जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों का तहसीलों के माध्यम से 30 जुलाई तक भूलेख का अंकन होगा। उन्होंने साफ किया कि भूलेख पोर्टल पर सभी लाभार्थियों का लेखा-जोखा दर्ज किया जाएगा, ताकि अपात्रों का इसका लाभ न मिल सके।
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम ने कहा कि लेखपाल सत्यापन एवं अंकन सही तरीके से करें, ताकि सम्मान राशि पात्र लाभार्थी को प्राप्त हो। उप निदेशक कृषि यशराज सिंह ने बताया कि 11 जुलाई को संबंधित तहसील के लेखपालों को कृषि विभाग के स्तर से किसानों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। रिक्त स्थानों में कृषकों की खतौनी संख्या एवं दायरा के प्रकार की तिथि का अंकन करने के साथ ही कृषकों के मृतक होने, भूमिहीन अथवा अन्य प्रकार से अपात्र होने की दशा को भी अंकित कराया जाएगा। लेखपाल एवं तकनीक सहायक सत्यापन करेंगे। डीएम ने कहा कि यह कार्य समयबद्धता के साथ पूर्ण करना है। लापरवाही पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया कि वह सभी तहसीलों में एक-एक कंप्यूटर ऑपरेटर उपलब्ध कराएं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट समेत सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल आदि मौजूद रहे।