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हाथरस: आरोपियों ने जेल से लिखी चिट्ठी- लड़की को उसके मां-भाई ने मारा, हमारी दोस्ती उन्हें नहीं थी पसंद
Thu, 08 Oct 2020 10:43 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 08 Oct 2020 10:43 AM IST
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आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस केस में आए दिन नए मोड़ आ रहे हैं। इसी बीच आरोपियों ने जेल से कुछ ऐसा किया है जो सुर्खियों में आ गया है। हाथरस केस के चारों आरोपियों ने जेल से पुलिस अधीक्षक(एसपी) को चिट्ठी भेजी है। इसमें आरोपियों ने कहा है कि वह निर्दोष हैं और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए वह चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो। आरोपी संदीप का यह भी कहना है कि लड़की को उसके घरवालों ने ही मारा है।
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आरोपी संदीप ने अपने खत में लिखा है कि मुझपर जो आरोप लगाए गए हैं वह झूठे हैं। मेरे रिश्तेदार रवि और रामू को भी फंसाया गया। साथ ही लवकुश का नाम भी डाला गया है। हम चारों निर्दोष हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। जहां तक उस लड़की की बात है तो वह मेरे गांव की रहने वाली थी और उससे मेरी दोस्ती थी। मुलाकात के साथ ही मेरी उससे कभी-कभी फोन पर बात हो जाती थी।
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आरोपी ने चिट्ठी में ये भी लिखा है कि उसके घरवालों को हमारी दोस्ती पसंद नहीं थी। घटना के दिन उससे मेरी मुलाकात खेत में हुई थी और उस वक्त उसके साथ उसकी मां और भाई थे। इसके बाद मैं अपने घर चला गया था और पशुओं को पानी पिलाने लगा।
बाद में मुझे गांववालों से पता चला कि उसकी मां और उसके भाई ने हमारी दोस्ती को लेकर लड़की को बुरी तरह पीटा था जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं और उसने बाद उसने दम तोड़ दिया। मैंने कभी भी उसके साथ मारपीट व गलत काम नहीं किया। इस मामले में लड़की की मां व भाई ने मुझे और तीन अन्य लोगों को झूठे आरोप में फंसा कर जेल भिजवा दिया। हम सभी लोग निर्दोष हैं, हमें न्याय दिलाएं।
जेल अधीक्षक आलोक सिंह के अनुसार, जेल मैनुअल के अनुसार किसी भी बंदी को जेल से बाहर चिट्ठी भेजने का अधिकार है। कल दोपहर में यह चिट्ठी लिफाफा बंद कराकर उपलब्ध कराई गई जो शाम तक हाथरस के एसपी को दी गई।