{"_id":"6930a1134f6499990c0ff906","slug":"harduaganj-road-and-water-problems-in-new-settlements-aligarh-news-c-2-1-ali1021-852392-2025-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदुआगंज: नई बस्तियों में सड़क-पानी की समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदुआगंज: नई बस्तियों में सड़क-पानी की समस्या
विज्ञापन
नई बस्ती भीमनगर में कच्ची सड़क। संवाद
- फोटो : samvad
नगर पंचायत हरदुआगंज के वाशिंदे मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। नई बस्तियों में पेयजल-सड़क की समस्या है। गंदगी से भी जूझना पड़ता है। कस्बा का मुख्य बाजार अतिक्रमण की चपेट में है। बंदर और कुत्तों का आतंक बना हुआ है, जिससे लोगों का निकलना भी दूभर है।
नगर पंचायत क्षेत्र में बीते करीब डेढ़ दशक में कस्बे के बाहरी इलाकों में विकसित हुई नई बस्तियों की गालियां कच्ची हैं। बरसात के दिनों में गलियों में पानी भर जाता है, नाली नहीं होने फिसलन रहती है। नई बस्ती भीमनगर के वाशिंदों का कहना है कि 10-12 वर्ष से मकान बनाकर रह रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत से कोई सुविधा नहीं मिल रही। गंदगी व्याप्त रहती है। खुद साफ सफाई करनी पड़ती है, लेकिन टैक्स पूरा लिया जाता है। इन बस्तियों में पेयजल की लाइन न होने से पेयजल की आपूर्ति भी नहीं होती, जबकि पिछले दिनों पेयजल के बिना लोगों के पास बिल पहुंचे तो कई वार्ड सदस्यों ने इसको लेकर विरोध जताया, रैली निकालकर ज्ञापन भी दिया लेकिन समस्या जस की तस है।
मुख्य बाजार में अतिक्रमण
कस्बा का मुख्य बाजार अतिक्रमण की गिरफ्त में है, ढाई से तीन फीट की स्लैब निकालने के अलावा तीन-चार फीट के तख्त डालकर बाजार को संकरा बना दिया है। यही हाल बुढ़ासी रोड का है, जहां से वाहनों को निकलने और मुड़ने में भी आए दिन परेशानी होती है। हाईवे पर भी सड़क के सहारे बाजार लगा रहता है।
विज्ञापन
बंदर-कुत्तों से लोग परेशान
कस्बे में बंदरों और कुत्तों का आतंक बना हुआ है। अनाज मंडी के निकट रामघाट रोड किनारे लगने वाली चिकन-बिरयानी की ढकेलों के पास कुत्ते जमा हो जाते हैं, जिनके सड़क पर आने से हादसे होने का डर बना रहता है। बंदरों की वजह से लोगों को घरों में कैद रहना पड़ता है। इनसे सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
-इनका कहना है-
-बुढ़ासी पर अतिक्रमण व्याप्त है। एंबुलेंस को भी जाम से जूझना पड़ता है, कोई टोके तो दुकानदार झगड़ा करते हैं। दीपक शर्मा, बौहरान
-बंदरों के डर से घर की छतों से लेकर गलियों तक में बच्चों को अकेला नहीं भेजते। मन में खौफ बना रहता है। भावना शर्मा, बगीची
-रामघाट रोड किनारे से अंडे-बिरयानी की ढकेलों के पास कुत्तों के सड़कों पर आने से हादसे होते रहते हैं। निखिल माहेश्वरी, बौहरान
-पाइप लाइन के संबंध में जानकारी मांगी, नहीं दी बिना पानी दिए बिल थमा दिए, टैक्स वसूली नाजायज है।आशीष कुमार, अहीरपाड़ा
-दस साल से नई बस्ती भीमनगर में रह रहा हूं, सड़क बनवाने को सभी से मांग की है लेकिन सुनवाई नहीं हुई। राजपाल चौहान, भीमनगर
-बंदरों की नसबंदी करके इनकी जनसंख्या को नियंत्रित किया जा सकता है, वरना दूसरा कोई हल दिखाई नहीं देता। गौरांक अग्रवाल
-बाजार में अतिक्रमण के चलते जाम सरीखे हालत बने रहते हैं, रामघाट रोड पर भी पूरा अतिक्रमण का शिकार है। चेतन शर्मा बौहरे
-बैरामगढ़ी से हरदुआ गांव की तरफ मुड़ते ही सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर गंदगी और दुर्गंध रहती है। भारत सिंह, जहांगीराबाद
एक नजर में नगर पंचायत
आबादी 20000
मकान 3213
वार्ड 11
मोहल्ला 11
जलकर 60 हजार (वार्षिक)
गृहकर 15 लाख (वार्षिक)
नई बस्ती भीमनगर की सड़कों की डीपीआर और नई पेयजल लाइन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। अतिक्रमण के संबंध में चेयरमैन से बात कर पुलिस टीम लेकर अतिक्रमण हटाया जाएगा, गंदगी की कोई शिकायत नहीं है, यदि कहीं होगी तो साफ सफाई करा दी जाएगी। प्रवीण कुमार, अधिशासी अधिकारी हरदुआगंज
विज्ञापन
नगर पंचायत क्षेत्र में बीते करीब डेढ़ दशक में कस्बे के बाहरी इलाकों में विकसित हुई नई बस्तियों की गालियां कच्ची हैं। बरसात के दिनों में गलियों में पानी भर जाता है, नाली नहीं होने फिसलन रहती है। नई बस्ती भीमनगर के वाशिंदों का कहना है कि 10-12 वर्ष से मकान बनाकर रह रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत से कोई सुविधा नहीं मिल रही। गंदगी व्याप्त रहती है। खुद साफ सफाई करनी पड़ती है, लेकिन टैक्स पूरा लिया जाता है। इन बस्तियों में पेयजल की लाइन न होने से पेयजल की आपूर्ति भी नहीं होती, जबकि पिछले दिनों पेयजल के बिना लोगों के पास बिल पहुंचे तो कई वार्ड सदस्यों ने इसको लेकर विरोध जताया, रैली निकालकर ज्ञापन भी दिया लेकिन समस्या जस की तस है।
विज्ञापन
मुख्य बाजार में अतिक्रमण
कस्बा का मुख्य बाजार अतिक्रमण की गिरफ्त में है, ढाई से तीन फीट की स्लैब निकालने के अलावा तीन-चार फीट के तख्त डालकर बाजार को संकरा बना दिया है। यही हाल बुढ़ासी रोड का है, जहां से वाहनों को निकलने और मुड़ने में भी आए दिन परेशानी होती है। हाईवे पर भी सड़क के सहारे बाजार लगा रहता है।
विज्ञापन
बंदर-कुत्तों से लोग परेशान
कस्बे में बंदरों और कुत्तों का आतंक बना हुआ है। अनाज मंडी के निकट रामघाट रोड किनारे लगने वाली चिकन-बिरयानी की ढकेलों के पास कुत्ते जमा हो जाते हैं, जिनके सड़क पर आने से हादसे होने का डर बना रहता है। बंदरों की वजह से लोगों को घरों में कैद रहना पड़ता है। इनसे सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
-इनका कहना है-
-बुढ़ासी पर अतिक्रमण व्याप्त है। एंबुलेंस को भी जाम से जूझना पड़ता है, कोई टोके तो दुकानदार झगड़ा करते हैं। दीपक शर्मा, बौहरान
-बंदरों के डर से घर की छतों से लेकर गलियों तक में बच्चों को अकेला नहीं भेजते। मन में खौफ बना रहता है। भावना शर्मा, बगीची
-रामघाट रोड किनारे से अंडे-बिरयानी की ढकेलों के पास कुत्तों के सड़कों पर आने से हादसे होते रहते हैं। निखिल माहेश्वरी, बौहरान
-पाइप लाइन के संबंध में जानकारी मांगी, नहीं दी बिना पानी दिए बिल थमा दिए, टैक्स वसूली नाजायज है।आशीष कुमार, अहीरपाड़ा
-दस साल से नई बस्ती भीमनगर में रह रहा हूं, सड़क बनवाने को सभी से मांग की है लेकिन सुनवाई नहीं हुई। राजपाल चौहान, भीमनगर
-बंदरों की नसबंदी करके इनकी जनसंख्या को नियंत्रित किया जा सकता है, वरना दूसरा कोई हल दिखाई नहीं देता। गौरांक अग्रवाल
-बाजार में अतिक्रमण के चलते जाम सरीखे हालत बने रहते हैं, रामघाट रोड पर भी पूरा अतिक्रमण का शिकार है। चेतन शर्मा बौहरे
-बैरामगढ़ी से हरदुआ गांव की तरफ मुड़ते ही सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर गंदगी और दुर्गंध रहती है। भारत सिंह, जहांगीराबाद
एक नजर में नगर पंचायत
आबादी 20000
मकान 3213
वार्ड 11
मोहल्ला 11
जलकर 60 हजार (वार्षिक)
गृहकर 15 लाख (वार्षिक)
नई बस्ती भीमनगर की सड़कों की डीपीआर और नई पेयजल लाइन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। अतिक्रमण के संबंध में चेयरमैन से बात कर पुलिस टीम लेकर अतिक्रमण हटाया जाएगा, गंदगी की कोई शिकायत नहीं है, यदि कहीं होगी तो साफ सफाई करा दी जाएगी। प्रवीण कुमार, अधिशासी अधिकारी हरदुआगंज