GST Raid: अलीगढ़ में पकड़ी गई 27.10 करोड़ की जीएसटी चोरी, सब कुछ फर्जी, धरातल पर कुछ भी नहीं, दस्तावेज जब्त
कंपनी के दस्तावेजों में स्वर्ण जयंती नगर स्थित एक अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कार्यालय का उल्लेख था। कंपनी के रिटर्न की नियमित जांच के दौरान पाया गया कि उल्लिखित पते पर कोई फर्म संचालित नहीं हो रही है और वहां फर्जी तरीके से बिक्री दिखाई जा रही थी, जबकि वास्तव में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं चल रही थी।
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राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने 25 जून को स्वर्ण जयंती नगर स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में एवन सर्विसेस नामक कंपनी पर छापा मारकर 27.10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इस कंपनी ने बिना किसी वास्तविक खरीद के ही 27.10 करोड़ रुपये के माल की बिक्री दर्शाई थी, जिससे जीएसटी अधिकारी भी हैरान हैं।
शहर के पॉश इलाके में गुपचुप तरीके से चल रही इस कंपनी का पंजीकरण फलों के उत्पादों के नाम पर था, लेकिन मौके पर मिले फर्जी बिलों में आयरन की बिक्री दिखाई गई है। विभाग की टीम ने कंपनी से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। फिलहाल, कंपनी द्वारा की गई कुल कर चोरी का आकलन किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्जी फर्म ने 8.97 करोड़ की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) भी अन्य फर्मों को हस्तांतरित की है। इसका अर्थ यह है कि वह दूसरी फर्जी फर्म इस धनराशि का जीएसटी में विभाग में दावा करेंगी। रकम हासिल करने का प्रयास करेंगी। हालांकि विभाग की कार्यवाही के अब यह संभव नहीं हो सकेगा।
जीएसटी एसआईबी की संयुक्त आयुक्त रश्मि सिंह राजपूत ने बताया कि कंपनी के दस्तावेजों में स्वर्ण जयंती नगर स्थित एक अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कार्यालय का उल्लेख था। कंपनी के रिटर्न की नियमित जांच के दौरान पाया गया कि उल्लिखित पते पर कोई फर्म संचालित नहीं हो रही है और वहां फर्जी तरीके से बिक्री दिखाई जा रही थी, जबकि वास्तव में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं चल रही थी। टीम में उपायुक्त अजीत प्रताप सिंह, सीटीओ सरन दीप सिंह, विनोद मिश्रा आदि शामिल रहे।
बोगस फर्म बना कर 27.10 करोड़ रुपये का माल बेचना दिखा दिया गया। खरीद का कुछ पता नहीं। मौके पर सब कुछ फर्जी। सभी बिल और दस्तावेज सीज कर दिए हैं। कर चोरी का निर्धारण कर नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।-रश्मि सिंह राजपूत, संयुक्त आयुक्त, जीएसटी, एसआईबी
सब कुछ फर्जी, धरातल पर कुछ भी नहीं
जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो वहां ऐसा कुछ नहीं मिला जो कोई कंपनी की झलक देता हो। वह एक सामान्य सा फ्लैट था। वहां पर जो कागज मिले उसे देखकर अधिकारी हैरान हो गए। सब कुछ फर्जी था। फ्रूट्स प्रोडक्ट के नाम पर जीएसटी नंबर लिया गया था जबकि कारोबार हाईरिस्क स्कोर वाली आयरन स्टील का दिखाया गया था। उसके भी बिल फर्जी थे।