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Aligarh News: हड़ताल का असर..डीडीयू का आईसीयू फुल-अल्ट्रासाउंड छोड़कर भागा डॉक्टर

Sat, 09 May 2026 02:52 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 02:52 AM IST
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he impact of the strike... The doctor fled leaving DDU's ICU full-ultrasound
मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को देखते डॉक्टर।  - फोटो : samvad
जेएन मेडिकल कॉलेज की हड़ताल का सीधा असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। शुक्रवार को दीनदयाल अस्पताल में सबसे ज्यादा मारामारी के हालात रहे। एक तरफ यहां का आईसीयू वार्ड फुल हो गया है। वहीं मरीजों की भीड़ और नोकझोंक के चलते अल्ट्रासाउंड कक्ष से डॉक्टर दोपहर में काम छोड़कर भाग गया। वहीं ओपीडी में भी भीड़ के चलते मारामारी के हालात रहे। कमोबेश यही हालात जिला अस्पताल के हैं।
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मेडिकल कॉलेज की हड़ताल का शुक्रवार को चौथा दिन है। अब तक जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में हालात सामान्य बने हुए थे। मगर बृहस्पतिवार रात से यहां भीड़ बढ़ने लगी है। गर्मी जनित रोगों में बुखार, हेडेक व डायरिया के साथ-साथ सीओपीडी के मरीज अधिक आ रहे हैं।
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शुक्रवार सुबह होते होते ओपीडी में मारामारी के हालात हो गए। यहां एक बुजुर्ग ओपीडी, एक अमरनाथ यात्रियों के पंजीकरण की ओपीडी व एक सामान्य ओपीडी लगी थी। तीनों के आगे भारी भीड़ हो गई। दिन भर की ओपीडी में 1900 करीब मरीजों ने उपचार लिया। इसी तरह इमरजेंसी में दिन भर में सामान्य दिनों में 35 करीब मरीज आते हैं, जबकि अब 70 से 100 तक मरीज आ रहे हैं। यहां भी तीन-तीन जेआर अतिरिक्त लगाकर उपचार की व्यवस्था कराई गई। दोपहर दो बजे तक इमरजेंसी के जरिये 50 से अधिक मरीज भर्ती किए गए थे। शुक्रवार दोपहर तक दीनदयाल अस्पताल में कुल 200 से अधिक मरीज भर्ती थे, जबकि 20 मरीज आईसीयू में भर्ती होने के कारण आईसीयू वार्ड फुल हो गया। कुल मिलाकर यहां दिनभर मारामारी के हालात बने रहे।
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सीएमएस डाॅ. एमके माथुर का कहना है कि शुक्रवार से मेडिकल कॉलेज की हड़ताल का यहां असर दिखा है। अब शनिवार से व्यवस्थाएं और अतिरिक्त की जाएंगी। हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं है। जेआर डॉक्टर भी पर्याप्त हैं। इधर, जिला अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की सुबह से भीड़ रही।


इस दौरान गंभीर रोग से पीड़ित मरीज ज्यादा परेशान रहे। इन्हीं में शामिल चंडौस के जगदीश शर्मा को गले में गांठ की बीमारी पर लाया गया। जिन्हें बाद में डॉक्टरों ने किसी निजी अस्पताल में दिखाने की सलाह देकर वापस कर दिया। इसी तरह अतरौली की शबाना को ब्लड चढ़ना था। उसके लिए भी हालत गंभीर होने पर वापस कर दिया गया। सीएमएस डा. जगवीर वर्मा कहते हैं कि हम आने वाले अधिकांश मरीजों को उपचार दे पा रहे हैं। गंभीर मरीजों को वापस करना पड़ रहा है।


पहले नंबर के चक्कर में भिड़े मरीज, भागा डॉक्टर
दीनदयाल अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में दोपहर को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी लाइन लगी थी। इसी में एक जिरौली धूम सिंह की एक महिला जो पहले से अस्पताल में ही भर्ती थी। उसने खुद का नंबर पहले लेने के लिए एक अन्य मरीज से नोकझोंक कर दी। बाद में वह डॉक्टर पर ही बिफर गई। इससे वहां धक्कामुक्की के हालात बनने पर डॉक्टर काम छोड़कर भाग गया। इसके चलते काफी देर तक वहां काम बंद रहा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर काम शुरू किया गया।
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