali296962178","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेपेटाइटिस दिवस : हेपेटाइटिस बीमारी के कई रूप, सावधानी से रह सकते हैं दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेपेटाइटिस दिवस : हेपेटाइटिस बीमारी के कई रूप, सावधानी से रह सकते हैं दूर
विज्ञापन
भागम - भाग भरी जिंदगी, बेवक्त खाना खाने सहित अन्य वजहों से हेपेटाइटिस बीमारी की जद में लोग आ रहे हैं। ऐसे में हेपेटाइटिस बीमारी के अलग-अलग रूप है, इनमें हेपेटाइटिस ए दूषित पानी से यकृत में फैलने वाला संक्रमण है, जबकि हेपेटाइटिस बी और सी खून से पैदा होने वाला संक्रमण । हेपेटाइटिस बी की खोज करने वाले बीएस ब्लूमबर्ग का जन्म 28 जुलाई को हुआ था, उन्हीं की याद में इस दिन को विश्व में हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हैदर हुसैनी ने बताया कि उनके विभाग में हेपेटाइटिस ए, बी, सी और डी का उपचार किया जाता है। हेपेटाइटिस ए से ग्रस्त मरीजों की संख्या सबसे अधिक होती है। एक महीने में औसतन 50 मरीज हेपेटाइटिस बी और सी के आते हैं। महानगर में अंग्रेजी हुकूमत के दौर में पड़ी पाइप लाइन जर्जर हो चुकी है, जिससे पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा है।
डॉ. विकास मेहरोत्रा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी से हर साल तकरीबन 1.5 लाख लोगों की मौत होती है। हेपेटाइटिस बी से बचने के लिए टीका मौजूद है। हेपेटाइटिस संक्रमण के फैलने की वजह असुरक्षित खून और इंजेक्शन या फिर इस्तेमाल की गई सीरिंज के इस्तेमाल को माना जाता है। मां से उसके नवजात बच्चे में भी संक्रमण पहुंच जाता है। हेपेटाइटिस बी और सी क्रॉनिक होते हैं।
विज्ञापन
ये हैं लक्षण
क्रॉनिक हेपेटाइटिस से हर समय थकावट महसूस करना, जोड़ों में दर्द होना, बुखार होना, भूख का कम लगना, पेट में दर्द रहना। आंखों में पीलापन है या पेशाब का रंग पीला है तो चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
बीमारी से बचने के उपाय
-खाने से पहले हाथ को अच्छी तरह से धोएं।
-साफ -सफाई का ख्याल रखें, फल धोकर खाएं।
-टीका लगवाकर इस बीमारी से बच सकते हैं।
विज्ञापन
जेएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हैदर हुसैनी ने बताया कि उनके विभाग में हेपेटाइटिस ए, बी, सी और डी का उपचार किया जाता है। हेपेटाइटिस ए से ग्रस्त मरीजों की संख्या सबसे अधिक होती है। एक महीने में औसतन 50 मरीज हेपेटाइटिस बी और सी के आते हैं। महानगर में अंग्रेजी हुकूमत के दौर में पड़ी पाइप लाइन जर्जर हो चुकी है, जिससे पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा है।
विज्ञापन
डॉ. विकास मेहरोत्रा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी से हर साल तकरीबन 1.5 लाख लोगों की मौत होती है। हेपेटाइटिस बी से बचने के लिए टीका मौजूद है। हेपेटाइटिस संक्रमण के फैलने की वजह असुरक्षित खून और इंजेक्शन या फिर इस्तेमाल की गई सीरिंज के इस्तेमाल को माना जाता है। मां से उसके नवजात बच्चे में भी संक्रमण पहुंच जाता है। हेपेटाइटिस बी और सी क्रॉनिक होते हैं।
विज्ञापन
ये हैं लक्षण
क्रॉनिक हेपेटाइटिस से हर समय थकावट महसूस करना, जोड़ों में दर्द होना, बुखार होना, भूख का कम लगना, पेट में दर्द रहना। आंखों में पीलापन है या पेशाब का रंग पीला है तो चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
बीमारी से बचने के उपाय
-खाने से पहले हाथ को अच्छी तरह से धोएं।
-साफ -सफाई का ख्याल रखें, फल धोकर खाएं।
-टीका लगवाकर इस बीमारी से बच सकते हैं।