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जाना, सुना और समझा... अब निर्णय क्या होगा?
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मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को जिले में कोविड की समीक्षा के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने शहर की तस्वीर को जाना, सुना और समझा। अब निर्णय क्या होगा, यह तो भविष्य के गर्त में है। मगर लोग एक टिप्पणी जरूर कर रहे हैं कि बिना पब्लिक से मिले समीक्षा का क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे एएमयू के हेलीपैड पर उतरे। इस दौरान कमिशभनर, डीआईजी, डीएम, एसएसपी और प्रभारी मंत्री ने उनकी अगवानी की। इसके बाद वे सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां किसी बाहरी को जाने की पाबंदी थी। यहां कुछ देर रुकने के बाद वे एएमयू पहुंचे। वहां भी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व एएमयू अधिकारियों के अलावा किसी बाहरी के जाने पर पाबंदी थी।
समीक्षा के बाद उन्होंने मीडिया को अपना संबोधन दिया। फिर वहां से सीधे देवसैनी गए। मगर गांव देवसैनी से पहले ही निजी बिल्डर द्वारा नवविकसित गोकुलेशपुरम में ही उन्हें रोक लिया गया। जहां एक दरवाजे पर होम आइसोलेशन संबंधी चर्चा कर वापस लौटे और वहां से सीधे हेलीपैड पर पहुंचकर मथुरा रवाना हो गए।
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इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट में कमांड सेंटर देखा, एएमयू में अधिकारियों से आंकड़े समझे और अपना संदेश दिया। फिर जनप्रतिनिधियों की बारी आई तो बहुत समय नहीं दे पाए। स्थलीय निरीक्षण भी एक दरवाजे तक ही रहा। बाद में जाते समय जरूर जनप्रतिनिधियों ने अपने पत्र उन्हें सौंपे। हालांकि कहा जा रहा है कि समीक्षा से संतुष्ट होकर गए हैं। मगर कहा जा रहा है कि अब इस समीक्षा पर क्या निर्णय होगा, यह बाद में पता चलेगा।
ठीक गुजरा दौरा, बस गांव में कम जांच पर हुए तल्ख
पूरे दौरे में मुख्यमंत्री स्तर से कहीं किसी तरह की नाराजगी या तल्खी की बात सामने नहीं आई है। पूरे समय वे सामान्य लहजे में ही बात करते दिखे। एक तो उन्होंने कमांड सेंटर में कम फोन होने पर उन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए और समीक्षा के दौरान गांव में कम जांच पर तल्खी दिखाते हुए उन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए।
सांसद ने बताया, वे खुद करते मरीजों से संपर्क
मुख्यमंत्री ने जब जनप्रतिनिधियों से संवाद किया तो कहा कि जिला प्रशासन अगर जनप्रतिनिधियों को मरीजों की सूची मुहैया कराए तो ये भी अपने स्तर से उनसे बातचीत करा सकते हैं। जानकारी ले सकते हैं। इस दौरान सांसद सतीश गौतम ने कहा कि उन्हें सीएमओ स्तर से सूची मुहैया कराई जाती है।
वे खुद और उनकी टीम होम आइसोलेट मरीजों से संपर्क करते हैं। उनकी समस्याओं और सुविधाओं पर बात करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सांसद द्वारा किए जा रहे कार्य पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि सांसद उनसे यहां की समस्याओं को लेकर परस्पर संपर्क में रहते हैं।
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मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे एएमयू के हेलीपैड पर उतरे। इस दौरान कमिशभनर, डीआईजी, डीएम, एसएसपी और प्रभारी मंत्री ने उनकी अगवानी की। इसके बाद वे सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां किसी बाहरी को जाने की पाबंदी थी। यहां कुछ देर रुकने के बाद वे एएमयू पहुंचे। वहां भी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व एएमयू अधिकारियों के अलावा किसी बाहरी के जाने पर पाबंदी थी।
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समीक्षा के बाद उन्होंने मीडिया को अपना संबोधन दिया। फिर वहां से सीधे देवसैनी गए। मगर गांव देवसैनी से पहले ही निजी बिल्डर द्वारा नवविकसित गोकुलेशपुरम में ही उन्हें रोक लिया गया। जहां एक दरवाजे पर होम आइसोलेशन संबंधी चर्चा कर वापस लौटे और वहां से सीधे हेलीपैड पर पहुंचकर मथुरा रवाना हो गए।
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इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट में कमांड सेंटर देखा, एएमयू में अधिकारियों से आंकड़े समझे और अपना संदेश दिया। फिर जनप्रतिनिधियों की बारी आई तो बहुत समय नहीं दे पाए। स्थलीय निरीक्षण भी एक दरवाजे तक ही रहा। बाद में जाते समय जरूर जनप्रतिनिधियों ने अपने पत्र उन्हें सौंपे। हालांकि कहा जा रहा है कि समीक्षा से संतुष्ट होकर गए हैं। मगर कहा जा रहा है कि अब इस समीक्षा पर क्या निर्णय होगा, यह बाद में पता चलेगा।
ठीक गुजरा दौरा, बस गांव में कम जांच पर हुए तल्ख
पूरे दौरे में मुख्यमंत्री स्तर से कहीं किसी तरह की नाराजगी या तल्खी की बात सामने नहीं आई है। पूरे समय वे सामान्य लहजे में ही बात करते दिखे। एक तो उन्होंने कमांड सेंटर में कम फोन होने पर उन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए और समीक्षा के दौरान गांव में कम जांच पर तल्खी दिखाते हुए उन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए।
सांसद ने बताया, वे खुद करते मरीजों से संपर्क
मुख्यमंत्री ने जब जनप्रतिनिधियों से संवाद किया तो कहा कि जिला प्रशासन अगर जनप्रतिनिधियों को मरीजों की सूची मुहैया कराए तो ये भी अपने स्तर से उनसे बातचीत करा सकते हैं। जानकारी ले सकते हैं। इस दौरान सांसद सतीश गौतम ने कहा कि उन्हें सीएमओ स्तर से सूची मुहैया कराई जाती है।
वे खुद और उनकी टीम होम आइसोलेट मरीजों से संपर्क करते हैं। उनकी समस्याओं और सुविधाओं पर बात करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सांसद द्वारा किए जा रहे कार्य पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि सांसद उनसे यहां की समस्याओं को लेकर परस्पर संपर्क में रहते हैं।