Harsha Richhariya: इगलास पहुंचीं हर्षा रिछारिया, बोलीं- युवाओं को सनातन से जोड़ने के लिए शुरू की पदयात्रा
कुंभ में मॉडल से साध्वी वेश में सुर्खिया बटोरने वालीं हर्षा रिछारिया की पदयात्रा 15 अप्रैल दोपहर डेढ़ बजे इगलास राधा-कृष्ण मंदिर स्थित धर्मशाला पर पहुंची।
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14 अप्रैल को वृंदावन से संभल के लिए शुरू की गई हर्षा रिछारिया की पदयात्रा 15 अप्रैल को इगलास पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने बताया कि भगवान शिव उनके अराध्य हैं। उन्होंने कब हरि से जोड़ दिया, मुझे इसका पता नहीं लगा। सनातन से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से यह यात्रा शुरू की गई है।
कुंभ में मॉडल से साध्वी वेश में सुर्खिया बटोरने वालीं हर्षा रिछारिया की पदयात्रा 15 अप्रैल दोपहर डेढ़ बजे इगलास राधा-कृष्ण मंदिर स्थित धर्मशाला पर पहुंची। यहां उन्होंने दोपहर से शाम 05:15 बजे तक विश्राम किया और इसके बाद फिर से पदयात्रा प्रारंभ कर दी।
इस दौरान उन्होंने बताया कि संभल तक 185 किलोमीटर की पदयात्रा करने के पीछे युवाओं को सनातन से जोड़ना, उन्हें धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक व नशा मुक्त भारत के लिए पहल करना है। यात्रा के माध्यम से वह संदेश दे रही है कि परिजन युवाओं को संस्कार दें, जिससे वृद्धआश्रमों में भीड़ कम हो सके। वह 21 अप्रैल को संभल पहुंचकर प्राचीन कल्कि मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना और हरि संकीर्तन कर यात्रा का समापन करेंगी। उन्होंने बताया कि पहली बार पदयात्रा कर रही हैं, भीषण गर्मी है।
पदयात्रा में मंहत श्री रघुनाथ जी रघुनाथ मंदिर अटल्ला चुंगी, महंत अजयनाथ गोरक्ष पीठ, रामदास व बलरामदास, रॉकी तोमर वृंदावन के साथ ही कई संत, महंत, महामंडलेश्वर शामिल हैं।
इससे पहले 14 अप्रैल को हाथरस के सासनी में मथुरा रोड पर पदयात्रा ने रात्रि विश्राम किया। यहां शिव कुमार सोनी, रवि सोनी रोटी बैंक सामाजिक संस्था के सदस्यों ने यात्रा का स्वागत किया। कस्बा इगलास में पहुंचने पर विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ताओं के साथ दिनेश चंद्र सिंघल, छोटे लाल सिंघल, बनबारीलाल, टीटू, सोनू बंसल, राजकुमार अग्रवाल, मोरमुकुट व माधव प्रसाद अग्रवाल आदि ने स्वागत किया।